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230 सालों की गौरवमयी यात्रा पर आधारित वृत्तचित्र का लोकार्पण
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संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के 230 सालों का इतिहास अब पूरी दुनिया देख सकेगी। इहैव स्थिता भावना भारतीया वृत्तचित्र के जरिए विश्वविद्यालय के गौरवमयी इतिहास एवं गरिमामयी सारस्वत यात्रा की परंपरा को संजोया गया है।
शुक्रवार को कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने विश्वविद्यालय के गौरवमयी इतिहास पर आधारित डाक्यूमेंट्री का लोकार्पण किया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. शुक्ल ने कहा कि प्राच्य विद्या के इस मंदिर के इतिहास एवं यहां के ऋषि तुल्य आचार्यों के वैदिक ज्ञान एवं उनके द्वारा किए गए अनुसंधान की ज्ञान राशि का पान आज की युवा पीढ़ी को कराने के लिये यह वृत्तचित्र मील का पत्थर साबित होगा। 17 मिनट के वृत्तचित्र में विश्वविद्यालय के स्थापना काल से अद्यावधि यात्रा को बहुत ही रोचक एवं सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
विश्वविद्यालय के आधिकारिक फेसबुक पेज एवं यूट्यूब चैनल पर भी इस वृत्तचित्र का अवलोकन किया जा सकता है। इसके निर्माण में डॉ. राजा पाठक का सहयोग रहा है। इस अवसर पर डॉ. कुंज बिहारी द्विवेदी, प्रो. अमित कुमार शुक्ल, आचार्य प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी, डॉ. राजा पाठक, प्रो. महेंद्र पांडेय, प्रो. रमेश कुमार, डॉ. मधुसूदन मिश्र, डॉ. ज्ञानेंद्रसाप कोटा आदि उपस्थित थे ।
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शुक्रवार को कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने विश्वविद्यालय के गौरवमयी इतिहास पर आधारित डाक्यूमेंट्री का लोकार्पण किया। समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. शुक्ल ने कहा कि प्राच्य विद्या के इस मंदिर के इतिहास एवं यहां के ऋषि तुल्य आचार्यों के वैदिक ज्ञान एवं उनके द्वारा किए गए अनुसंधान की ज्ञान राशि का पान आज की युवा पीढ़ी को कराने के लिये यह वृत्तचित्र मील का पत्थर साबित होगा। 17 मिनट के वृत्तचित्र में विश्वविद्यालय के स्थापना काल से अद्यावधि यात्रा को बहुत ही रोचक एवं सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
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विश्वविद्यालय के आधिकारिक फेसबुक पेज एवं यूट्यूब चैनल पर भी इस वृत्तचित्र का अवलोकन किया जा सकता है। इसके निर्माण में डॉ. राजा पाठक का सहयोग रहा है। इस अवसर पर डॉ. कुंज बिहारी द्विवेदी, प्रो. अमित कुमार शुक्ल, आचार्य प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी, डॉ. राजा पाठक, प्रो. महेंद्र पांडेय, प्रो. रमेश कुमार, डॉ. मधुसूदन मिश्र, डॉ. ज्ञानेंद्रसाप कोटा आदि उपस्थित थे ।
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