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कई सवाल पीछे छोड़ जिंदगी की जंग हार गई 10वीं की छात्रा, एक माह से थी कोमा में

Wed, 15 Nov 2017 07:33 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़ Updated Wed, 15 Nov 2017 07:33 PM IST
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death of a woman in coma in azamgarh
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : demo pic
आजमगढ़ के एक गांव में 13 अक्तूबर की देर शाम बेहोशी की हालत में मिली घायल किशोरी 34 दिन बाद बुधवार की सुबह अस्पताल में मौत से हार गई। उसकी मौत के बाद गैंगरेप और दुर्घटना के बीच की कहानी उलझकर रह गई।
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किशोरी के घरवालों ने पुलिस पर कार्रवाई में हीलाहवाली और डाक्टर पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाया है।  रौनापार थाना क्षेत्र की रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी तीन बहनों में बड़ी थी। उसके इकलौते भाई की दो व़र्ष पूर्व मौत हो चुकी है।
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भाई की मौत के बाद उसके पिता की दिमागी हालत ठीक नहीं रहती है। ऐसे में मां ही मेहनत मजदूरी करके घर चला रही थी। किशोरी कक्षा दस में पढ़ रही थी। 13 अक्टूबर की शाम सात बजे किशोरी महापारा गांव के नहर किनारे खून से लथपथ बेहोश पाई गई थी।
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गांव वालों ने डायल 100 पुलिस को बताया कि स्कार्पियो सवार बदमाश गाड़ी में गैंगरेप कर किशोरी को फेंककर भाग गए हैं। पुलिस ने काले रंग की स्कार्पियो और उसमें सवार चार लोगों को पकड़ और किशोरी को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घायल किशोरी का इलाज के साथ ही मेडिकल हुआ लेकिन रेप जैसी बात की पुष्टि नहीं हुई। फिर उसे पुलिस अभिरक्षा में बीएचयू में भर्ती कराया गया जहां से वह कोमा में चली गई थी। घटना के छह से सात दिन बाद पुलिस को पता चला कि पीड़िता रौनापार थाना क्षेत्र की रहने वाली है। 

इस अस्पताल से उस अस्पताल के बीच फंसी किशोरी

death of a woman in coma in azamgarh
डेमो पिक
किशोरी के कोमा में चले जाने की वजह से पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवकों को पूछताछ के बाद उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया। बाद में बीएचयू अस्पताल के दवाब पर पुलिस ने दो नवंबर को किशोरी को वाराणसी से लाकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया।

लेकिन यहां के डाक्टर भी उसे अन्य किसी अस्पताल में ले जाने का दबाव बनाने लगे। इसी बीच सात नवंबर को पीड़िता की मां ने रौनापार थाने में आठ लोगों के विरुद्ध नशीला पदार्थ सुंघाकर गैंगरेप करने और घायल कर उसे स्कार्पियो से फेंकने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई।

केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने पुन: किशोरी का जिला महिला अस्पताल में मेडिकल कराया। इसमें बलात्कार जैसी कोई पुष्टि नहीं हुई। पुलिस का कहना था कि अब किशोरी के बयान के बाद ही घटना के सच का पता चल सकेगा।

वहीं बुधवार को 34 दिन बाद किशोरी ने दम तोड़ दिया। मामले में आजमगढ़ एसपी अजय कुमार साहनी ने कहा कि प्रारंभिक जांच में मृत किशोरी के साथ हुई घटना महज एक हादसा नजर आ रहा है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। जो दोषी मिलेगा उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
 
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