डॉक्टर की सलाह पर तो ध्यान दीजिए, नहीं तो ऐसे गंवाएगें जान
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जाम छलकाना तो बेहद अच्छा लगता है। शुरुआत में तो यह शौक रहता है, पर शौक से नशा और फिर जिंदगी के लिए खतरा कैसे ये शराब बन जाती है। जब तक पता चलता है, तब तक देर हो जाती है, लेकिन इन सबके बीच जो सबसे बड़ी लापरवाही होती है, वो है जब शराब किसी इंसान को खत्म करने लगती है, तबीयत खराब होती है और इसके संकेत बीमारी के रूप में मिलते हैं।
डॉक्टर चेतावनी भी देते हैं, लेकिन इंसानी गुरूर में हम उस चेतावनी को भी नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसा ही कुछ वाराणसी के बड़ौरा बाजार निवासी मिष्ठान विक्रेता दिलीप जायसवाल (55) ने किया। दिलीप की उपचार के दौरान मंगलवार को वाराणसी स्थित एक निजी अस्पताल में मौत हो गई।
दिलीप की मौत से परिजनों में कोहराम मचा है। जंसा थाना के बड़ौरा बाजार निवासी दिलीप की बीते दिनों तबीयत खराब होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें शराब पीने से मना किया था। बताया जाता है कि होली के दिन दोस्तों के कहने पर दिलीप ने शराब पी ली।
शराब पीते ही उन्हें उल्टी शुरू हो गई और उनकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन आननफानन में उन्हें वाराणसी स्थित एक निजी अस्पताल ले गए जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार दिलीप तीन पुत्रों और तीन पुत्रियों के पिता थे।