आज मिल सकती है डॉ. रीना की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मौत की गुत्थी सुलझा पाएगा मोबाइल फोन!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी के टैगोर टाउन की डॉ. रीना सिंह के मौत के मामले में पुलिस को उनका मोबाइल हाथ लगा है। पुलिस का मानना है कि डॉ. रीना सिंह के मौत की गुत्थी शायद उनके मोबाइल फोन से सुलझ जाए।
टैगोर टाउन स्थित निजी अस्पताल की संचालिका डॉ. रीना सिंह की दो जुलाई को संदिग्ध हाल में मौत हो गई थी। प्रकरण को लेकर डॉ. रीना के पिता रंगनाथ सिंह की तहरीर के आधार पर डॉ. आलोक और उनके मां-बाप के खिलाफ कैंट थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
रंगनाथ सिंह का आरोप है कि डॉ. आलोक की ऊंची पहुंच और उनके जीजा एमपी सिंह के आईएएस होने के कारण पुलिस उनकी बेटी की हत्या की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं कर रही है। हत्या जैसे मुकदमे के आरोपी खुले में घूम रहे हैं और वह पुलिस को प्रभावित करने के साथ ही साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।
मोबाइल फोन से खुल सकते हैं कई राज
डॉ. रीना सिंह का खोया हुआ मोबाइल कैंट पुलिस ने उनके कमरे से रविवार को बरामद किया। मोबाइल का लॉक खोलने के लिए उसे टेकनीशियन को इस हिदायत के साथ दिया गया है कि उसके मैसेज, कॉल लॉग, नंबर, तस्वीरें, ऑडियो और वीडियो नष्ट न होने पाएं।
इसके साथ ही डॉ. रीना के पति डॉ. आलोक सिंह, बेटियों, उनके नर्सिगिंहोम के करीबी स्टाफ, नौकरानी और पड़ोसियों का बयान दर्ज करने का काम पुलिस सोमवार से करनवे वाली है। वहीं, पुलिस के अनुसार डॉ. रीना के शव के दोबारा कराए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट सोमवार को मिल जाएगी तो उसके आधार पर भी तफ्तीश आगे बढ़ेगी।
इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि डॉ. रीना की मौत के संबंध में दर्ज मुकदमे को लेकर उनके पति सहित अन्य लोगों का बयान जल्द ही दर्ज किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट होते ही उनके कमरे से मिले सुसाइड नोट का सत्यापन भी करा लिया जाएगा। सामने आए तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी।