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बनारस की संस्कृति और मिजाज पर दूसरी फिल्म बनाएंगे ‘मोहल्ला अस्सी’ के निर्देशक
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 31 Jan 2017 10:10 PM IST
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कहा- ‘मोहल्ला अस्सी’ की छह को सुनवाई, न्याय न मिला तो जाएंगे सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
जाने-माने फिल्म निर्देशक-अभिनेता चंद्रप्रकाश द्विवेदी जल्द ही बनारस पर दूसरी फिल्म शुरू करेंगे। इसके केंद्र में भी बनारस की संस्कृति और यहां का मिजाज होगा। इसकी शूटिंग भी बनारस में होगी। हालांकि उनका कहना है कि अगली फिल्म ‘मोहल्ला अस्सी’ दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर निर्भर होगी। बीएचयू में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे चंद्रप्रकाश ने कहा कि मैं अभिव्यक्ति की आजादी की लड़ाई लड़ रहा हूं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट में आगामी छह फरवरी को ‘मोहल्ला अस्सी’ पर सुनवाई है।
अगर न्याय नहीं मिला तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा। प्रख्यात कथाकार प्रो. काशीनाथ सिंह की कृति ‘काशी का अस्सी’ पर बनाई गई फिल्म ‘मोहल्ला अस्सी’ पर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने रोक लगा दी है।
फिल्म में गालियों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए उसे हटाने को कहा है।
बोर्ड को फिल्म में प्रयुक्त दो दर्जन से अधिक शब्दों पर आपत्ति है। चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि फिल्म से उन शब्दों को हटाना बनारस की सभ्यता का विरोध है। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का विरोध है।
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उन्होंने कहा कि मैं बनारस की संस्कृति और सभ्यता पर और भी फिल्में बनाना चाहता हूं लेकिन ये छह फरवरी को आने वाले फैसले पर निर्भर करता है। बता दें कि बनारस के अस्सी पर बनाई गई ‘मोहल्ला अस्सी’ धर्म और आस्था के व्यवसायीकरण पर चोट करती है।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट में आगामी छह फरवरी को ‘मोहल्ला अस्सी’ पर सुनवाई है।
अगर न्याय नहीं मिला तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा। प्रख्यात कथाकार प्रो. काशीनाथ सिंह की कृति ‘काशी का अस्सी’ पर बनाई गई फिल्म ‘मोहल्ला अस्सी’ पर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) ने रोक लगा दी है।
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फिल्म में गालियों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए उसे हटाने को कहा है।
बोर्ड को फिल्म में प्रयुक्त दो दर्जन से अधिक शब्दों पर आपत्ति है। चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा कि फिल्म से उन शब्दों को हटाना बनारस की सभ्यता का विरोध है। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का विरोध है।
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उन्होंने कहा कि मैं बनारस की संस्कृति और सभ्यता पर और भी फिल्में बनाना चाहता हूं लेकिन ये छह फरवरी को आने वाले फैसले पर निर्भर करता है। बता दें कि बनारस के अस्सी पर बनाई गई ‘मोहल्ला अस्सी’ धर्म और आस्था के व्यवसायीकरण पर चोट करती है।