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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Demand to secure Hindu evidence in Gyanvapi Masjid application will be heard on 17 August

Gyanvapi: ज्ञानवापी परिसर में मिले हिंदू साक्ष्यों को सुरक्षित करने की मांग, आवेदन पर 17 अगस्त को होगी सुनवाई

Fri, 11 Aug 2023 04:41 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Fri, 11 Aug 2023 04:41 PM IST
सार

वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर में हिंदू प्रतीक चिन्हों को संरक्षित करनेकी मांग को लेकर वाराणसी जिला अदालत में आवेदन दिया गया है। यह आवेदन हाईकोर्ट द्वारा उस जनहित याचिका को वापस लेने की अनुमति देने के तीन दिन बाद दायर किया गया है, जिसमें यूपी  सरकार को एएसआई सर्वे आदेश को प्रभावित किए बिना पूरे ज्ञानवापी परिसर को सील करने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
 

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Demand to secure Hindu evidence in Gyanvapi Masjid application will be heard on 17 August
ज्ञानवापी परिसर का सर्वे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में बीते साल अधिवक्ता आयुक्त के कमीशन और एएसआई सर्वे के दौरान मिले हिंदू धर्म से संबंधित चिह्नों और प्रतीकों के संरक्षण का नया वाद शुक्रवार को जिला जज डॉ अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में दाखिल किया गया है। यह वाद मां श्रृंगार गौरी की वादिनी राखी सिंह ने दाखिल की है। मामले की सुनवाई 17 अगस्त को होगी।

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नए वाद के जरिये विवादित स्थल पर नमाज अदा करने वालों की संख्या सीमित करने के लिए नियम बनाने का अनुरोध किया गया है। ज्ञानवापी परिसर की किसी भी संरचना की रंगाई-पुताई करने से मना करने की मांग भी की गई है। वादिनी के अधिवक्ता सौरभ तिवारी और अनुपम द्विवेदी ने बताया कि यह आवेदन इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में दिया गया है।

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दावा- 1669 में औरंगजेब ने ध्वस्त कराया मंदिर

दावा है कि दशाश्वमेध वार्ड के प्लॉट नंबर 9130 में ब्रह्मांड के विधाता भगवान शिव ने लाखों साल पहले स्वयं ज्योतिर्लिंग की स्थापना की थी। उस मंदिर को वर्ष 1669 में मुगल शासक औरंगजेब ने ध्वस्त कराकर उसके ढांचे के ऊपर मस्जिद बना दी थी। प्रतिवादी अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के लोग ज्ञानवापी में मौजूद हिंदू धर्म से संबंधित चिह्नों और प्रतीकों को नुकसान पहुंचाने व नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं।

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प्रतिनिधि वाद मामले में 16 अगस्त को होगी सुनवाई

ज्ञानवापी मामले में दाखिल प्रतिनिधि वाद पर शुक्रवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में सुनवाई हुई है। इस दौरान अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने आपत्ति दाखिल करने के लिए समय मांगा। अब मामले की सुनवाई 16 अगस्त को होगी। प्रतिनिधि वाद संजय कुमार रस्तोगी, नवीन कुमार सिंह, अजीत कुमार सिंह, अमित कुमार सिंह और अखंड प्रताप सिंह की ओर से दाखिल किया गया है।

इसमें अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट को प्रतिवादी बनाया गया है। कहा गया कि ज्ञानवापी से संबंधित आराजी संख्या-9130 लोहे की बैरिकेडिंग से घिरी है। वहां स्थित मां श्रृंगार गौरी और आदि विश्वेश्वर सहित प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष देवी-देवताओं के नित्य दर्शन-पूजन में प्रतिवादी अवरोध न उत्पन्न करें। 

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