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जाति, धर्म और भाषा के आधार पर विभाजन मानवता के विपरीत: गुरुपद संभव राम
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वाराणसी। अघोर पीठ पड़ाव आश्रम में दो दिवसीय अघोरेश्वर भगवान राम की 90वीं जयंती के अंतिम दिन शुक्रवार को गुरु के दर्शन-पूजन हुए। गोष्ठी में बाबा औघड़ गुरुपद संभव राम ने इंद्रियों की पराधीनता छोड़कर विवेक के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
श्रद्धालुओं ने सुबह प्रभातफेरी निकाली और पड़ाव आश्रम से गंगातट तक सफाई की। बाबा संभव राम ने आश्रम के गणेश पीठ और उपासना स्थल में विधिवत पूजन-हवन किया। अखंड संकीर्तन का समापन आरती-पूजन से हुआ। बाबा ने कहा कि समाज में बढ़ती कटुता, विभाजन और अशांति का मूल कारण मनुष्य की अपनी कमजोरियां हैं। उन्होंने महापुरुषों की शिक्षाओं पर आचरण करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जाति, धर्म और भाषा के आधार पर मनुष्यों में विभाजन को मानवता की मूल भावना के विपरीत बताया। कहा कि व्यक्ति को अपने भीतर सुधार लाकर स्वार्थ, लोभ और अहंकार से बचना चाहिए।
उन्होंने श्री सर्वेश्वरी समूह से जुड़े अनुयायियों से राष्ट्र, समाज और मानवता के हित में कार्य करने का आह्वान किया। अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग में रहे पूर्व अपर निदेशक डॉ. वीपी सिंह ने की। अघोरेश्वर महाप्रभु द्वारा रचित पुस्तक ‘अघोरेश्वर कथा’ के अंग्रेजी अनुवाद का लोकार्पण हुआ। वहीं, श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों में भर्ती करीब 250 रोगियों को भुना चना, फल और बिस्किट वितरित किए गए। इस मौके पर अरविंद कुमार सिंह, पारसनाथ यादव, चंद्रविक्रम शाह आदि रहे।
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श्रद्धालुओं ने सुबह प्रभातफेरी निकाली और पड़ाव आश्रम से गंगातट तक सफाई की। बाबा संभव राम ने आश्रम के गणेश पीठ और उपासना स्थल में विधिवत पूजन-हवन किया। अखंड संकीर्तन का समापन आरती-पूजन से हुआ। बाबा ने कहा कि समाज में बढ़ती कटुता, विभाजन और अशांति का मूल कारण मनुष्य की अपनी कमजोरियां हैं। उन्होंने महापुरुषों की शिक्षाओं पर आचरण करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जाति, धर्म और भाषा के आधार पर मनुष्यों में विभाजन को मानवता की मूल भावना के विपरीत बताया। कहा कि व्यक्ति को अपने भीतर सुधार लाकर स्वार्थ, लोभ और अहंकार से बचना चाहिए।
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उन्होंने श्री सर्वेश्वरी समूह से जुड़े अनुयायियों से राष्ट्र, समाज और मानवता के हित में कार्य करने का आह्वान किया। अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य विभाग में रहे पूर्व अपर निदेशक डॉ. वीपी सिंह ने की। अघोरेश्वर महाप्रभु द्वारा रचित पुस्तक ‘अघोरेश्वर कथा’ के अंग्रेजी अनुवाद का लोकार्पण हुआ। वहीं, श्री शिव प्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों में भर्ती करीब 250 रोगियों को भुना चना, फल और बिस्किट वितरित किए गए। इस मौके पर अरविंद कुमार सिंह, पारसनाथ यादव, चंद्रविक्रम शाह आदि रहे।
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