{"_id":"5839f49e4f1c1b242413e4e7","slug":"duswarian-should-remove-billions","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुश्वारियां दूर करने को चाहिए सात सौ करोड़ ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुश्वारियां दूर करने को चाहिए सात सौ करोड़
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी
Updated Sun, 27 Nov 2016 02:16 AM IST
विज्ञापन
postoffice varanasi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोट बंदी के बाद पांच सौ की नई करेंसी बाजार में न आने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही हैं। दो हजार के नोट का छुट्टा न मिल पाने से लोग बेहद परेशान हैं। दो-चार सौ रुपये की खरीदारी पर भी दूकानदार छुट्टा वापस करने में असमर्थता जता रहे हैं। ऐसे में बैंकों, डाकघरों में सौ के नोटों की मांग तेजी से बढ़ी है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि छुट्टे की समस्या पांच सौ के नए नोटों के अब तक न आ पाने से है।
जिले में स्थिति संभालने के लिए फिलहाल सात सौ करोड़ रुपये की 500-500 की नई करेंसी आरबीआई से मांगी गई है। सोमवार से बैंकों-डाकघरों से पांच सौ के नए नोट मिलने शुरू हो सकते हैं। नोटबंदी के बाद एक तरफ जहां कैश की किल्लत है वहीं दूसरी तरफ दो हजार के नए नोटों के आने के बाद बाजार में छुट्टा पैसों का भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बैंकों, डाकघरों पर रोेजाना लंबी कतारें लग रही हैं। लोगों की मानें तो एटीएम से सौ के नोट कुछ देर में ही खत्म हो जा रहे हैं। फिर सिर्फ दो हजार के नोट ही उन्हें मिल रहे हैं। बाजार में 100-200 से 500 तक की खरीदारी करिए, कोई दूकानदार दो हजार का फुटकर देने को तैयार नहीं है।
बैंक अधिकारियों के मुताबिक बाजार में 86 प्रतिशत करेंसी पांच सौ और हजार रुपये की ही थी। इनका चलन बंद होने और नए नोटों के अब तक न आने से दो हजार के नोट से खरीदारी पर फुटकर की दिक्कत स्वाभाविक है। आरबीआई के लखनऊ स्थित कार्यालय से शनिवार की देर शाम तक कुछ नई करेंसी बनारस पहुंची। हालांकि अभी बैंकों को पर्याप्त नई करेंसी आने का इंतजार है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में स्थिति संभालने के लिए फिलहाल सात सौ करोड़ रुपये की 500-500 की नई करेंसी आरबीआई से मांगी गई है। सोमवार से बैंकों-डाकघरों से पांच सौ के नए नोट मिलने शुरू हो सकते हैं। नोटबंदी के बाद एक तरफ जहां कैश की किल्लत है वहीं दूसरी तरफ दो हजार के नए नोटों के आने के बाद बाजार में छुट्टा पैसों का भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बैंकों, डाकघरों पर रोेजाना लंबी कतारें लग रही हैं। लोगों की मानें तो एटीएम से सौ के नोट कुछ देर में ही खत्म हो जा रहे हैं। फिर सिर्फ दो हजार के नोट ही उन्हें मिल रहे हैं। बाजार में 100-200 से 500 तक की खरीदारी करिए, कोई दूकानदार दो हजार का फुटकर देने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन
बैंक अधिकारियों के मुताबिक बाजार में 86 प्रतिशत करेंसी पांच सौ और हजार रुपये की ही थी। इनका चलन बंद होने और नए नोटों के अब तक न आने से दो हजार के नोट से खरीदारी पर फुटकर की दिक्कत स्वाभाविक है। आरबीआई के लखनऊ स्थित कार्यालय से शनिवार की देर शाम तक कुछ नई करेंसी बनारस पहुंची। हालांकि अभी बैंकों को पर्याप्त नई करेंसी आने का इंतजार है।
विज्ञापन