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42 साल पहले जिस महिला की हो गई 'मौत' वो आई सामने, बोली- मेरा डीएनए टेस्ट कराओ

Fri, 14 Sep 2018 04:44 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आजमगढ़ Updated Fri, 14 Sep 2018 04:44 PM IST
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Dead woman become alive after 42 years and says about DNA
- फोटो : demo pic
यूपी के आजमगढ़ में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इस मामले से  एक बार फिर अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है। जिस महिला को प्रशासन ने 42 साल पहले मृत दिखा दिया था वह अभी जिंदा है। अब वह अपना डीएनए टेस्ट कराने की मांग कर रही है। मामला उजागर होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। मामले को लेकर जिले भर के लोग चर्चा कर रहे हैं। 
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कप्तानगंज थाने के भवनपुर निवासी महिला को अभिलेखों में मृत दिखा दिया गया। जांच अधिकारी बीडीओ के निर्देश पर ग्राम विकास अधिकारी ने बिना गांव में गए और जांच किए रिपोर्ट लगा दी कि महिला की मौत हो चुकी है। जानकारी होने पर महिला ने गलत रिपोर्ट लगाने का आरोप लगाकर डीएनए टेस्ट कराने की चेतावनी दी है।

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भवनपुर निवासी बंशराजी पत्नी स्व. बोधन यादव ने सात अगस्त को संपूर्ण समाधान दिवस पर सगड़ी तहसील में प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप लगाया कि उसे फर्जीवाड़ा कर अभिलेखों में मृतक दिखा दिया गया है। महिला ने बताया कि उसे 1976 में मृतक दिखाया गया है, जबकि उसके पास मौजूद 1988 और 81 की परिवार रजिस्टर की नकल में वो जिंदा है। आधार कार्ड भी है।

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इस तरह पकड़ में आया फर्जीवाड़ा

Dead woman become alive after 42 years and says about DNA
बंशराजी देवी
शिकायत संख्या 30096518001917 की जांच के लिए प्रभारी अधिकारी संपूर्ण समाधान दिवस ने बीडीओ बिलरियागंज को अधिकृत किया। बीडीओ ने इसकी जांच ग्राम विकास अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह से कराई। सत्यप्रकाश सिंह ने बिना पीड़िता से मिले और ग्राम प्रधान का बयान लिए, रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी कि बंशराजी पत्नी स्व. बोधन की मौत दिनांक आठ जुलाई 1976 को हो चुकी है। 24 अगस्त को प्रकरण को निस्तारित भी कर दिया गया।
 

पीड़िता बंशराजी ने बताया कि जांच अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह न गांव आए और न ही कोई जांच की। मैं जिन्दा हूं और अपने भतीजे रामकोमल के पास रहती हूं। मेरी पास तीन जीवित शादीशुदा पुत्रियां हैं। यदि कोई शक है तो मेरा डीएनए टेस्ट करा लिया जाए। जांच अधिकारी सत्य प्रकाश सिंह ने मृत्यु प्रमाण-पत्र और शवदाह प्रमाण-पत्र की बात की है। न तो मुझे कोई प्रमाण पत्र दिया जा रहा है और न तो विपक्षी का नाम पता ही बताया जा रहा है।


आरोप लगाया कि सत्य प्रकाश सिंह ने नाजायज लाभ लेकर अपने पद का दुरुपयोग किया है। मुझे मृतक घोषित करने के लिए कूट रचना परिवार रजिस्टर में कर दी। और गलत रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। गांव के कुछ लोग जो बेईमानी से मेरी सम्पत्ति हड़पना चाहते हैं। 

दोषी लोगों के खिलाफ हाोगी कार्रवाई

Dead woman become alive after 42 years and says about DNA
बंशराजी ने बताया कि मैं 92 वर्ष की विधवा  हूं। कुछ आबादी की जमीन बची है। इसे अपने भतीजे रामकोमल को वसीयत किया है। इसी जमीन के लिए मुझे मृतक घोषित किया जा रहा है। इस बाबत जब बीडीओ बिलरियागंज से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला जानकारी में है। यदि बंशराजी जिन्दा है तो मैं जल्दी ही मिल कर, अभिलेखों की जांच करूंगा।

दोषी लोगों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी। इस बारे में एसडीएम सगड़ी पंकज कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि प्रकरण संज्ञान में नहीं था। स्वयं गांव में जाकर मामले की जांच करूंगा। यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी की ओर से गलत रिपोर्ट लगाई गई है तो इसके बारे में जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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