News: वाराणसी में विभागों ने लटकाए निवेशकों के NOC, छह हजार करोड़ का निवेश अटका; इन जगहों पर मिली थी जमीन
वाराणसी में ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी को लेकर निवेशकों को दिक्कतें होने लगी हैं। विभागों से एनओसी नहीं मिलने से काम फंस गया है। वीडीए ने सभी विभागों से मानचित्र जारी करने के लिए एनओसी मांगी जो अब तक नहीं मिल सकी है।
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ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के तहत निवेशकों को काशी में जमीन मिल गई। इसके बाद अलग-अलग विभागों से उन्हें एनओसी लेना था। कुछ विभागों ने एनओसी दिया, कुछ ने लटका दिया।
अब कई निवेशक आ ही नहीं रहे हैं, जबकि करीब 46 ऐसे निवेशक हैं जिन्हें छह हजार करोड़ का निवेश करना है। डीएम सत्येंद्र कुमार ने मामले को संज्ञान में लेकर इन निवेशकों की 30 मई को बैठक बुलाई है। यहां उनकी समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया जाएगा।
राजातालाब क्षेत्र में हथकरघा एवं वस्त्राद्योग को लेकर एक उद्योग लगना है। इसमें 75 करोड़ का निवेश होना है लेकिन यहां तहसील में राजस्व विभाग में मामला फंसा है। इसके अलावा भूगर्भ जल विभाग से भी अभी तक हरी झंडी नहीं मिली है।
इसी क्षेत्र में एक 125 करोड़ से इथीनॉल प्रोजेक्ट लगना है और यहां भी जमीन संबंधी प्रकरण एसडीएम के पास लंबित है। इसी क्षेत्र में एक रिसाॅर्ट और एक वेलनेस रिसाॅर्ट प्रोजेक्ट लगना है। जो करीब 153 करोड़ है। जमीन संबंधी मामला तहसील में लंबित है।
शिवपुर रोड पर 9.9 करोड़ से एक होटल बनना है। यहां होटल के सामने सड़क की चौड़ाई सात मीटर है। वीडीए ने कहा कि नौ मीटर सड़क होनी चाहिए। इसी तरह नदेसर में 99 करोड़ से एक होटल बनना है, लेकिन पर्यटन नीति-2022 के तहत संपत्ति कर में 50 फीसदी छूट के संबंध में नियमों की जानकारी मांगी गई है जो अभी तक मिली नहीं है। एक क्रूज कार्यालय का निर्माण भी अभी शुरू नहीं हो सका है क्योंकि उसमें पार्किंग संबंधी अन्य कई जानकारियां मांगी गई हैं।
लालपुर में 600 करोड़ की लागत एक अस्पताल बनना है। वीडीए ने सभी विभागों से मानचित्र जारी करने के लिए एनओसी मांगी जो अब तक नहीं मिल सकी है। राजातालाब में एक लॉजिस्टिक पार्क बनना है, लेकिन जहां जमीन खरीदी जानी है उसमें कुछ हिस्सा एक अनुसूचित जाति के वर्ग के व्यक्ति का है। ऐसे में मामला तहसील में लंबित है। पिंडरा में 25 करोड़ की बेकरी का निर्माण होना है, लेकिन यहां बिजली विभाग ने 440 दिन देरी से बिजली कनेक्शन दिया है।
इस कारण यह शुरू नहीं हो सकी है। इसी तरह अन्य प्रोजेक्ट में कहीं बिजली विभाग तो कहीं प्रदूषण विभाग और कहीं राजस्व के चलते मामले लंबित है। यह सभी निवेशक 2023 की ग्राउंड बेकिंग सेरेमनी से आए थे। इनकी सभी आपत्तियों को छह महीने में पूरा कर लिया जाता तो इन सभी प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाता।
बोले अधिकारी
सभी निवेशकों को 30 मई को बुलाया गया है। उनके साथ बैठक करेंगे और उसी समय सभी विभागों के अफसर भी मौजूद रहेंगे। सभी आपत्तियों का निस्तारण कर जल्द इन प्रोजेक्ट को शुरू कराया जाएगा। - सत्येंद्र कुमार, डीएम