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UP: DM ने पकड़े 40 लाख रुपये के स्टांप चोरी के मामले, अभिलेखों के निरीक्षण में खुली पोल; दर्ज कराया FIR
Fri, 04 Apr 2025 01:02 AM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Fri, 04 Apr 2025 01:02 AM IST
सार
जिलाधिकारी ने इस भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई की है। दो विक्रय अभिलेख के सत्यापन के दौरान 40.70 लाख रुपये की राजस्व की स्टांप चोरी पकड़ी गई है। डीएम ने संबंधित के खिलाफ रपट दर्ज कराई है।
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जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र।
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
जिलाधिकारी प्रवीण मिश्र ने गुरुवार को मार्च में पंजीकृत सबसे बड़ी मालियत के पांच अभिलेखों में से दो का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने 40 लाख रुपये की स्टांप चोरी का प्रकरण पकड़ा। डीएम ने इन दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर रिकवरी के निर्देश दिए।
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जिलाधिकारी के निरीक्षण के दौरान विक्रय अभिलेख संख्या 1917 वर्ष 2025 मौजा रणबीर पुर तहसील सदर जिला मऊ में स्थित आराजी नंबर 201 मि. रकबा 1842.75 वर्ग मीटर विक्रेता लेढा पुत्र बिहारी साकिन रणबीरपुर पोस्ट सरवा तहसील सदर और क्रेता राजीव चौहान भेलौर चंगेरी तहसील घोसी के अभिलेख के जांच में बिक्री की गई संपत्ति चिह्नित सड़क (सेगमेंट रोड मुसर्दाह मोड से तहसील सदर सीमा तक) पर स्थित पाई गई। वहीं अगल-बगल व्यावसायिक गतिविधियां भी पाई गई, जिसमें 38.640 लाख रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी गई।
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जबकि एक अन्य अभिलेख के सत्यापन में भी 2 लाख से अधिक के स्टांप कमी का प्रकरण स्थलीय सत्यापन के दौरान सामने आया। इस प्रकार दो विक्रय अभिलेख के सत्यापन के दौरान 40.70 लाख रुपये की राजस्व की स्टांप चोरी पकड़ी गई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने संबंधित के खिलाफ मामला दर्ज कर नियमानुसार वसूली के निर्देश सहायक आयुक्त स्टांप मऊ को दिया।
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हर महीने में पंजीकृत सबसे बड़ी मालियत के पांच विलेखों का स्थलीय सत्यापन जिलाधिकारी द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने अपर जिला अधिकारी, सहायक आयुक्त स्टांप एवं समस्त उप जिलाधिकारी को बिक्री की गई संपत्तियों के भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए, जिससे स्टांप कमी के प्रकरणों में भारी जुर्माना लगाते हुए प्रभावी कार्रवाई की जा सके।