{"_id":"608b11ef8ebc3e2456615b24","slug":"demolition-after-death-of-a-patient-in-deendayal-hospital-city-news-vns587357299","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीनदयाल अस्पताल में मरीज की मौत के बाद तोड़फोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीनदयाल अस्पताल में मरीज की मौत के बाद तोड़फोड़
विज्ञापन
वाराणसी। दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार की सुबह एक कोरोना संक्रमित मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया। इस दौरान परिजनों ने जहां मेडिकल वार्ड में जमकर तोड़फोड़ की, वही अस्पताल के डॉक्टरों की पिटाई भी कर दी।
उधर पिटाई के विरोध में डॉक्टरों ने कामकाज ठप कर दिया है, जिसके बाद भर्ती अन्य मरीजों के परिजन इलाज को लेकर परेशान रहे। दीनदयाल अस्पताल को लेवल 2 का कोविड अस्पताल बनाया गया है। गिलटबाजार निवासी जयप्रकाश श्रीवास्तव को 26 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बेटे राकेश श्रीवास्तव का आरोप था कि कई बार बुलाने पर भी डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ देखने नहीं आ रहे थे। इसके बाद जब तबियत बिगड़ने लगी तो अनावश्यक बीएचयू रेफर कर दिया गया। बेटे के मुताबिक बीएचयू में जगह न मिलने पर दीनदयाल अस्पताल में ही रखना पड़ा। सुबह उनकी मौत हो गई। उधर डॉक्टरों का कहना था कि मरीज के बेटे ने किसी भारी सामान से उन पर चेंबर में हमला कर दिया। इससे सर्जिकल वार्ड के शीशे, गेट टूट गए। उधर सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया और अपनी निगरानी में मरीज का शव बाहर निकलवाया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
आधे घंटे तक रहा अफरातफरी का माहौल
अस्पताल में बृहस्पतिवार की सुबह मौत के बाद सर्जिकल वार्ड में तोड़फोड़ आदि घटना से अस्पताल में आधे घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। अन्य मरीजों के परिजन बहुत परेशान दिखे।
विज्ञापन
मरीज के परिजनों को सुबह मौत की सूचना देने के बाद वह नाराज हो गए और उन्होंने डॉक्टरों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ की। पुलिस को सूचना देने के साथ ही डाक्टरों को भी किसी तरह मनाया गया, जिसके वाद वह काम पर लौट आए हैं। अस्पताल में मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है। -डॉक्टर वी शुक्ला, सीएमएस
विज्ञापन
उधर पिटाई के विरोध में डॉक्टरों ने कामकाज ठप कर दिया है, जिसके बाद भर्ती अन्य मरीजों के परिजन इलाज को लेकर परेशान रहे। दीनदयाल अस्पताल को लेवल 2 का कोविड अस्पताल बनाया गया है। गिलटबाजार निवासी जयप्रकाश श्रीवास्तव को 26 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बेटे राकेश श्रीवास्तव का आरोप था कि कई बार बुलाने पर भी डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ देखने नहीं आ रहे थे। इसके बाद जब तबियत बिगड़ने लगी तो अनावश्यक बीएचयू रेफर कर दिया गया। बेटे के मुताबिक बीएचयू में जगह न मिलने पर दीनदयाल अस्पताल में ही रखना पड़ा। सुबह उनकी मौत हो गई। उधर डॉक्टरों का कहना था कि मरीज के बेटे ने किसी भारी सामान से उन पर चेंबर में हमला कर दिया। इससे सर्जिकल वार्ड के शीशे, गेट टूट गए। उधर सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया और अपनी निगरानी में मरीज का शव बाहर निकलवाया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
आधे घंटे तक रहा अफरातफरी का माहौल
अस्पताल में बृहस्पतिवार की सुबह मौत के बाद सर्जिकल वार्ड में तोड़फोड़ आदि घटना से अस्पताल में आधे घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा। अन्य मरीजों के परिजन बहुत परेशान दिखे।
विज्ञापन
मरीज के परिजनों को सुबह मौत की सूचना देने के बाद वह नाराज हो गए और उन्होंने डॉक्टरों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ की। पुलिस को सूचना देने के साथ ही डाक्टरों को भी किसी तरह मनाया गया, जिसके वाद वह काम पर लौट आए हैं। अस्पताल में मरीजों का बेहतर इलाज किया जा रहा है। -डॉक्टर वी शुक्ला, सीएमएस