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चित्रकूट रामलीला में कोप भवन की सजाई गई झांकी
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सभय नरेसु प्रिया पहिं गयऊ, देखि दसा दुखु दारून भयऊ॥ भूमि सयन पटु मोट पुराना, दिए डारि तन भूषन नाना॥ राजा दशरथ डरते अपनी प्यारी कैकेयी के पास गए। उसकी दशा देखकर उन्हें बहुत दुख हुआ। कैकेयी जमीन पर पड़ी है। पुराना मोटा कपड़ा पहने हुए है। शरीर के आभूषणों को उतारकर फेंक दिया है। चित्रकूट की रामलीला में शुक्रवार को कोपभवन की झांकी में मानस की चौपाईयों ने श्रोताओं के मन में राजा दशरथ के भाव को महसूस हुआ।
शुक्रवार को अयोध्या भवन में चित्रकूट रामलीला में कोप भवन की झांकी का मंचन हुआ। राजा दशरथ कैकेयी से पूछते हैं कि हे रानी तुम किसलिए रुठी हो। यह कहकर जब वह कैकेयी को स्पर्श करते हैं तो वह उनका हाथ झटक देती है। राजा कैकेयी को बार-बार समझाने का प्रयास करते हैं लेकिन वह उनकी कोई बात नहीं सुनती है। इस अवसर पर भक्तों ने प्रभु के स्वरूपों की झांकी का दर्शन किया। तुलसी प्रसाद और आरती के उपरांत लीला को विराम दिया गया।
मुकुट पूजन के साथ शुरुआत
गोस्वामी तुलसीदास द्वारा स्थापित रामलीला की शुरुआत शुक्रवार को तुलसीघाट पर हुई। अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास के तत्वावधान में मुकुट पूजन के साथ लीला पात्रों का वरण और रामचरित मानस का नारदीय शैली में पाठ किया गया। इस अवसर पर अखाड़े के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने श्री रामचरित मानस पोथी व लीला पात्रों का विधि-विधान से पूजन अर्चन किया। लाटभैरव में मानस का पाठ किया गया।
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शुक्रवार को अयोध्या भवन में चित्रकूट रामलीला में कोप भवन की झांकी का मंचन हुआ। राजा दशरथ कैकेयी से पूछते हैं कि हे रानी तुम किसलिए रुठी हो। यह कहकर जब वह कैकेयी को स्पर्श करते हैं तो वह उनका हाथ झटक देती है। राजा कैकेयी को बार-बार समझाने का प्रयास करते हैं लेकिन वह उनकी कोई बात नहीं सुनती है। इस अवसर पर भक्तों ने प्रभु के स्वरूपों की झांकी का दर्शन किया। तुलसी प्रसाद और आरती के उपरांत लीला को विराम दिया गया।
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मुकुट पूजन के साथ शुरुआत
गोस्वामी तुलसीदास द्वारा स्थापित रामलीला की शुरुआत शुक्रवार को तुलसीघाट पर हुई। अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास के तत्वावधान में मुकुट पूजन के साथ लीला पात्रों का वरण और रामचरित मानस का नारदीय शैली में पाठ किया गया। इस अवसर पर अखाड़े के महंत प्रो. विश्वंभर नाथ मिश्र ने श्री रामचरित मानस पोथी व लीला पात्रों का विधि-विधान से पूजन अर्चन किया। लाटभैरव में मानस का पाठ किया गया।
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