Dog Attack: एक महीने में 3000 लोगों को काट रहे कुत्ते, इनसे डरकर भागने में 27 तुड़वा चुके हड्डी; रात में दहशत
Varanasi News: वाराणसी में रात के समय आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। कई इलाकों में झुंड बनाकर घूम रहे कुत्ते राहगीरों और बाइक सवारों को दौड़ा लेते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से अभियान चलाकर आवारा कुत्तों पर नियंत्रण और रात में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Varanasi News: बढ़ती गर्मी के साथ शहर में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, निजी और सरकारी अस्पतालों में हर महीने करीब 3000 लोगों को एआरवी की डोज लगाई जा रही है। वहीं, कुत्तों के दौड़ाने के चक्कर में हर महीने 27 लोग हड्डी तुड़वाकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। नगर निगम के पास फिलहाल शेल्टर होम की व्यवस्था नहीं है।
हाल ही में नगर निगम का वेदांता ग्रुप से एमओयू हुआ है। इसके बाद अब तक 250 कुत्तों का बंध्याकरण किया जा चुका है। बंध्याकरण के बाद कुत्तों को फिर उसी स्थान पर छोड़ दिया जाता है। निगम की ओर से पहले बंध्याकरण पर 30 लाख रुपये खर्च किए जाते थे। नगर निगम की ओर से लालपुर (मीरापुर बसहीं वार्ड) के ऐढ़े में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर संचालित है, जहां कुत्तों का बंध्याकरण किया जा रहा है।
होती है परेशानी
एबीसी सेंटर में 40 एकल और 10 सामूहिक बैरक हैं। एकल बैरक में एक और सामूहिक बैरक में 10 कुत्तों को रखा जाता है। इलाज के बाद इन्हें छोड़ दिया जाता है। शेल्टर होम के लिए शहर के बाहर 200 एकड़ भूमि की तलाश की जा रही है, जहां एक साथ 2000 कुत्तों को रखने की व्यवस्था होगी। इसके लिए रामनगर, पिसौर और फुलवरिया में जमीन देखी गई है।
पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य : पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण (श्वान प्रजनन एवं विपणन) नियम-2017 के तहत पालतू कुत्तों का पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण शुल्क 507 रुपये निर्धारित किया गया है। रजिस्ट्रेशन के लिए आधार कार्ड, कुत्ते की फोटो और वैक्सीन कार्ड लेकर नगर निगम के पशु चिकित्सा एवं कल्याण विभाग में संपर्क किया जा सकता है। पंजीकरण कराने से कुत्तों की सटीक संख्या का आकलन हो सकेगा।
वेदांता ग्रुप से एमओयू के बाद 250 कुत्तों का बंध्याकरण हुआ है। मौसम का असर कुत्तों पर पड़ता है। गर्मी में कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ती हैं, लेकिन कुत्ते बिना छेड़े किसी को काटने के लिए नहीं दौड़ाते हैं। - डॉ. संतोष पाल, पशु कल्याण एवं चिकित्सा अधिकारी, नगर निगम
खजुरी के राकेश कुमार शिवपुर में एक वैवाहिक समारोह में बाइक से जा रहे थे। जेल रोड के पास उन्हें छह-सात कुत्तों ने दौड़ा लिया। इस चक्कर में वे असंतुलित होकर गिर पड़े। इससे उनकी कलाई की हड्डी टूट गई और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं।
काशी विद्यापीठ की छात्रा, लहरतारा निवासी सिम्मी को घर के पास सड़क पर कुत्ते ने दौड़ा लिया। वह चिल्लाई और आसपास के लोग भी दौड़े, लेकिन तब तक कुत्ता उसके पैर में काट चुका था। बाद में उसने कबीरचौरा अस्पताल में जाकर एआरवी लगवाई।
रात में रामनगर चौराहे से किला मार्ग पर कुत्तों का आतंक रहता है। लगभग हर आने-जाने वाली गाड़ियों को ये दौड़ा लेते हैं। इस चक्कर में कई बार बाइक सवार गिरकर चोटिल हो चुके हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत भी की, लेकिन काेई कार्रवाई नहीं हुई।
चांदपुर से मंडुवाडीह मार्ग पर भी कुत्ते घूमते रहते हैं और गाड़ियों के पीछे भागते हैं। चार पहिया वाहन तो निकल जाते हैं लेकिन दो पहिया वाहनों को काफी दिक्कत होती है। कई बार यहां काटने की घटना भी हो चुकी है।
सुंदरपुर सब्जी मंडी से लेकर भिाखारीपुर के बीच में कई जगह कुत्ते झुंड बनाकर रात में रहते हैं और आने-जाने वालों को दौड़ाते हैं। गाड़ियों के पीछे बेवजह दौड़ते हैं। कई लोगों को काट भी चुके हैं।