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Dhanteras 2024: काशी में मकान, दुकान-जमीन की खूब हुई खरीदारी, 30 फीसदी महिलाओं के नाम हुई रजिस्ट्री

Wed, 30 Oct 2024 02:13 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Wed, 30 Oct 2024 02:13 PM IST
सार

वाराणसी में धनतेरस पर 30 फीसदी महिलाओं के नाम से मकान, दुकान और जमीन की रजिस्ट्री कराई गई। वहीं 70 फीसदी रजिस्ट्री पुरुषों के नाम से हुई। रोज की अपेक्षा धनतेरस पर 40 फीसदी ज्यादा रजिस्ट्री हुई। 

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Dhanteras 2024 houses shops and land registered in name of women in varanasi
Land Registry - फोटो : Freepik

विस्तार

धनतेरस पर जमीन, मकान और दुकान की खरीदारी भी खूब हुई है। रोज की अपेक्षा करीब 40 फीसदी ज्यादा रजिस्ट्री हुई। जितनी रजिस्ट्री हुई, उनमें 30 फीसदी महिलाएं हैं। दरअसल, महिलाओं के नाम से जमीन, मकान की रजिस्ट्री कराने पर स्टांप शुल्क में एक फीसदी की छूट मिलती है। इसका लाभ शहरवासियों ने उठाया है।

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एडीएम वित्त एवं राजस्व कार्यालय से मिले आंकड़ों के मुताबिक, सामान्य दिनों में जहां औसतन करीब 250 रजिस्ट्री होती है, वहीं यह संख्या मंगलवार को 457 तक पहुंच गई। 322 पुरुषों और 135 महिलाओं के नाम से स्टांप पेपर खरीदे गए। इससे 4,44,04,250 रुपये राजस्व मिला है। सबसे अधिक रजिस्ट्री सदर चतुर्थ कार्यालय में हुई है। यहां पुरुषों के नाम से 57 और महिलाओं के नाम से 32 रजिस्ट्री हुई। सबसे कम रजिस्ट्री रामनगर में हुई। यहां पुरुषों के नाम से सात और महिलाओं के नाम से तीन रजिस्ट्री हुई।
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यहां इतनी हुई रजिस्ट्री
उपनिबंधक कार्यालय पुरुष महिला स्टांप शुल्क
सदर प्रथम 49 21 8,86,7940
सदर द्वितीय 50 21 66,99,530
सदर तृतीय 50 22 72,27,020
सदर चतुर्थ 57 32 1,14,51,640
पिंडरा 54 14 37,10,590
गंगापुर 55 22 5972420
रामनगर   7 3 475110

महिलाओं ने खरीदे सबसे अधिक आभूषण, पुरुषों ने किया सोने में निवेश

धनतेरस पर धन की देवी लक्ष्मी की कृपा बाजार में खूब बरसी। मंगलवार की सुबह से लेकर रात तक हर सेक्टर में धनवर्षा हुई। महंगाई का असर बाजार में कहीं नहीं दिखा। ब्याज मुक्त फाइनेंस और किश्तों पर लोगों ने अपने मनपसंद सामानों की खरीदारी की। नकदी प्रवाह भी गतिमान रहा। सराफा दुकानों से लेकर बर्तन की दुकानों पर महिलाओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ी। शहर के प्रमुख व्यापार मंडलों के व्यापारियों के अनुसार 30 अरब के आसपास बाजार गया है। महिलाओं ने सबसे अधिक आभूषण खरीदे तो पुरुषों ने सोने में निवेश किया।

धनतेरस पर सराफा कारोबारियों की बल्ले-बल्ले रही। सोने का भाव अधिक होने के बावजूद रिकॉर्ड तोड़ सोने की बिक्री हुई। डायमंड और चांदी के आभूषणों को महिलाओं ने अपना बनाया। वैवाहिक लग्न की तैयारियों में जुटे लोगों ने परंपरागत आभूषण खरीदे। सोने के अलावा चांदी के नोटों, सिक्कों और मूर्तियों की मांग अधिक रही। शाम होते-होते कई शोरूम पर सोने के पांच, 10 और 20 ग्राम के सिक्कों का स्टॉक खत्म हो चुका था।

