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कागजातों में मृत संतोष खुद को जिंदा साबित करने के लिए लड़ रहे बीडीसी का चुनाव
Wed, 14 Apr 2021 07:41 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Wed, 14 Apr 2021 07:41 PM IST
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पंचायत चुनाव।
- फोटो : अमर उजाला
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सरकारी कागजातों में मृत घोषित संतोष मूरत सिंह बीडीसी का चुनाव लड़ रहे हैं। ताकि अपने आप को जिंदा साबित कर सके। चिरईगांव ब्लॉक के जाल्हुपूर से बीडीसी का चुनाव लड़ रहे संतोष का नाम मतदाता सूची में शामिल है। अब वे मैं जिंदा हूं कि तख्ती लटकाए जनता से वोट मांग रहे हैं।
संतोष के अनुसार उनके पास चुनाव लड़ने के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए उन्होंने भीख मांगकर पहले पैसे जुटाए। इसके बाद नामांकन किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर चुनाव लड़ने का उनका एकमात्र मकसद है कि वो चुनाव जीतकर खुद को जिंदा साबित कर सकें।
चुनाव जीतने के बाद संतोष अपने जैसे लोगों को न्याय दिलाएंगे। संतोष के अनुसार छितौनी गांव से 20 साल पहले फिल्म की शूटिंग के लिए मुम्बई गए थे। तीन साल तक उन्होंने नाना पाटेकर के साथ काम किया।
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इसी दौरान उन्होंने मुम्बई में शादी भी कर ली लेकिन जब वापस लौटकर गांव आए तो उन्हें पता चला कि धोखे से राजस्व विभाग में उन्हें मृत दिखाकर उनके पट्टीदारों ने उनकी तेरहवीं कर जमीन हड़प ली। तब से अब तक वे अपने आप को जिंदा साबित करने में लगे हैं।
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संतोष के अनुसार उनके पास चुनाव लड़ने के लिए पैसे नहीं थे, इसलिए उन्होंने भीख मांगकर पहले पैसे जुटाए। इसके बाद नामांकन किया। उन्होंने बताया कि क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर चुनाव लड़ने का उनका एकमात्र मकसद है कि वो चुनाव जीतकर खुद को जिंदा साबित कर सकें।
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चुनाव जीतने के बाद संतोष अपने जैसे लोगों को न्याय दिलाएंगे। संतोष के अनुसार छितौनी गांव से 20 साल पहले फिल्म की शूटिंग के लिए मुम्बई गए थे। तीन साल तक उन्होंने नाना पाटेकर के साथ काम किया।
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इसी दौरान उन्होंने मुम्बई में शादी भी कर ली लेकिन जब वापस लौटकर गांव आए तो उन्हें पता चला कि धोखे से राजस्व विभाग में उन्हें मृत दिखाकर उनके पट्टीदारों ने उनकी तेरहवीं कर जमीन हड़प ली। तब से अब तक वे अपने आप को जिंदा साबित करने में लगे हैं।