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GST में नई व्यवस्था के तहत 19 श्रेणी के उत्पादों पर ई-वे बिल जरूरी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 21 Dec 2017 12:00 AM IST
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जीएसटी में नई व्यवस्था के तहत अब सामान की ढुलाई के वक्त 17 श्रेणी के उत्पादों के लिए ई-वे 2बिल रखना अनिवार्य होगा। निर्बाध परिवहन के लिए यह बिल पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से जेनरेट होगा।
वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर (एसआइबी) वीके शुक्ला ने बताया कि 50 हजार रुपये से अधिक का माल प्रांत के अंदर एक स्थान से दूसरे स्थान तक अथवा प्रांत के बाहर माल भेजने पर जीएसटी से पंजीकृत व्यापारी या ट्रांसपोर्ट को ई-वे बिल 2 में माल की घोषणा करनी होगी।
सामान की ढुलाई के समय ई-वे बिल रखना जरूरी है। इसे जीएसटी नेटवर्क के कॉमन पोर्टल पर बनाया जा सकता है। ई-वे बिल 2 बनाने वाले आवेदक को एक नंबर आवंटित किया जाएगा। यह नंबर सामान के आपूर्तिकर्ता, प्राप्तकर्ता व ट्रांसपोर्टर को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि माल की ढुलाई के दौरान टैक्स इनवॉइस और डिलीवरी चालान भी रखना जरूरी है।
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इन उत्पादों पर लगेगा ई-वे बिल
मेंथा आयल, मेंथाल व डीएमओ, सुपाड़ी, लोहा, इस्पात तथा सभी प्रकार के खाद्य तेल व वनस्पति घी के अलावा सिगरेट, सिगार, खैनी, सुर्ती, तंबाकू उत्पाद, सभी प्रकार के लुब्रीकेंट, टायर, टयूब, कत्था, मिल्क पाउडर, पेंट और वार्निश, तारकोल, कोल, मिट्टी निर्मित टाइल्स, मार्बल स्टोन, सेनेटरी वेयर और फिटिंग, वुड व टिंबर।
जीएसटी चुकाया या नहीं, पता लग जाएगा
ई-वे बिल (इलेक्ट्रॉनिक बिल) माल ढुलाई पर लागू होगा। ई-वे बिल में माल पर लगने वाले जीएसटी की पूरी जानकारी होगी। इससे पता चल जाएगा कि कि सामान का जीएसटी चुकाया है या नहीं।
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वाणिज्य कर विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर (एसआइबी) वीके शुक्ला ने बताया कि 50 हजार रुपये से अधिक का माल प्रांत के अंदर एक स्थान से दूसरे स्थान तक अथवा प्रांत के बाहर माल भेजने पर जीएसटी से पंजीकृत व्यापारी या ट्रांसपोर्ट को ई-वे बिल 2 में माल की घोषणा करनी होगी।
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सामान की ढुलाई के समय ई-वे बिल रखना जरूरी है। इसे जीएसटी नेटवर्क के कॉमन पोर्टल पर बनाया जा सकता है। ई-वे बिल 2 बनाने वाले आवेदक को एक नंबर आवंटित किया जाएगा। यह नंबर सामान के आपूर्तिकर्ता, प्राप्तकर्ता व ट्रांसपोर्टर को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि माल की ढुलाई के दौरान टैक्स इनवॉइस और डिलीवरी चालान भी रखना जरूरी है।
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इन उत्पादों पर लगेगा ई-वे बिल
मेंथा आयल, मेंथाल व डीएमओ, सुपाड़ी, लोहा, इस्पात तथा सभी प्रकार के खाद्य तेल व वनस्पति घी के अलावा सिगरेट, सिगार, खैनी, सुर्ती, तंबाकू उत्पाद, सभी प्रकार के लुब्रीकेंट, टायर, टयूब, कत्था, मिल्क पाउडर, पेंट और वार्निश, तारकोल, कोल, मिट्टी निर्मित टाइल्स, मार्बल स्टोन, सेनेटरी वेयर और फिटिंग, वुड व टिंबर।
जीएसटी चुकाया या नहीं, पता लग जाएगा
ई-वे बिल (इलेक्ट्रॉनिक बिल) माल ढुलाई पर लागू होगा। ई-वे बिल में माल पर लगने वाले जीएसटी की पूरी जानकारी होगी। इससे पता चल जाएगा कि कि सामान का जीएसटी चुकाया है या नहीं।