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विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण योजनाः विस्थापित परिवारों को यहां दिया जाएगा आशियाना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 16 Mar 2018 02:12 PM IST
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काशी विश्वनाथ मंदिर
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काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण योजना में विस्थापित परिवारों के लिए जमीन चिह्नित हो गई है। जिला प्रशासन सभी विस्थापितों को आवास उपलब्ध कराने के लिए डुमरी और छितौना में जमीन देने के लिए दस्तावेज तैयार करा रहा है।
इसी जमीन पर ही मंदिर प्रशासन करीब 600 फ्लैट्स बनाकर उनको देगा। मंदिर प्रशासन की ओर से परिक्षेत्र के भवनों की रजिस्ट्री कराने का काम तेजी से हो रहा है।
पीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण योजना पर काम तेजी से चल रहा है। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारी मिल कर काम कर रहे हैं।
मंदिर प्रशासन को आनंद वन बनाने के लिए मंदिर से घाट तक 20 हजार वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता है। ऐसे में वहां रह रहे परिवारों को विस्थापित करना और उन्हें कहीं पुनर्वास करना अति आवश्यक है। यह कार्य मंदिर और जिला प्रशासन के लिए चुनौती है।
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मंदिर के विस्तारीकरण योजना में मंदिर प्रशासन गुरुवार को तीन और रजिस्ट्रियां कराने में सफल रहा। अब तक यह संख्या बढ़कर 35 हो गई है। जबकि प्रशासन को कुल 166 रजिस्ट्रियां करनी हैं। ऐसे में अब तक एक तिहाई रजिस्ट्री कराने में मंदिर प्रशासन पूरी तरह से सफल हो चुका है।
अभी वहां लोगों से लगातार, दिन-रात बात चल रही है। ऐसे में वहां के निवासियों से सामंजस्य बिठाकर यह कार्य किया जा रहा है। मंदिर क्षेत्र में देर रात हुई रजिस्ट्री के लिए पूरा रजिस्ट्रार कार्यालय का सेटअप मंदिर परिसर में लाया गया, जहां अधिकारियों की देख-रेख में यह रजिस्ट्री र्हुइं। वीडीए सचिव विशाल सिंह ने बताया कि गुरुवार की देर शाम तीन और रजिस्ट्रियां कर्राई गई हैं। वहां के लोग खुद आगे आकर रजिस्ट्रियां करा रहे हैं।
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इसी जमीन पर ही मंदिर प्रशासन करीब 600 फ्लैट्स बनाकर उनको देगा। मंदिर प्रशासन की ओर से परिक्षेत्र के भवनों की रजिस्ट्री कराने का काम तेजी से हो रहा है।
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पीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ मंदिर के विस्तारीकरण योजना पर काम तेजी से चल रहा है। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारी मिल कर काम कर रहे हैं।
मंदिर प्रशासन को आनंद वन बनाने के लिए मंदिर से घाट तक 20 हजार वर्ग मीटर जमीन की आवश्यकता है। ऐसे में वहां रह रहे परिवारों को विस्थापित करना और उन्हें कहीं पुनर्वास करना अति आवश्यक है। यह कार्य मंदिर और जिला प्रशासन के लिए चुनौती है।
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मंदिर के विस्तारीकरण योजना में मंदिर प्रशासन गुरुवार को तीन और रजिस्ट्रियां कराने में सफल रहा। अब तक यह संख्या बढ़कर 35 हो गई है। जबकि प्रशासन को कुल 166 रजिस्ट्रियां करनी हैं। ऐसे में अब तक एक तिहाई रजिस्ट्री कराने में मंदिर प्रशासन पूरी तरह से सफल हो चुका है।
अभी वहां लोगों से लगातार, दिन-रात बात चल रही है। ऐसे में वहां के निवासियों से सामंजस्य बिठाकर यह कार्य किया जा रहा है। मंदिर क्षेत्र में देर रात हुई रजिस्ट्री के लिए पूरा रजिस्ट्रार कार्यालय का सेटअप मंदिर परिसर में लाया गया, जहां अधिकारियों की देख-रेख में यह रजिस्ट्री र्हुइं। वीडीए सचिव विशाल सिंह ने बताया कि गुरुवार की देर शाम तीन और रजिस्ट्रियां कर्राई गई हैं। वहां के लोग खुद आगे आकर रजिस्ट्रियां करा रहे हैं।
भयभीत हैं काशी विश्वनाथ परिक्षेत्र के नागरिक
मंदिर परिक्षेत्र
- फोटो : File Photo
काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में गंगा पाथवे और मंदिर विस्तारीकरण की योजनाओं ने स्थानीय बाशिंदों को चिंता में डाल दिया है। भवन अधिग्रहण और ध्वस्तीकरण के लिए दबाव बनाकर उनसे भवन खरीदने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इससे मंदिर परिक्षेत्र के नागरिक भयभीत हैं।
उधर, धरोहर बचाओ संघर्ष समिति ने गुरुवार को अभियान चलाकर लोगों से अपने मकान नहीं बेचने की अपील की। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में गुजरात के सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर सुंदरीकरण और विस्तारीकरण की योजना बनाई गई है।
इसके पहले चरण में मंदिर क्षेत्र के 167 मकानों को खरीदने की योजना है। मंदिर प्रशासन अब तक कई मकानों की रजिस्ट्री कराकर उन्हें ध्वस्त करा चुका है। योजनाओं को मूर्तरूप देने के लिए कई और भवन अभी ढहाए जाने हैं। स्थानीय नागरिक और धरोहर बचाओ संघर्ष इसके विरोध में आंदोलित हैं।
संघर्ष समिति ने गुरुवार को मंदिर परिक्षेत्र में अभियान चलाया। स्थानीय बाशिंदों ने समिति के पदाधिकारियों को बताया कि मंदिर प्रशासन के लोगों के अलावा क्षेत्र में कई दलाल भी सक्रिय हो गए हैं।
भवन की रजिस्ट्री के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। समिति ने उन्हें आश्वस्त किया कि यदि वे अपना मकान नहीं बेचना चाहते हैं तो कोई जबर्दस्ती नहीं कर सकता। ऐसी कोई शिकायत हो तो तत्काल समिति को अवगत कराएं।
उधर, धरोहर बचाओ संघर्ष समिति ने गुरुवार को अभियान चलाकर लोगों से अपने मकान नहीं बेचने की अपील की। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में गुजरात के सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर सुंदरीकरण और विस्तारीकरण की योजना बनाई गई है।
इसके पहले चरण में मंदिर क्षेत्र के 167 मकानों को खरीदने की योजना है। मंदिर प्रशासन अब तक कई मकानों की रजिस्ट्री कराकर उन्हें ध्वस्त करा चुका है। योजनाओं को मूर्तरूप देने के लिए कई और भवन अभी ढहाए जाने हैं। स्थानीय नागरिक और धरोहर बचाओ संघर्ष इसके विरोध में आंदोलित हैं।
संघर्ष समिति ने गुरुवार को मंदिर परिक्षेत्र में अभियान चलाया। स्थानीय बाशिंदों ने समिति के पदाधिकारियों को बताया कि मंदिर प्रशासन के लोगों के अलावा क्षेत्र में कई दलाल भी सक्रिय हो गए हैं।
भवन की रजिस्ट्री के लिए उन पर दबाव बनाया जा रहा है। समिति ने उन्हें आश्वस्त किया कि यदि वे अपना मकान नहीं बेचना चाहते हैं तो कोई जबर्दस्ती नहीं कर सकता। ऐसी कोई शिकायत हो तो तत्काल समिति को अवगत कराएं।