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21 और मरीजों में डेंगू की पुष्टि, प्लेटलेट्स के लिए मशक्कत कर रहे तीमारदार
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वाराणसी। एक सप्ताह में डेंगू से तीन मौत होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मौसम से इतर बारिश होने से डेंगू की समयसीमा मानों बढ़ गई है। आलम यह है कि 21 नए डेंगू पीडि़त सामने आए हैं। जबकि दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल, रामनगर अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों में भी सैकड़ों मरीज आ रहे हैं। उधर, मरीजों को आईएमए ब्लड बैंक के साथ ही कुछ निजी ब्लड बैंकों पर भी रोजाना प्लेटलेट्स के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
आम तौर पर 15 नवंबर तक डेंगू का कहर खत्म होने का समय माना जाता है, लेकिन इस बार संभावित तिथि बीतने के बाद भी मरीजों के मिलने का क्रम जारी है। जहां समयसीमा के बाद बारिश हुई वहीं नवंबर का अंतिम सप्ताह आने के बाद भी ठंड का असर भी कम होना भी इसकी वजह मानी जा रही है। इस वर्ष जनवरी से लेकर नवंबर महीने तक अब तक 255 मरीज जिले के अस्पतालों में इलाज करा चुके हैं, जबकि एक माह में बीएचयू प्रोफेसर के बेटे समेत अब तक चार लोगों को डेंगू लील चुका है। इन मामलों से हरकत में आए अस्पताल प्रशासन ने अलग वार्ड भी बनाया गया है।
दो से तीन घंटे में मिल रहा प्लेटलेट्स
डेंगू पीडि़तों की संख्या बढ़ने की वजह से अस्पताल में इलाज तो शुरू हो जा रहा है, लेकिन प्लेटलेटस के लिए आईएमए ब्लड बैंक में तो टोकन लिए तीमारदारों को दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। रविवार शाम छह बजे टोकन पाए लोगों को प्लेटलेटस भी रात नौ बजे के बाद मिला। सोमवार को भी इसी तरह के हालात रहे।
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70 में से 21 की रिपोर्ट पॉजीटिव
दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में दस बेड वाले डेंगू वार्ड में इस समय चार मरीज भर्ती हैं। शनिवार को जिन 70 मरीजों का ब्लड सैंपल लिया गया था, उसमें 21 की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। यानी 21 मरीजों को डेंगू होनें की पुष्टि हुई है। इसमें भोजुबीर स्थित एक निजी अस्पताल से ही 24 सैंपल आए थे, जिनकी जांच में 12 की रिपोर्ट पॉजीटिव मिली। उधर रामनगर के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के डेंगू वार्ड में भी 4 मरीज भर्ती है। सीएमएस डॉ. कमल कुमार ने बताया कि अस्पताल में स्पेशल डेंगू वार्ड में पांच बेड हैं। आवश्यकता पड़ने पर बेड बढ़ाया जा सकता है ।
दारानगर, भरथरा में गंदगी का अंबार, पानी अस्वच्छ
एक सप्ताह के अंदर दारानगर और भरथरा में हुई मौतों के बाद सोमवार को अधिकारियों संग पहुंचे सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने कालोनियों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जहां दारानगर में गंदगी, जलभराव मिला, वहीं नालियां जाम होने की वजह से पानी ऊपर से बह रहा था। जगह-जगह कचरा भी फैला दिखा। यहां पानी की स्वच्छता की जांच की गई तो उसका स्तर भी निगेटिव पाया गया।
सप्ताह भर बाद खत्म हो जाएगी समस्या
चिकित्सकों के मुताबिक जैसे-जैसे ठंड बढ़ती जाएगी, वैसे-वैसे डेंगू खत्म होता जाएगा। दीनदयाल अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पीके सिंह ने बताया डेंगू का सीजन खत्म हो गया है, लेकिन इस बार तापमान उतार-चढ़ाव और ठंड कम पड़ने की वजह से कुछ प्रभाव है। जिस तरह से सोमवार को हल्की ठंड शुरू हुई है, उससे माना जा रहा है कि सप्ताह भर बाद दिसंबर के पहले सप्ताह से डेंगू का प्रकोप खत्म हो जाएगा।
विभाग का दावा-डेंगू से नहीं हुई मां-बेटी की मौत
