News: गर्मी में भी मिल रहे डेंगू संक्रमित, रेड जोन में काशी की 36 काॅलोनियां; एक सप्ताह में मिले दो नए मामले
चिंता की बात यह है कि पिछले तीन साल से जिले में हर साल 400 से अधिक केस मिल रहे हैं। इस साल पांच माह में 39 केस मिल चुके हैं। इसमें एक सप्ताह में दो लोगों में पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य महकमा सतर्क हो गया है।
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Dengue: डेंगू के केस आमतौर पर बरसात के मौसम में मिलते हैं, लेकिन बदलते मौसम में अब गर्मी में भी केस मिलने लगे हैं। स्थिति यह है कि इस समय शहर की एक दो नहीं बल्कि 36 काॅलोनियां रेड जोन में हैं। सूची में 32 ग्रामीण इलाके भी शामिल हैं। इन जगहों पर फाॅगिंग की तैयारी चल रही है।
डेंगू के कारण, बचाव के प्रति जागरूकता को लेकर हर साल 16 मई को विश्व डेंगू दिवस मनाया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक एक ही जगह जलभराव से डेंगू के मच्छर के पनपने की संभावना अधिक रहती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऐसी काॅलोनी जहां छह से अधिक केस मिले हैं, उसको रेड जोन में रखा गया है, जबकि इससे कम केस वाली काॅलोनियां येलो जोन में हैं।
शहर में जिन काॅलोनियों का नाम रेड जोन की सूची में हैं, उनमें बीएचयू कैंपस, महामनापुरी काॅलोनी, डिफेंस काॅलोनी, नगवां, बरेका, पुलिस लाइन, वीडीए काॅलोनी जैसी वीआईपी काॅलोनियां शामिल हैं। हाल ही में सामनेघाट निवासी एक युवक में डेंगू की पुष्टि हुई है जबकि जिला अस्पताल में हुई जांच में दो दिन पहले एक युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
स्ट्रेन म्यूटेशन की वजह से ही मिल रहे मामले
आईएमएस बीएचूय के प्रो. गोपालनाथ ने बताया कि आम तौर पर बरसात के मौसम में डेंगू की संभावना अधिक रहती है, लेकिन स्ट्रेन में म्यूटेशन की वजह से ही गर्मी में कुछ मामले देखने को मिल रहे हैं। डेंगू के चार स्ट्रेन होते हैं। डेन 1 से 4 तक। इसमें स्ट्रेन का म्यूटेशन वातावरणीय बदलाव के कारण होता रहता है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. एससी पांडेय का कहना है कि रेड जोन और यलो जोन में विशेष अभियान चलाकर फाॅगिंग भी करवाई जाएगी।
दिन में भी लग रहे हैं मच्छर 125 हॉटस्पॉट बने
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छरों से बचाव के लिए फाॅगिंग का दावा तो किया जाता है, लेकिन मच्छरों का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। इस समय 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी मच्छर रात के साथ ही दिन में भी काट रहे हैं। ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहर में अधिक हॉटस्पॉट बनाए गए हैं। वर्तमान में जिले में 125 हॉटस्पाॅट बनाए गए हैं। गांवों में 56 हॉटस्पॉट (रेडजोन 32, यलो जोन 24) और शहरी इलाके में 69 (रेडजोन 36, यलो जोन 33) जगहों को हॉटस्पॉट घोषित किया गया है।
पिछले 3 साल में डेंगू के मरीज
2025 39 (अब तक)
2024 425
2023 491
2022 562