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दिल्ली सीरियल बम ब्लास्ट का सजायाफ्ता आतंकी पहुंचा आजमगढ़, बहन की शादी के लिए मिली थी पैरोल
Sun, 10 Feb 2019 10:28 AM IST
Sayali Maurya
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,आजमगढ़
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,आजमगढ़
Published by: Sayali Maurya
Updated Sun, 10 Feb 2019 10:28 AM IST
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सजायाफ्ता शहजाद
- फोटो : amar ujala
दिल्ली में हुए सीरियल बम ब्लास्ट सहित देशविरोधी कई गतिविधियों में लिप्त यूपी के आजमगढ़ जिले का बिलरियागंज थाना क्षेत्र के खालिसपुर गांव निवासी सजायाफ्ता शहजाद पुत्र शेराज अहमद शनिवार को दिल्ली हाईकोर्ट से मिली चार घंटे की पैरोल पर अपनी बहन की शादी में शामिल हुआ। वहां देखने वालों की भीड़ उमड़ी थी।
शहजाद की छोटी बहन सुंबुल की शादी शनिवार को गांव के ही एक युवक के साथ हुई। पिता शेराज अहमद की मौत हो चुकी है। सुंबुल की शादी में शामिल होने के लिए शहजाद ने दिल्ली हाईकोर्ट से अनुमति मांगी थी। अदालत ने उसे चार घंटे की पैरोल पर जाने की अनुमति प्रदान की थी। पुलिस उसे किसी तरह से भीड़ से बचाते हुए शाम को रेलवे स्टेशन लेकर पहुंची।
उसे दिल्ली से नौ कमांडो एसआई मुकेश कुमार के नेतृत्व में घर लेकर आए थे। शहजाद के घर आने की जानकारी उच्चाधिकारियों के अलावा एसओ बिलरियागंज राजकुमार सिंह और खुफिया विभाग के लोगों को थी। शनिवार की सुबह से ही उसे लाने और ले जाने के लिए सिधारी, शहर कोतवाली और बिलरियागंज थाने की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था।
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कड़ी सुरक्षा के बीच वज्र वाहन में पुलिसवाले उसे गोपनीय तरीके से घर लेकर पहुंचे। शहजाद के आने की सूचना पर देखने वालों की भीड़ उमड़ी थी। इस दौरान उसने अपने सगे-संबंधियों से बातचीत भी की। पैरोल का समय समाप्त होते ही पुलिसवाले उसे कैफियात एक्सप्रेस से पुन: दिल्ली लेकर रवाना हो गए। बहन और परिवारवालों से मिलकर शहजाद तो चला गया, लेकिन उसके जाने के बाद चर्चाओं का बाजार पुन: गरम हो गया।
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शहजाद की छोटी बहन सुंबुल की शादी शनिवार को गांव के ही एक युवक के साथ हुई। पिता शेराज अहमद की मौत हो चुकी है। सुंबुल की शादी में शामिल होने के लिए शहजाद ने दिल्ली हाईकोर्ट से अनुमति मांगी थी। अदालत ने उसे चार घंटे की पैरोल पर जाने की अनुमति प्रदान की थी। पुलिस उसे किसी तरह से भीड़ से बचाते हुए शाम को रेलवे स्टेशन लेकर पहुंची।
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उसे दिल्ली से नौ कमांडो एसआई मुकेश कुमार के नेतृत्व में घर लेकर आए थे। शहजाद के घर आने की जानकारी उच्चाधिकारियों के अलावा एसओ बिलरियागंज राजकुमार सिंह और खुफिया विभाग के लोगों को थी। शनिवार की सुबह से ही उसे लाने और ले जाने के लिए सिधारी, शहर कोतवाली और बिलरियागंज थाने की पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था।
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कड़ी सुरक्षा के बीच वज्र वाहन में पुलिसवाले उसे गोपनीय तरीके से घर लेकर पहुंचे। शहजाद के आने की सूचना पर देखने वालों की भीड़ उमड़ी थी। इस दौरान उसने अपने सगे-संबंधियों से बातचीत भी की। पैरोल का समय समाप्त होते ही पुलिसवाले उसे कैफियात एक्सप्रेस से पुन: दिल्ली लेकर रवाना हो गए। बहन और परिवारवालों से मिलकर शहजाद तो चला गया, लेकिन उसके जाने के बाद चर्चाओं का बाजार पुन: गरम हो गया।
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2010 में गिरफ्तार हुआ था शहजाद
एसओ बिलरियागंज राजकुमार सिंह के मुताबिक शहजाद वर्ष 2010 में अपने घर से गिरफ्तार हुआ था। यूपी एटीएस की टीम ने उसे गिरफ्तार किया था। जिस समय शहजाद गिरफ्तार हुआ था। उस समय उसके घर इमाम बुखारी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह आदि पहुंचे थे और घर वालों को ढांढस बंधाया था।