स्वास्थ्य विभाग ने अपने दावे में मां बेटी की डेंगू से मौत न होना बताया है। इसके लिए जांच रिपोर्ट का हवाला दिया जा रहा है। नोडल अधिकारी डॉ.एसएस कन्नौजिया और जिला मलेरिया अधिकारी शरद चंद पांडेय ने बताया कि किरण वर्मा(42) को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसकी रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताया गया है, जबकि खुशबू वर्मा(17) की जांच में एनएस1 पॉजीटिव मिला लेकिन एलाईजा जांच निगेटिव है। बताया कि दोनों रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद ही डेंगू की पुष्टि मानी जाती है।
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आम तौर पर 15 नवंबर तक डेंगू का कहर खत्म होने का समय माना जाता है, लेकिन इस बार संभावित तिथि बीतने के बाद भी मरीजों के मिलने का क्रम जारी है। जहां समयसीमा के बाद बारिश हुई वहीं नवंबर का अंतिम सप्ताह आने के बाद भी ठंड का असर भी कम होना भी इसकी वजह मानी जा रही है। इस वर्ष जनवरी से लेकर नवंबर महीने तक अब तक 255 मरीज जिले के अस्पतालों में इलाज करा चुके हैं, जबकि एक माह में बीएचयू प्रोफेसर के बेटे समेत अब तक चार लोगों को डेंगू लील चुका है। इन मामलों से हरकत में आए अस्पताल प्रशासन ने अलग वार्ड भी बनाया गया है।
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दो से तीन घंटे में मिल रहा प्लेटलेट्स
डेंगू पीडि़तों की संख्या बढ़ने की वजह से अस्पताल में इलाज तो शुरू हो जा रहा है, लेकिन प्लेटलेटस के लिए आईएमए ब्लड बैंक में तो टोकन लिए तीमारदारों को दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा। रविवार शाम छह बजे टोकन पाए लोगों को प्लेटलेटस भी रात नौ बजे के बाद मिला। सोमवार को भी इसी तरह के हालात रहे।
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70 में से 21 की रिपोर्ट पॉजीटिव
दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में दस बेड वाले डेंगू वार्ड में इस समय चार मरीज भर्ती हैं। शनिवार को जिन 70 मरीजों का ब्लड सैंपल लिया गया था, उसमें 21 की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। यानी 21 मरीजों को डेंगू होनें की पुष्टि हुई है। इसमें भोजुबीर स्थित एक निजी अस्पताल से ही 24 सैंपल आए थे, जिनकी जांच में 12 की रिपोर्ट पॉजीटिव मिली। उधर रामनगर के लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के डेंगू वार्ड में भी 4 मरीज भर्ती है। सीएमएस डॉ. कमल कुमार ने बताया कि अस्पताल में स्पेशल डेंगू वार्ड में पांच बेड हैं। आवश्यकता पड़ने पर बेड बढ़ाया जा सकता है ।
दारानगर, भरथरा में गंदगी का अंबार, पानी अस्वच्छ
एक सप्ताह के अंदर दारानगर और भरथरा में हुई मौतों के बाद सोमवार को अधिकारियों संग पहुंचे सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने कालोनियों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जहां दारानगर में गंदगी, जलभराव मिला, वहीं नालियां जाम होने की वजह से पानी ऊपर से बह रहा था। जगह-जगह कचरा भी फैला दिखा। यहां पानी की स्वच्छता की जांच की गई तो उसका स्तर भी निगेटिव पाया गया।
सप्ताह भर बाद खत्म हो जाएगी समस्या
चिकित्सकों के मुताबिक जैसे-जैसे ठंड बढ़ती जाएगी, वैसे-वैसे डेंगू खत्म होता जाएगा। दीनदयाल अस्पताल के फिजिशियन डॉ. पीके सिंह ने बताया डेंगू का सीजन खत्म हो गया है, लेकिन इस बार तापमान उतार-चढ़ाव और ठंड कम पड़ने की वजह से कुछ प्रभाव है। जिस तरह से सोमवार को हल्की ठंड शुरू हुई है, उससे माना जा रहा है कि सप्ताह भर बाद दिसंबर के पहले सप्ताह से डेंगू का प्रकोप खत्म हो जाएगा।
विभाग का दावा-डेंगू से नहीं हुई मां-बेटी की मौत
स्वास्थ्य विभाग ने अपने दावे में मां बेटी की डेंगू से मौत न होना बताया है। इसके लिए जांच रिपोर्ट का हवाला दिया जा रहा है। नोडल अधिकारी डॉ.एसएस कन्नौजिया और जिला मलेरिया अधिकारी शरद चंद पांडेय ने बताया कि किरण वर्मा(42) को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसकी रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताया गया है, जबकि खुशबू वर्मा(17) की जांच में एनएस1 पॉजीटिव मिला लेकिन एलाईजा जांच निगेटिव है। बताया कि दोनों रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद ही डेंगू की पुष्टि मानी जाती है।