ब्रिटिश कालीन चांदी के असली सिक्के ढूंढे नहीं मिल रहे थे। पिछले धनतेरस के सराफा कारोबार में 20 फीसदी की दखल रखने वाले डायमंड आभूषण ने इस बार 30 फीसदी का आंकड़ा छुआ। धनतेरस के दिन 80 किलो से अधिक सोने की बिक्री हुई। जबकि चांदी की बिक्री भी कम नहीं रही। उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण सेठ और जिला महामंत्री किशोर सेठ ने बताया कि 650 से 700 करोड़ के आसपास सराफा कारोबार हुआ। निवेशकों की संख्या भी इस बार बढ़ी है।

700 चार पहिया और 6000 दुपहिया वाहनों की हुई डिलिवरी, 40 फीसदी बेटियों के नाम

वाराणसी ऑटोमोबाइल्स डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता और वरिष्ठ सदस्य यूआर सिंह ने बताया कि धनतेरस पर 120 करोड़ से अधिक ऑटोमोबाइल्स सेक्टर में कारोबार हुआ। 700 चार पहिया और 6000 दुपहिया और 200 तीन पहिया वाहनों की डिलिवरी हुई। इसमें 40 फीसदी वाहन महिलाओं के नाम से हैं। कार से लेकर स्कूटी तक सब बेटियों के नाम से खरीदे गए। दीपावली तक ढाई हजार चार पहिया वाहनों की डिलिवरी होगी। ई-रिक्शा, आटो, मालवाहन, ट्रैक्टर, ट्रक, जेसीबी भी खूब बिके। इनका कारोबार भी 200 करोड़ से ऊपर रहा।

एलईडी टीवी, गीजर और ओवन की बिक्री रही सबसे अधिक
इलेक्ट्राॅनिक्स कारोबारी अजीत उपाध्याय ने बताया कि पिछले धनतेरस के मुकाबले इस बार बाजार बहुत अच्छा रहा। कंपनियों की स्कीमों का लाभ उठाते हुए लोगों ने फ्रिज, वाॅशिंग मशीन, एलईडी, एलसीडी टीवी, माइक्रोवेव ओवन, गीजर, होम थियेटर समेत अन्य सामान खरीदे। ज्यादातर महिलाओं ने वाॅशिंग मशीन, ओवन, इंडक्शन चूल्हा और गीजर के अलावा एलईडी टीवी खरीदी। धनतेरस तक 225-250 करोड़ का कारोबार हुआ।

महिलाओं की पहली पसंद बना रहा स्टील बर्तन, डिनर सेट ज्यादा बिका
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष राकेश जैन ने बताया कि बर्तनों की दुकानों पर पीतल, तांबा के मुकाबले स्टेनलेस स्टील के आइटम्स ज्यादा बिके। इंडक्शन बर्तन, क्राॅकरी आइटम्स भी महिलाओं ने पसंद किए। देर रात तक बर्तनों की खरीदारी हुई। डिनर सेट, थाली, गिलास, बर्तन स्टैंड, चम्मच समेत अन्य की खरीदारी ज्यादा हुई। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में विविध प्रकार के बर्तन की बिक्री लगभग 55-60 करोड़ रुपये की हुई।
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300 करोड़ रुपये का हुआ रियल एस्टेट में कारोबार

पूर्वांचल क्रेडाई के संरक्षक अनुज डिडवानिया ने बताया कि आशियाने की ख्वाहिश रखने वालों ने बहुमंजिला इमारतों में फ्लैट बुक और पजेशन लिया। धनतेरस पर 300 करोड़ का कारोबार रियल एस्टेट हुआ। इसमें बुकिंग और बिक्री दोनों शामिल हैं। टू और थ्री बीएचके फ्लैट ज्यादा निकले। आवासीय प्लाॅट भी खूब निकले।

