{"_id":"5ba64b73867a557ffe03f802","slug":"deputy-cm-dinesh-sharma-says-that-schools-and-college-will-not-be-center-which-are-not-studying","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"डिप्टी सीएम का ऐलान, जिन स्कूल-कॉलेजों में नहीं होती पढ़ाई उन्हें नहीं बनाया जाएगा परीक्षा केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिप्टी सीएम का ऐलान, जिन स्कूल-कॉलेजों में नहीं होती पढ़ाई उन्हें नहीं बनाया जाएगा परीक्षा केंद्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sun, 23 Sep 2018 09:49 AM IST
विज्ञापन
उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्वांचल विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल होने आए उपमुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने और प्रदेश में नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए कटिबद्ध है। प्रदेश में 46 नए राजकीय डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। इसके लिए सरकार ने तैयारी पूरी कर ली है।
ऐसे कॉलेजों की सूची तैयार की जा रही हो जो पढ़ाई कराने के बजाय नकल कराने का ठेका लेते हैं। जिन कॉलेजों और विद्यालयों में पढ़ाई नहीं होती उन्हें किसी भी हालत में सेंटर नहीं बनाया जाएगा। सचिव स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जो नकल माफियाओं की सूची तैयार कर ली है।
डिप्टी सीएम ने कहा कि नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। छात्रों को आधार कार्ड से जोड़ दिया गया है। इसके कारण बोर्ड में पंजीकृत छात्रों में कमी आई है। शैक्षिक पंचांग तैयार हो गया है।
विज्ञापन
उसी के हिसाब से पढाई, परीक्षा, कापियों का मूल्यांकन और रिजल्ट घोषित किया जाएगा। कितने माह में कितने अध्याय खत्म करना है उसका भी प्रारूप तय है। उसी के हिसाब सभी कॉलेजों को पठन-पाठन पूरा कराना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न डिग्री कालेजों में मानदेय पर तैनात 904 शिक्षकों को शीघ्र ही नियुक्ति पत्र जारी कर दिया जाएगा। पत्र जारी करने के लिए तैयारी की जा रही है।
विश्वविद्यालय के बंटवारे के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों को मजबूत करना सरकार की जिम्मेदारी है। कौन कॉलेज किस विश्वविद्यालय से संबद्ध रहेगा, इस पर निर्णय लेना सरकार की जिम्मेदारी है। किसी भी विश्वविद्यालय का नुकसान नहीं होने पाएगा।
विज्ञापन
ऐसे कॉलेजों की सूची तैयार की जा रही हो जो पढ़ाई कराने के बजाय नकल कराने का ठेका लेते हैं। जिन कॉलेजों और विद्यालयों में पढ़ाई नहीं होती उन्हें किसी भी हालत में सेंटर नहीं बनाया जाएगा। सचिव स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जो नकल माफियाओं की सूची तैयार कर ली है।
विज्ञापन
डिप्टी सीएम ने कहा कि नकल माफियाओं पर अंकुश लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। छात्रों को आधार कार्ड से जोड़ दिया गया है। इसके कारण बोर्ड में पंजीकृत छात्रों में कमी आई है। शैक्षिक पंचांग तैयार हो गया है।
विज्ञापन
उसी के हिसाब से पढाई, परीक्षा, कापियों का मूल्यांकन और रिजल्ट घोषित किया जाएगा। कितने माह में कितने अध्याय खत्म करना है उसका भी प्रारूप तय है। उसी के हिसाब सभी कॉलेजों को पठन-पाठन पूरा कराना होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न डिग्री कालेजों में मानदेय पर तैनात 904 शिक्षकों को शीघ्र ही नियुक्ति पत्र जारी कर दिया जाएगा। पत्र जारी करने के लिए तैयारी की जा रही है।
विश्वविद्यालय के बंटवारे के सवाल पर उन्होंने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों को मजबूत करना सरकार की जिम्मेदारी है। कौन कॉलेज किस विश्वविद्यालय से संबद्ध रहेगा, इस पर निर्णय लेना सरकार की जिम्मेदारी है। किसी भी विश्वविद्यालय का नुकसान नहीं होने पाएगा।
शोधपीठ से सृजित होगा रोजगार
पूर्वांचल विश्वविद्यालय में डिप्टी सीएम
- फोटो : amar ujala
उप मुख्यमंत्री मंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में पं. दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ की स्थापना का उद्देश्य शोध की गुणवत्ता को सुधारने और छात्रों को रोजगारपरक शिक्षा देना है। यहां से निकलने वाले विद्यार्थी खुद रोजगार का सृजन कर सकेंगे। इसी उद्देश्य से पूरे प्रदेश के विश्वविद्यालयों में पं दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ की स्थापना की जा रही है।
शनिवार को पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अवैद्यनाथ सभागार में आयोजित समसामयिक परिदृश्य में एकात्म मानववाद विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी और पं. दीनदयाल उपाध्याय शोथपीठ की स्थापना और मूर्ति अनावरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि प्रदेश के डिग्री कालेजों में शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति की जा रही है। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में नए कोर्स खोलने की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि शोध स्तरीय होना चाहिए। विदेशी भाषा के पाठ्यक्रमों को पूर्वांचल विश्वविद्यालय में लागू करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि समतामूलक समाज की स्थापना करना पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्राथमिकता थी। उनके दर्शन समाज के लिए आज भी प्रासंगिक है।
उनका मानना था कि निचले पायदान पर बैठे व्यक्ति को ऊपर उठने का प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने कभी भी अपने उसूलों के साथ समझौता नहीं किया। वह मूल्यों से समझौता कर लेते तो जौनपुर से विधान सभा चुनाव जीत गए होते। लेकिन उन्होंने मूल्यों से समझौता नहीं किया और जातीय सम्मेलन में भाग लेने से इनकार कर दिया था।
विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय संयोजक अरुन्धती वशिष्ठ अनुशंधान पीठ इलाहाबाद डॉ. चंद्र प्रकाश सिंह, नगर विकास राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने की। संचालन डॉ. मनोज मिश्रा ने किया।
शनिवार को पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अवैद्यनाथ सभागार में आयोजित समसामयिक परिदृश्य में एकात्म मानववाद विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी और पं. दीनदयाल उपाध्याय शोथपीठ की स्थापना और मूर्ति अनावरण समारोह में बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने कहा कि प्रदेश के डिग्री कालेजों में शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति की जा रही है। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में नए कोर्स खोलने की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि शोध स्तरीय होना चाहिए। विदेशी भाषा के पाठ्यक्रमों को पूर्वांचल विश्वविद्यालय में लागू करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि समतामूलक समाज की स्थापना करना पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्राथमिकता थी। उनके दर्शन समाज के लिए आज भी प्रासंगिक है।
उनका मानना था कि निचले पायदान पर बैठे व्यक्ति को ऊपर उठने का प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय ने कभी भी अपने उसूलों के साथ समझौता नहीं किया। वह मूल्यों से समझौता कर लेते तो जौनपुर से विधान सभा चुनाव जीत गए होते। लेकिन उन्होंने मूल्यों से समझौता नहीं किया और जातीय सम्मेलन में भाग लेने से इनकार कर दिया था।
विशिष्ट अतिथि राष्ट्रीय संयोजक अरुन्धती वशिष्ठ अनुशंधान पीठ इलाहाबाद डॉ. चंद्र प्रकाश सिंह, नगर विकास राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने की। संचालन डॉ. मनोज मिश्रा ने किया।