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Mau: ओवरब्रिज निर्माण की जद में आने वालों को मिलेगा मुआवजा, विभागों ने की मापी, 4 दिन में पूरा करना है काम
Fri, 15 Mar 2024 07:38 PM IST
अमन विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Fri, 15 Mar 2024 07:38 PM IST
सार
Mau News: सेतु निगम की ओर से भूमि की सही माप लेने का कार्य लगभग पूरा हो गया है। एप्रोच की चौड़ाई लगभग 21 मीटर रखी जानी है। इसके लिए बाल निकेतन रोडवेज जाने वाली सड़क के बीच से दोनों तरफ 10.5 मीटर जमीन घेरी जाएगी।
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पैमाइश करने पहुंची टीम।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मऊ में रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ओवरब्रिज की एप्रोच के निर्माण की जद में आने वाले जमीन पर बने मकानों के भूस्वामियों को मुआवजा मिलेगा। मुआवजा देने के लिए सेतु निगम, राजस्व विभाग, नगर पालिका और लोक निर्माण विभाग द्वारा सर्वे किया जा रहा है। चार दिनों के भीतर सभी टीमों को यह काम पूरा कर लेना है। सर्वे का काम सेतु निगम द्वारा बनाए गए ड्रायिंग ले-आउट के आधार पर हो रहा है। सर्वे करने के बाद पूरी रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर मुआवजा दिया जाएगा।
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रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ओवरब्रिज की एप्रोच के निर्माण की कवायद तेज हो गई है। सेतु निगम की ओर से भूमि की सही माप लेने का कार्य लगभग पूरा हो गया है। एप्रोच की चौड़ाई लगभग 21 मीटर रखी जानी है। इसके लिए बाल निकेतन रोडवेज जाने वाली सड़क के बीच से दोनों तरफ 10.5 मीटर जमीन घेरी जाएगी। सेतु निगम के अधिकारियों ने राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर पालिका के सांथ मिलकर पैमाइश के बाद भूमि चिह्नित कर निशान लगाने का काम पूरा कर लिया है।
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आकलन कर दिया जाएगा मुआवजा
विभागीय अधिकारियों की मानें तो हिंदी भवन से लेकर बाल निकेतन रेलवे क्रासिंग तक सड़क के दोनों तरफ ज्यादातर जमीन रेलवे की ही है। कभी रेलवे के ही जमीन देने पर हिंदी भवन का भी निर्माण किया गया है।
रेलवे के अलावा सड़क के पूर्वी किनारे पर कुछ जमीन पीडब्ल्यूडी तथा कुछ निर्माण जिला पंचायत की ओर से किया गया है। जीरो-बी ओवरब्रिज का निर्माण कर रही कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के अधिकारियों के अनुसार, ओवरब्रिज निर्माण के लिए जितनी जमीन रेलवे, जिला पंचायत अथवा पीडब्ल्यूडी की जाएगी। उसका आकलन कर मुआवजा संबंधित विभागों को दिया जाएगा।
एप्रोच निर्माण के लिए भूमि चिंहिृत करने के बाद राजस्व विभाग इसकी रिपोर्ट तैयार कर सेतु निगम को सौंपेगा। बता दें कि बाल निकेतन रेलवे क्रासिंग संख्या जीरो-बी पर लगने वाले प्रतिदिन के जाम की समस्या को लेकर समाजसेवी देवप्रकाश राय की हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका तथा उस पर न्यायालय के आदेश पर सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल पर शहर के इस ओवरब्रिज के निर्माण का रास्ता साफ हुआ है। ओवरब्रिज बन जाने से जिले वासियों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी।
बोले अधिकारी
जीरो बी ओवरब्रिज के निर्माण की जद में आने वाले मकान के सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है। चार दिन में चार विभाग की संयुक्त टीम को काम पूरा कर लेना है। सड़क के एक तरफ की सर्वे पूरा कर लिया गया है। पूरी रिपोर्ट जिला प्रशासन को दी जाएगी। इसके बाद ही मुआवजे का निर्धारण किया जाएगा। - ज्ञानेंद्र वर्मा, परियोजना निदेशक, राज्य सेतु निगम आजमगढ़