ई-कॉमर्स कंपनियों ने किया रिकॉर्ड तोड़ कारोबार
शेयर मार्केट में विभिन्न कमोडिटी एक्सचेंजों के स्थानीय टर्मिनलों पर सोने और जिंसों का जलवा दिखा। ब्रोकर्स और सब ब्रोकर्स की माने तो स्क्वायर अप नेचर की ट्रेडिंग में 250 करोड़ से अधिक का टर्नओवर हुआ। जबकि 125 करोड़ रुपये से अधिक की फ्यूचर ट्रेडिंग हुई। ई-कॉमर्स कंपनियों ने भी रेकार्ड तोड़ आनलाइन कारोबार किया।

लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां भी खूब बिकीं
धन की देवी लक्ष्मी व विघ्नहर्ता गणेश की मूर्तियां भी खूब बिकीं। मिट्टी की मूर्ति के साथ ही सोने-चांदी के लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति भी पूजन के लिए खरीदे गए। मिट्टी की लक्ष्मी-गणेश, दिया, मोमबत्ती, चीनी की मिठाई की दुकानों पर खूब खरीदारी हुई।
 
पांच करोड़ की झाड़ू बिकी
धनतेरस पर मान्यता के अनुसार लोगों ने विविध प्रकार के झाड़ू की खरीदारी की। दुकानदारों ने मुंहमांगें दाम वसूले। अनुमान है कि झाड़ू के थोक व फुटकर बाजार में करीब पांच करोड़ रुपये की बिक्री हुई।

15 दिन पहले ही दुकान, गोदाम हो गया था फुल

काशी व्यापार प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष राकेश जैन और महामंत्री राजकुमार शर्मा ने बताया कि पखवारे पूर्व से निकल रही मांग और बुकिंग को देखते हुए बेहतर बिक्री का अनुमान लगाकर कारोबारियों ने अपने प्रतिष्ठान व गोदाम में भरपूर स्टॉक भी कर लिया था। वजह साफ है कि यहां पर विविध आइटमों की प्रमुख मंडियां और थोक बाजार होने के कारण पूर्वांचल व बिहार के समीपवर्ती जिलों के फुटकर कारोबारी भी आकर खरीदारी करते हैं। स्थानीय ग्राहकों का निकलना अलग से होता है। चूंकि करीब एक पखवारे पूर्व से ही सिर्फ आर्डर ही नहीं बल्कि एडवांस बुकिंग भी शुरू हो गई थी। इसलिए थोक ही नहीं फुटकर कारोबार भी खूब हुआ।

सेक्टर अनुमानित कारोबार
रियल एस्टेट 300-350 करोड़
सराफा 650-700 करोड़
ऑटोमोबाइल 350-400 करोड़
इलेक्ट्रॉनिक्स 225-250 करोड़
ऑनलाइन कारोबार 850-900 करोड़
मिठाई 190-200 करोड़
बर्तन 55-60 करोड़
पूजन सामग्री - 08 से 10 करोड़
मिट्टी के दीये, देवी-देवताओं की मूर्ति - 2.50-3.00 करोड़
गिफ्ट आइटम्स - 50-60 करोड़
चाॅकलेट फ्रूट्स - 25-30 करोड़
झालर, एलईडी स्ट्रिप्स - 20-25 करोड़
कटपीस/तैयार परिधान/होम फर्नीशिंग - 30-40 करोड़
ड्राई फ्रूट्स - 25-30 करोड़
आर्टिफिशियल ज्वेलरी - 2.50-3.00 करोड़
फर्नीचर उत्पाद - 50-60 करोड़
साइकिल/रिक्सा/ट्राॅली -2.50-3.00 करोड़
कृषि उत्पाद - 20-25 करोड़
रंग-रोगन उत्पाद - 125-130 करोड़
नोट-सभी आंकड़े विभिन्न थोक व फुटकर बाजार में हुई खरीदारी और एडवांस बुकिंग पर आधारित है।
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