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रक्षा मंत्री बनकर पहली बार वाराणसी पहुंचीं निर्मला सीतारमण, डोकलाम मुद्दे पर ये कहा
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 14 Sep 2017 09:03 PM IST
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बीएचयू और महामना मालवीय के प्रति जताई गहरी श्रद्धा
- फोटो : twitter
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पहली बार वाराणसी आईं देश की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को यहां कहा कि सेना हर स्थिति से निबटने के लिए तैयार और सक्षम है। देशवासी बिल्कुल निश्चिंत रहें। पड़ोसी के नापाक इरादे कभी कामयाब नहीं होंगे।
पत्रकारों से मुखातिब रक्षा मंत्री ने कश्मीर सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से सीज फायर के उल्लंघन के सवाल के जवाब में ये बातें कहीं। डोकलाम विवाद पर उन्होंने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मुद्दा है और इस पर स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। भारत की पहले से तय नीति में कोई बदलाव नहीं हो रहा है।
बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित कैंटोनमेंट बोर्ड के स्वच्छता सम्मान कार्यक्रम में आईं रक्षा मंत्री ने ओडीएफ घोषित हुए मध्य कमान के वाराणसी सहित 10 छावनी बोर्डों को प्रमाणपत्र दिया। स्वच्छता अभियान में मजबूत भागीदारी के लिए उनकी सराहना की।
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बताया कि रक्षा मंत्रालय ने स्वच्छता अभियान के लिए तीन चरण तय किए हैं। कैंटोनमेंट बोर्ड और उनके आसपास जो भी नगर निकाय के वार्ड हैं, उन्हें ओडीएफ कर स्वच्छता की सुनिश्चित की जाएगी। सॉलिड और लिक्विड वेस्ट के निस्तारण की मैकनाइज्ड व्यवस्था की जाएगी। वाटर री-साइकिलिंग पर भी काम होगा। इसका ब्लू प्रिंट तैयार हो चुका है।
कहा कि गंदगी से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। पर्वतीय इलाके हों या फिर आध्यात्मिक-सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्र। वहां स्वच्छता सुनिश्चित होनी चाहिए और इसके लिए हर किसी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। हमें बिल्कुल हक नहीं है कि वहां कूड़ा फैलाएं।
हम उनकी खूबसूरती को बरकरार रखेेंगे तभी आने वाली पीढ़ियां भी उन्हें महसूस कर पाएंगी। स्वच्छता के जरिए हम देश को आगे बढ़ाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। बताया कि 15 सितंबर से दो अक्तूबर तक ऐसे इलाकों में रक्षा मंत्रालय की ओर से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
यह अभियान केवल आबादी वाले क्षेत्रों तक नहीं बल्कि पर्वतीय इलाकों में भी चलेगा। सेना के कार्य स्थलों पर भी यह मुहिम चलाई जाएगी। कहा कि स्वच्छता अभियान को वर्ष 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
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पत्रकारों से मुखातिब रक्षा मंत्री ने कश्मीर सीमा पर पाकिस्तान की तरफ से सीज फायर के उल्लंघन के सवाल के जवाब में ये बातें कहीं। डोकलाम विवाद पर उन्होंने कहा कि यह बेहद संवेदनशील मुद्दा है और इस पर स्थिति स्पष्ट हो चुकी है। भारत की पहले से तय नीति में कोई बदलाव नहीं हो रहा है।
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बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में आयोजित कैंटोनमेंट बोर्ड के स्वच्छता सम्मान कार्यक्रम में आईं रक्षा मंत्री ने ओडीएफ घोषित हुए मध्य कमान के वाराणसी सहित 10 छावनी बोर्डों को प्रमाणपत्र दिया। स्वच्छता अभियान में मजबूत भागीदारी के लिए उनकी सराहना की।
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बताया कि रक्षा मंत्रालय ने स्वच्छता अभियान के लिए तीन चरण तय किए हैं। कैंटोनमेंट बोर्ड और उनके आसपास जो भी नगर निकाय के वार्ड हैं, उन्हें ओडीएफ कर स्वच्छता की सुनिश्चित की जाएगी। सॉलिड और लिक्विड वेस्ट के निस्तारण की मैकनाइज्ड व्यवस्था की जाएगी। वाटर री-साइकिलिंग पर भी काम होगा। इसका ब्लू प्रिंट तैयार हो चुका है।
