फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Dental implants will become easier with devices made of titanium and carbon

BHU: टाइटेनियम और कार्बन से बने उपकरण से आसान हो जाएगा दांत का प्रत्यारोपण, प्रोफेसर के शोध में मिला पेटेंट

Mon, 25 Mar 2024 09:20 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Mon, 25 Mar 2024 09:20 AM IST
सार

टाइटेनियम-कार्बन मिश्रित उपकरण से दंत प्रत्यारोपण में आसानी होगी। इसके लिए बीएचयू दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय के प्रोफेसर के शोध को पेटेंट भी मिला है। उनका कहना है कि टाइटेनियम एक विशेष धातु है, जो वजन में हल्का और मजबूत होता है।

विज्ञापन
Dental implants will become easier with devices made of titanium and carbon
बीएचयू ट्रामा सेंटर में बन रही सीसीयू - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीएचयू दंत चिकित्सा विज्ञान संकाय में हुए शोध में टाइटेनियम-कार्बन मिश्रित उपकरण से दंत प्रत्यारोपण को उपयोगी बताया गया है। संकाय के प्रो. राजेश बंसल के शोध को पेटेंट भी मिल गया है। उनका कहना है कि टाइटेनियम एक विशेष धातु है, जो वजन में हल्का और मजबूत होता है। बैंड भी आसानी हो जाता है।

विज्ञापन


उन्होंने बताया कि कार्बन मानव शरीर का प्रमुख घटक तत्व है। इससे बना इंप्लांट सबसे अधिक कारगर होगा। ब्रिज की पुरानी प्रक्रिया के संबंध में दांतों के निकले गए कुछ या पूर्ण सेटों के प्रतिस्थापन में स्वस्थ प्राकृतिक दांतों या हटाने योग्य प्लेटों को घिसने की आवश्यकता होती है। ब्रिजिंग प्रक्रिया में दांत घिसने, ओवरलोडिंग और पायरिया के कारण निकल जाते थे। 
विज्ञापन


मुख्यधारा के दंत प्रत्यारोपण टाइटेनियम से बने होते हैं। क्योंकि टाइटेनियम में ऑक्सीजन के लिए एक उच्च संबंध होता है और आसानी से इसकी सतह पर एक ऑक्साइड परत बनाता है। आमतौर पर, दंत प्रत्यारोपण को जबड़े की हड्डी के साथ दृढ़ता से एकजुट होने में तीन महीने से अधिक समय लगता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


कार्बन मानव शरीर का प्रमुख घटक तत्व है और कार्बन ने कोशिकाओं को उच्च जैव-अनुकूलता दिखाई है। शुद्ध कार्बन से बने प्रत्यारोपण के अन्य बायोमैटिरियल्स पर कई फायदे हैं। इस प्रत्यारोपण सामग्री में हड्डी के लिए तेजी से एकीकरण और लंबे समय तक स्थिरता की क्षमता है। शोध में डॉ. वकील सिंह, डॉ. आंचल श्रीवास्तव और डॉ. अमित शर्मा भी शामिल रहे।

Trending Videos

बीएचयू में डेढ़ साल में बनकर तैयार हो जाएगी 150 बेड की सीसीयू

बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में 150 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) का काम शुरू हो गया है। ओपीडी ब्लॉक के बगल में बनने वाले सीसीयू की जगह की साफ-सफाई शुरू हो गई और उसे घेरा जा रहा है। होली के बाद निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। डेढ़ साल में सीसीयू बनकर तैयार हो जाएगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की पहल पर 119.74 करोड़ रुपये की लागत से छह मंजिला यूनिट बनेगी। निर्माण का काम केंद्रीय लोक निर्माण विभाग करेगा। इसका शिलान्यास पिछले साल दिसंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। अब तक इस जगह पर मरीजों के लिए स्ट्रेचर, व्हीलचेयर रखने की व्यवस्था थी, जो अब इमरजेंसी गेट के पास हो गई है। साथ ही मोर्चरी के पास से लेकर इमरजेंसी वाले रास्ते और पार्क में भी साफ-सफाई कर टिनशेड लगा दिया गया है।

अधिकारी बोले
ट्रॉमा सेंटर में बनने वाली सीसीयू में मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर के साथ ही आईसीयू जैसी सुविधाएं भी होंगी। साथ ही डेडिकेटेड बर्न वार्ड भी बनाया जाएगा। - प्रो. सौरभ सिंह, प्रभारी, ट्रॉमा सेंटर

50 बेड का बर्न वार्ड भी बनेगा
ट्रॉमा सेंटर परिसर में सीसीयू ब्लॉक में ही 50 बेड का बर्न वार्ड भी बनाया जाएगा। फिलहाल जिले में मंडलीय अस्पताल में 20 बेड का बर्न वार्ड और बीएचयू अस्पताल में 7 बेड का बर्न वार्ड है। डेडिकेटेड बर्न वार्ड के बनने के बाद वाराणसी सहित आसपास के जिलों से से आने वाले मरीजों का बेहतर इलाज हो सकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed