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कोविड अस्पतालों में नहीं लगे डिस्प्ले बोर्ड, बढ़ी परेशानी
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दो दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सरकारी और निजी कोविड अस्पतालों को दिन में दो बार अपने यहां कुल बेड, भर्ती मरीज, खाली बेड की संख्या भी डिस्प्ले करने को कहा था। लेकिन अब तक जिले में निजी या सरकारी अस्पतालों में इस पर अमल नहीं हो सका है। कोरोना काल में लोगों को बेड, ऑक्सीजन के लिए भटकना पड़ रहा है। कहीं से भी बेडों की सही जानकारी नहीं मिल पा रही है।
जिले में 43 कोविड अस्पतालों में इस समय 2000 से अधिक बेड हैं। प्रशासनिक आंकड़ों पर गौर करें तो वर्तमान में कुछ अस्पतालों में बेड खाली हैं, लेकिन ऑक्सीजन वाले बेड पर्याप्त न होने की वजह से ही सही जानकारी नहीं मिल पा रही है।
जब सब कुछ सही तो क्यों नहीं हो रहा डिस्प्ले
कोविड अस्पतालो में कितने बेड हैं, कितने पर मरीजों का इलाज हो रहा है। इन सबकी रोजाना जानकारी भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों से ली जाती है। इसकी रिपोर्ट तैयार कराकर शासन को भी हर दिन भेजी जाती है। आखिर जब सब कुछ सही है तो मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी सूचनाएं क्यों नहीं डिस्प्ले की जा रही है।
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अधिकारी लगाए, फिर भी स्थिति नहीं पता चल रही
अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति होती रहे इसकी मॉनिटरिंग के लिए जिलाधिकारी ने 2 दिन पहले ही सभी अस्पतालों में प्रशासनिक अधिकारियों की भी तैनाती की थी। हर जगह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही वहां एनडीआरएफ जवान सहित अन्य लोगों को भी लगाया गया है, जिससे सही स्थिति का पता चल सके।
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जिले में 43 कोविड अस्पतालों में इस समय 2000 से अधिक बेड हैं। प्रशासनिक आंकड़ों पर गौर करें तो वर्तमान में कुछ अस्पतालों में बेड खाली हैं, लेकिन ऑक्सीजन वाले बेड पर्याप्त न होने की वजह से ही सही जानकारी नहीं मिल पा रही है।
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जब सब कुछ सही तो क्यों नहीं हो रहा डिस्प्ले
कोविड अस्पतालो में कितने बेड हैं, कितने पर मरीजों का इलाज हो रहा है। इन सबकी रोजाना जानकारी भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों से ली जाती है। इसकी रिपोर्ट तैयार कराकर शासन को भी हर दिन भेजी जाती है। आखिर जब सब कुछ सही है तो मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी सूचनाएं क्यों नहीं डिस्प्ले की जा रही है।
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अधिकारी लगाए, फिर भी स्थिति नहीं पता चल रही
अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति होती रहे इसकी मॉनिटरिंग के लिए जिलाधिकारी ने 2 दिन पहले ही सभी अस्पतालों में प्रशासनिक अधिकारियों की भी तैनाती की थी। हर जगह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही वहां एनडीआरएफ जवान सहित अन्य लोगों को भी लगाया गया है, जिससे सही स्थिति का पता चल सके।