आजमगढ़ से भाजपा उम्मीदवार 'निरहुआ' बोले- हर यादव अखिलेश भक्त नहीं, वह देश भक्त हैं
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भाजपा ने बुधवार को लोकसभा चुनाव की 16वीं लिस्ट जारी कर दी है। इस सूची में उत्तर प्रदेश के पांच सीटों से प्रत्याशियों का एलान किया गया है। आजमगढ़ से दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' को टिकट दिया गया है। वहीं, जौनपुर जिले की मछलीशहर लोकसभा सीट पर वीपी सरोज को प्रत्याशी घोषित किया गया है।
आजमगढ़ से भाजपा उम्मीदवार दिनेश लाल यादव निरहुआ ने पहले कहा था कि अखिलेश यादव मेरे बड़े भाई हैं। यहां पर यादव का कोई सवाल नहीं है। जनता आपको इसलिए नहीं चुनेगी कि आप यादव हैं, अगर आप ऐसा सोचते हैं तो चुनाव हार जाएंगे। इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट कर लिखा, 'हर यादव का मानना है कि आज वह 'अखिलेश भक्त' नहीं हैं, सिर्फ इसलिए कि वे यादव हैं, वे 'देश भक्त' हैं। हमारे अपने विचार हैं, हम जानते हैं कि राष्ट्र के हित में क्या है। हमें जातिगत राजनीति से ऊपर उठना होगा, जनता इसे समझ रही है।'
Dinesh Lal Yadav 'Nirhua', BJP: Every Yadav believes today they aren't 'Akhilesh bhakt' just because they are a Yadav, they're 'Desh bhakt'. We've thoughts of our own, we know what's in interest of the nation. We'll have to rise above caste politics, people are understanding that https://t.co/HxN9A5XVVd
विज्ञापन विज्ञापन— ANI UP (@ANINewsUP) April 3, 2019
बता दें कि, 27 मार्च को दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' ने लखनऊ में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी। इसके बाद से ही आजमगढ़ से दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' को प्रत्याशी बनाने की अटकलें लगनी शुरू हो गई थीं। वहीं, पूर्व सांसद रमाकांत यादव भी इस दौड़ में शामिल होने के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए थे। लेकिन बुधवार को रमाकांत इस दौड़ से बाहर हो गए।
इसके पहले सुभासपा के प्रदेश महासचिव शशि प्रकाश सिंह मुन्ना समेदा ने तो 'निरहुआ' को अखिलेश के विरुद्ध चुनाव लड़ने के प्रस्ताव के साथ ही अपना आवास ‘देवभूमि‘ को चुनाव कार्यालय के रूप में उपलब्ध कराने की बात भी कही थी।
देखना दिलचस्प होगा कि दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' सपा के गढ़ आजमगढ़ में अखिलेश के खिलाफ वोटरों को लुभा पाते है या नहीं। सूत्रों और सोशल मीडिया की मानें तो दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' को आजमगढ़ की जनता ने अभी तक स्वीकारा नहीं है, इसलिए दिनेश लाल यादव 'निरहुआ' के लिए आजमगढ़ में काफी चुनौतियां हैं।
वहीं, जौनपुर जिले की मछलीशहर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी वीपी सरोज पहले बसपा के खेमे में थे। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले वीपी सरोज ने भाजपा का दामन थाम लिया। वीपी सरोज 15 साल पहले बसपा पार्टी से राजनीति शुरू किए थे। मछलीशहर की सीट से बसपा प्रत्याशी के रूप में 2014 में चुनाव लड़े थे और दूसरे नंबर पर रहे। पूर्वांचल में हारने के बाद वीपी सरोज बसपा पार्टी छोड़ दी।