गुरु रविदास महाराज के 643वें जन्मोत्सव पर उनके सपनों के शहर में प्रकाशोत्सव की धूम है। कहीं लंगर, कहीं जत्थे, तो कहीं संगत की रौनक देखते ही बन रही है। पंडालों में धुनी रमाए श्रद्धालुओं की टोली भी हर किसी के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मंदिर से लेकर लौटूबीर तक गुरु के जयकारे से मेला क्षेत्र गूंज रहा है। रविवार की सुबह मंदिर में संत निरंजन दास द्वारा ध्वजारोहण कर प्रकाशोत्सव का शुभारंभ किया गया।
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वाराणसी में शनिवार को राजघाट स्थित संत रविदास मंदिर में लोगों पुष्पांजलि अर्पित की।
शनिवार को संत के सपनों के नगर में केवल आस्था का ही रेला नजर आया। गुरु के दर पर मत्था टेकने वालों का हुजूम देर शाम तक उमड़ता रहा। भक्तों के लिए बनाए गए अलग-अलग पंडालों में नाचते, गाते श्रद्धालुओं का रेला है, तो लंगर में प्रसाद चखने के लिए भी भारी भीड़ है। मिनी भारत में तब्दील सीर गोवर्धन का नजारा हर किसी को बरबस ही अपनी तरफ खींच रहा है।
इलाके में सड़क और गलियों से लेकर छतों तक चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ संत रैदास के भक्तों की भीड़ और उनका ही जयकारा गूंज रहा है। सुबह से ही मंदिर में संत रविदास के दर्शन पूजन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी है। सत्संग हॉल को सजाने का काम देर रात तक चलता रहा। अमृतवाणी के पाठ से पूरा इलाका गूंज रहा है।
जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने सीर गोवर्धन का निरीक्षण किया और संत निरंजन दास से मुलाकात की। उन्होंने मेला क्षेत्र में व्यवस्था को बेहतर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने भारी भीड़ को देखते हुए यातायात सहित कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा के कड़े प्रबंध करने का निर्देश अपर जिलाधिकारी नगर को दिया। रविदास मंदिर के निकट उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम द्वारा निर्माणाधीन लंगर हाल, पार्क व अन्य स्थलों को देखा और पंडाल क्षेत्र में पानी छिड़काव का भी निर्देश दिया।
दुकानों पर खरीदारी करने वालों की भीड़
मेला क्षेत्र में लगीं दुकानों पर खरीदारी करने वालों की भारी भीड़ रही। बनारसी साडि़यां, मिठाईयां, खिलौनों और बर्तनों की खरीदारी में लोग जुटे रहे। ज्यादातर श्रद्धालु बनारसी साड़ी की खरीदारी कर रविदास जी को चढ़ाने के बाद प्रसाद के रूप में उसे अपने घर ले जाते हैं।