सोनभद्र : तहसील से गायब हुईं वनभूमि की पत्रावलियां, इस मामले पर सीएम योगी रखे हुए हैं नजर
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बता दें कि कई पुश्तों से वनभूमि पर मड़हा आदि लगाकर रह रहे 68 हजार लोगों ने ग्राम वनाधिकार समिति, तहसील स्तर और जिले स्तर पर वन भूमि पर रहने का दावा प्रस्तुत करते हुए जमीनों को खुद के नाम करने की मांग की थी। लेकिन सुनवाई के दौरान करीब 54 हजार लोगों का दावा खारिज कर उन्हें वन विभाग की जमीन से हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया।
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यह मामला सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा। सीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन को खारिज सभी दावों की सुनवाई फिर से करते हुए उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी एस राजलिंगम के निर्देश पर एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह की निगरानी में सदर, घोरावल और एसडीएम एसडीएम ने जिनका दावा खारिज हुआ उनकी सूची तैयार कर उन्हें नोटिस भेजकर फिर से सुनवाई की तिथि मुकर्रर करने की कार्यवाही में जुट गए हैं।
इस दौरान पता चला है कि घोरावल तहसील से काफी संख्या में वनाधिकार की खारिज हुई पत्रावलियां दफ्तर से गायब कर दी गई हैं। इसको एसडीएम ने गंभीरता से लेते हुए संबंधितों को गायब पत्रावलियों को ढूंढने का निर्देश दिश है।
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घोरावल के उपजिलाधिकारी प्रकाश चंद्र ने बताया कि जिन लोगों के दावे खारिज हुए हैं, उनकी सूची तैयार कर उन्हें नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खारिज हुए वादों में से काफी पत्रावलियां नहीं मिल रही है। संबंधित कर्मियों को तीन दिन के भीतर लापता पत्रावलियों को ढूंढ कर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। पत्रावलियां न मिलने पर दोषी कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।