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शोभन योग में माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालु लगाएंगे पुण्य की डुबकी
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माघी पूर्णिमा पर श्रद्धालु सुरसरि के तट पर पुण्य की डुबकी लगाएंगे। शोभन योग में बनारस के घाटों पर पूर्णिमा का स्नान करने के लिए पूर्वांचल के जिलों से भी लोग बनारस पहुंचेंगे। राजघाट से अस्सी घाट के बीच सभी प्रमुख घाटों पर गंगा स्नान के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
माघ पूर्णिमा का स्नान 16 फरवरी को किया जाएगा। ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि माघ पूर्णिमा 15 फरवरी को रात्रि में 9:12 बजे से लग जाएगी और 16 फरवरी को रात्रि 10:09 मिनट तक रहेगी। माघ शुक्ल पूर्णिमा पर दिन भर शोभन योग का दुर्लभ संयोग निर्मित हो रहा है। शोभन योग में कार्य करने से सुख, सौभाग्य और यश की प्राप्ति होती है। माघी पूर्णिमा पर एक माह का कल्पवास भी पूर्ण होगा।
भगवान विष्णु की करें आराधना
माघी पूर्णिमा पर प्रात: काल नित्य कर्म एवं स्नानादि से निवृत्त होकर भगवान विष्णु का विधिपूर्वक पूजन करें। फिर पितरों का श्राद्ध करें। जरूरतमंदों को भोजन वस्त्र तथा आश्रय दें। तिल, कंबल, कपास, गुड़, घी, मोदक, जूते, फल, अन्न और यथा शक्ति सुवर्ण, रजत, आदि का दान दें तथा पूरे दिन का व्रत रखकर ब्राह्मणों को भोजन दें। सत्संग एवं कथा कीर्तन में दिन बिताकर दूसरे दिन पारण करें।
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माघ पूर्णिमा का स्नान 16 फरवरी को किया जाएगा। ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि माघ पूर्णिमा 15 फरवरी को रात्रि में 9:12 बजे से लग जाएगी और 16 फरवरी को रात्रि 10:09 मिनट तक रहेगी। माघ शुक्ल पूर्णिमा पर दिन भर शोभन योग का दुर्लभ संयोग निर्मित हो रहा है। शोभन योग में कार्य करने से सुख, सौभाग्य और यश की प्राप्ति होती है। माघी पूर्णिमा पर एक माह का कल्पवास भी पूर्ण होगा।
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भगवान विष्णु की करें आराधना
माघी पूर्णिमा पर प्रात: काल नित्य कर्म एवं स्नानादि से निवृत्त होकर भगवान विष्णु का विधिपूर्वक पूजन करें। फिर पितरों का श्राद्ध करें। जरूरतमंदों को भोजन वस्त्र तथा आश्रय दें। तिल, कंबल, कपास, गुड़, घी, मोदक, जूते, फल, अन्न और यथा शक्ति सुवर्ण, रजत, आदि का दान दें तथा पूरे दिन का व्रत रखकर ब्राह्मणों को भोजन दें। सत्संग एवं कथा कीर्तन में दिन बिताकर दूसरे दिन पारण करें।
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