कहा कि गंदगी से पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है। पर्वतीय इलाके हों या फिर आध्यात्मिक-सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्र। वहां स्वच्छता सुनिश्चित होनी चाहिए और इसके लिए हर किसी को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। हमें बिल्कुल हक नहीं है कि वहां कूड़ा फैलाएं।
हम उनकी खूबसूरती को बरकरार रखेेंगे तभी आने वाली पीढ़ियां भी उन्हें महसूस कर पाएंगी। स्वच्छता के जरिए हम देश को आगे बढ़ाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। बताया कि 15 सितंबर से दो अक्तूबर तक ऐसे इलाकों में रक्षा मंत्रालय की ओर से विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
यह अभियान केवल आबादी वाले क्षेत्रों तक नहीं बल्कि पर्वतीय इलाकों में भी चलेगा। सेना के कार्य स्थलों पर भी यह मुहिम चलाई जाएगी। कहा कि स्वच्छता अभियान को वर्ष 2019 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
वाराणसी सहित 10 कैंटोनमेंट बोर्ड को ओडीएफ प्रमाणपत्र
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वच्छता के प्रयासों को सराहा
- फोटो : twitter
स्वच्छता अभियान के तहत ओडीएफ घोषित हुए वाराणसी समेत 10 कैंटोनमेंट बोर्ड को गुरुवार को यहां रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रमाणपत्र दिया और उनके प्रयासों की सराहना की।
बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में हुए समारोह में जिन कैंटोनमेंट बोर्ड को ओडीएफ सर्टिफिकेट दिया गया, उनमें मध्य कमान लखनऊ के अंतर्गत वाराणसी के अलावा बरेली, दानापुर, देहरादून, जबलपुर, लैंडोर, लैंड्सडाउन, मथुरा, मेरठ, रानीखेत छावनी परिषद शामिल हैं। प्रमाणपत्र लेने के लिए इन छावनी परिषदों के अधिकारी, पदाधिकारी और सदस्य आए हुए थे।
इससे पहले सुबह करीब 10:28 बजे रक्षा मंत्री जब कार्यक्रम स्थल पर पहुंची तो मिलिट्री बैंड से उनका स्वागत हुआ। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की मूर्ति पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
प्रिंसिपल डायरेक्टर सेंट्रल (मध्य कमान) दीपा बाजवा के स्वागत संबोधन के बाद महानिदेशक रक्षा संपदा यज्ञेश्वर शर्मा ने कैंटोनमेंट में स्वच्छता के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने छावनी परिषदों में स्वच्छता के प्रयासों को सराहा।
इन प्रयासों को और रफ्तार देने पर बल दिया। कहा कि स्वच्छता अभियान से बच्चों को भी जोड़ें। बताया कि इस अभियान के लिए 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं। दो दिन बाद वह नार्दन कमॉन एरिया कसौली में आठ और ओडीएफ कैंटोनमेंट बोड को सर्टिफिकेट देंगी। मध्य कमान में 25 कैंटोनमेंट बोर्ड में से अब तक 14 ओडीएफ हो चुके हैं।
रक्षा मंत्री ने महामना मालवीय और बीएचयू के प्रति अपनी गहरी आस्था जताई। कहा कि यहां आकर वह अभिभूत हैं और इस पवित्र स्थल को नमन करती हैं।
बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में हुए समारोह में जिन कैंटोनमेंट बोर्ड को ओडीएफ सर्टिफिकेट दिया गया, उनमें मध्य कमान लखनऊ के अंतर्गत वाराणसी के अलावा बरेली, दानापुर, देहरादून, जबलपुर, लैंडोर, लैंड्सडाउन, मथुरा, मेरठ, रानीखेत छावनी परिषद शामिल हैं। प्रमाणपत्र लेने के लिए इन छावनी परिषदों के अधिकारी, पदाधिकारी और सदस्य आए हुए थे।
इससे पहले सुबह करीब 10:28 बजे रक्षा मंत्री जब कार्यक्रम स्थल पर पहुंची तो मिलिट्री बैंड से उनका स्वागत हुआ। महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की मूर्ति पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
प्रिंसिपल डायरेक्टर सेंट्रल (मध्य कमान) दीपा बाजवा के स्वागत संबोधन के बाद महानिदेशक रक्षा संपदा यज्ञेश्वर शर्मा ने कैंटोनमेंट में स्वच्छता के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने छावनी परिषदों में स्वच्छता के प्रयासों को सराहा।
इन प्रयासों को और रफ्तार देने पर बल दिया। कहा कि स्वच्छता अभियान से बच्चों को भी जोड़ें। बताया कि इस अभियान के लिए 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं। दो दिन बाद वह नार्दन कमॉन एरिया कसौली में आठ और ओडीएफ कैंटोनमेंट बोड को सर्टिफिकेट देंगी। मध्य कमान में 25 कैंटोनमेंट बोर्ड में से अब तक 14 ओडीएफ हो चुके हैं।
रक्षा मंत्री ने महामना मालवीय और बीएचयू के प्रति अपनी गहरी आस्था जताई। कहा कि यहां आकर वह अभिभूत हैं और इस पवित्र स्थल को नमन करती हैं।