जिला पंचायत अध्यक्ष चुनावः वाराणसी में जीत के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बनाया प्लान, नेताओं को सौंपी जिम्मेदारी
जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनाव के लिए आयोग की ओर से तारीख का एलान होने के साथ ही वाराणसी में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। वाराणसी में मुख्य लड़ाई भाजपा और सपा के बीच मानी जा रही है। लखनऊ में जिला पंचायत सदस्यों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर यहां की परिस्थितियों के बारे में अवगत कराया है।
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राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण वाराणसी में जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर जीत के लिए समाजवादी पार्टी ने घेरेबंदी शुरू कर दी है। लखनऊ में जिला पंचायत सदस्यों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर यहां की परिस्थितियों के बारे में अवगत कराया है।
सपा जिलाध्यक्ष सुजीत यादव ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से सभी शीर्ष नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी की दमदार जीत के लिए सभी नेता जुट गए हैं। मुख्य लड़ाई भाजपा से होनी है। वहीं भाजपा का दावा है कि उनके पास जीत के आंकड़े से ज्यादा सदस्य है।
सपा के शीर्ष नेताओं ने जीते हुए जिला पंचायत सदस्यों से बातचीत शुरू कर दी है। सपा मान रही है कि यदि सत्ता का हस्तक्षेप नहीं हुआ तो उनकी पार्टी इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर चुनाव जीतेगी। जिले में जिला पंचायत सदस्यों की संख्या 40 है। सपा के अनुसार 16 सदस्य उनके पास हैं।
बस उन्हें 50+1 के जादुई आंकड़े को प्राप्त करने के लिए पांच और सदस्यों की जरूरत है। इसके लिए वे भाजपा को छोड़कर बाकी पार्टियों के सदस्यों से संपर्क कर रहे हैं। उधर भाजपा के जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा के अनुसार 26 सदस्य उनके पास हैं।
अब चुनाव में देखना होगा कि किस पार्टी का दावा सच साबित होता है। उधर पंचायत के सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजाराम वर्मा ने बताया कि चुनाव की तैयारी पूरी हो गई है। अभी तक किसी ने नामांकन फार्म नहीं खरीदा है।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी सपा
समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुट गई है। शनिवार को अर्दली बाजार स्थित पार्टी कार्यालय पर हुई शहर उत्तरी विधानसभा की बैठक में कार्यकर्ताओं से बूथ प्रभारियों और वार्ड अध्यक्षों के साथ समन्वय बैठाकर मतदाताओं के साथ डोर-टू-डोर संपर्क स्थापित करने का आह्वान किया गया।
महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा ने कहा कि 2022 का चुनाव फरवरी में होने की संभावना है। अब समय का इंतजार नहीं करना है। मतदाता सूची में नाम बढ़वाने के साथ 18 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले युवक-युवतियों का फॉर्म छह भरवाएं।