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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Demand for ban on entry of Hindus in Gyanvapi Masjid premises hearing on petition on 3 October

Gyanvapi Case: ज्ञानवापी परिसर में हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग, याचिका पर सुनवाई तीन अक्तूबर को

Wed, 14 Sep 2022 07:21 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Wed, 14 Sep 2022 07:21 PM IST
सार

ज्ञानवापी परिसर में उर्स का आयोजन करने व के प्रवेश पर रोक की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर बुधवार अदालत में सुनवाई हुई। जिसमें अदालत ने तीन अक्तूबर को सुनवाई की तिथि तय कर दी है। 

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Demand for ban on entry of Hindus in Gyanvapi Masjid premises hearing on petition on 3 October
वाराणसी कोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्ञानवापी परिसर में नमाज व उर्स करने, पूरा परिसर मुस्लिम पक्ष को सौंपने और हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग लेकर दायर याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक महेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में ज्ञानवापी से जुड़े लोहता के मुख्तार अहमद समेत पांच मुस्लिमों की तरफ से दाखिल वाद सुनवाई योग्य है या नहीं पर बहस हुई।

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इस मामले में हिंदू पक्ष की तरफ से रंजना अग्निहोत्री, रमेश उपाध्याय समेत कई को पक्षकार बनाने संबंधी ऑर्डर 1 रूल 10 के तहत दिए गए आवेदन पर सुनवाई के लिए तीन अक्तूबर को सुनवाई की तिथि नियत कर दी। वाद में ज्ञानवापी में नमाज व उर्स करने, पूरा परिसर मुस्लिम पक्ष को सौंपने और हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की मांग की गई है।
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महत्वपूर्ण यह कि एक नाबालिग रामेश्वर उपाध्याय ने भी हिंदू पक्षकार बनने की अर्जी दी है। अधिवक्ता रमेश उपाध्याय का कहना है कि हम शंकराचार्य के शिष्य के रूप में पक्षकार बनकर पक्ष रखेंगे। वहीं अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने अदालत में कहा कि यह हिंदू धर्मावलंबियों के हित और अहित से जुड़ा मामला है। इससे पूरा समाज प्रभावित है। ऐसे में पक्षकार बनाया जाय।

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अदालत में आशीष तिवारी, आशीष शुक्ल, पवन पाठक, सतीश अग्रहरि, सत्यप्रकाश श्रीवास्तव, सुनीता श्रीवास्तव ने पक्षकार बनने का आवेदन दिया है। वहीं दूसरे एक अन्य मामला साध्वी पूर्णंबा, शारदंबा बहनों का है, जिन्होंने सबसे पहले श्रृंगार गौरी और अन्य देव विग्रहों के दर्शन की इजाजत का अनुरोध किया गया था। इस मामले में महिला बहनों ने आदि विश्वेश्वर के दर्शन पूजन राग भोग और सर्वे के दौरान मिले देवी देवताओं के पुरातात्विक सर्वेक्षण की मांग की है। इस पर 19 सितंबर को सुनवाई होनी है।

जिला अदालत के फैसले के मामले में हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल

वाराणसी जिला अदालत में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में पूजा के अधिकार की मांग करने वाली पांच महिलाओं में से एक याची रेखा पाठक ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल की है। महिला उपासक ने कैविएट के जरिये मांग की है कि अगर वाराणसी कोर्ट के 12 सितंबर के आदेश को चुनौती देने वाली कोई याचिका अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से दाखिल की जाती है तो उस पर उन्हें सुनवाई का मौका दिया जाए। इसके बाद ही कोई आदेश पारित किया जाए।

वाराणसी जिला अदालत ने 12 सितंबर के आदेश में मंदिर पक्ष के मुकदमे की स्थिरता को चुनौती देने वाली अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी द्वारा दाखिल सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश सात के नियम 11 की अर्जी को खारिज कर दिया। इसके साथ ही अदालत ने हिंदू उपासकों की याचिका पर सुनवाई के पक्ष में फैसला सुनाया था।

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