राहत भरी खबर: बीएचयू अस्पताल में जांच फीस बढ़ाने का फैसला वापस, छात्रों के विरोध में बैकफुट पर आया अस्पताल प्रशासन
बीएचयू अस्पताल प्रशासन की ओर से कुछ दिन पहले अल्ट्रासाउंड, एमआरआई सहित अन्य जांच की फीस में दो से 3 गुना की बढ़ोतरी की गई थी। जिसका बीएचयू छात्र लगातार विरोध कर रहे थे।
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) स्थित सरसुंदर लाल अस्पताल में एमआरआई, अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांच की फीस में बढ़ोतरी का फैसला वापस ले लिया गया है। छात्रों के लगातार विरोध के कारण अस्पताल प्रशासन बैकफुट पर आ गया। जांच की दर पुरानी रहने से मरीजों को बड़ी राहत होगी।
दूरदराज से आने वाले मरीजों को अब पुराने दर पर ही जांच की सुविधाओं का लाभ मिलेगा। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक की ओर से इसका आदेश भी जारी कर दिया गया है। बीएचयू अस्पताल में वाराणसी सहित पूर्वांचल के अन्य जिलों के अलावा बिहार और झारखंड से भी बड़ी संख्या में हर दिन मरीज इलाज के लिए आते हैं।
छात्रों ने दी थी आंदोलन की चेतावनी
अस्पताल प्रशासन की ओर से पहले से अल्ट्रासाउंड, एमआरआई सहित अन्य जांच की फीस में दो से 3 गुना की बढ़ोतरी की गई थी। इसके विरोध में बुधवार को शोध छात्र मृत्युंजय तिवारी आजाद के नेतृत्व में छात्रों ने आईएमएसबीएचयू के निदेशक का घेराव कर बढ़ी हुई फीस को तुरंत वापस लेने की मांग की थी। साथ ही मांगे पूरी ना होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।
गुरुवार को भी छात्रों ने कुलपति से इस मुद्दे पर बातचीत की और मरीजों के हित में जांच की बढ़ी फीस के आदेश को तुरंत वापस कराने के लिए ज्ञापन दिया था।
छात्रों के विरोध को देखते हुए बीएचयू अस्पताल प्रशासन बैकफुट पर आ गया और 26 फरवरी के फीस बढ़ाए जाने के आदेश पर रोक लगा दी। शोध छात्र मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि अस्पताल प्रशासन जिस तरह फीस बढ़ोतरी करने का तुगलकी आदेश जारी कर रहा है,उससे मरीजों का नुकसान हो रहा है।