'Thank God' को बैन करने की मांग: वाराणसी कोर्ट में प्रकीर्ण वाद दर्ज, कायस्थ महासभा ने दर्ज कराया परिवाद
फिल्म थैंक गॉड का ट्रेलर सामने आने के बाद विरोध शुरू हो गया है। आरोप है एक दृश्य में भगवान चित्रगुप्त का अपमान किया गया है।
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अजय देवगन और सिद्धार्थ मल्होत्रा की फिल्म 'थैंक गॉड' रिलीज होने से पहले विवादों में आ गई है। फिल्म का ट्रेलर सामने आने के बाद लोग एक दृश्य पर आपत्ति जता रहे हैं। फिल्म के बैन करने के मांग उठने लगी है। फिल्म के ट्रेलर में श्रीचित्रगुप्त महाराज के आपत्तिजनक चित्र मामले में सीजेएम विजय कुमार विश्वकर्मा की कोर्ट में दाखिल आवेदन को प्रकीर्ण वाद के रूप में दर्ज किया गया।
कोर्ट ने कैंट थाने से 21 सितंबर को आख्या तलब की है। अभिनेता अजय देवगन, सिद्धार्थ मल्होत्रा और फिल्म के निर्देशक इंद्र कुमार समेत पूरी टीम के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है। भाजपा विधि प्रकोष्ठ के संयोजक शशांक शेखर त्रिपाठी ने वाद दाखिल किया है। शशांक शेखर के अनुसार फिल्म अगले महीने 25 अक्तूबर को रिलीज होने वाली है। फिल्म के ट्रेलर में अजय देवगन स्वयं को भगवान चित्रगुप्त बताते हुए घटिया मजाक व आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं।
जान बूझकर भगवान चित्रगुप्त को गलत ढंग से दिखाया गया
भगवान चित्रगुप्त को फिल्म थैंक गॉड में अपमानित करने के विरोध में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा ने जिला न्यायालय में परिवाद दर्ज कराया। महासभा के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि फिल्म में जान बूझकर भगवान चित्रगुप्त को गलत ढंग से दिखाया गया है।
कहा कि फिल्म थैंक गॉड को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए, क्योंकि इसमें हिंदू मान्यताओं का मजाक उड़ाया गया है। चित्रगुप्त सभा काशी के उपाध्यक्ष व्योमेश चित्रवंश एडवोकेट और उनके सहयोगी अरविंद कुमार सिंह एडवोकेट, रुस्तम अली एडवोकेट के माध्यम से परिवाद दाखिल किया गया। उधर, फुलवरिया स्थित कार्यालय पर आयोजित बैठक में फिल्म को बैन करने के लिए प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, सेंसर बोर्ड को पत्र लिखने का निर्णय लिया गया है।