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दारोगा दुर्ग विजय सिंह के शव से लिपट कर रो पड़ी बेटी, एसपी से पूछी ये बड़ी बात

Thu, 11 Jul 2019 12:15 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मऊ Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Thu, 11 Jul 2019 12:15 AM IST
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daughter crying last funeral of si durg vijay singh in ghazipur mau
दुर्ग विजय सिंह के परिजन। - फोटो : अमर उजाला

पुलिस अभिरक्षा से कुख्यात अपराधी रोहित की फरार होने के दौरान गोली लगने से घायल मिर्जापुर में तैनात दारोगा दुर्गविजय सिंह की इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद उनका शव गृह जनपद मऊ पहुंचा। इसके बाद दूसरे दिन गाजीपुर श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

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सुपारी किलर रोहित की मुजफ्फरनगर में पेशी कराने के दौरान बदमाशों की गोली का शिकार होकर शहीद हुए उपनिरीक्षक दुर्ग विजय सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार सुबह उनके पैतृक गांव दंतौली पहुंचा तो बेटी निधि पिता के शव से लिपट कर बिलख उठी। जबकि परिजन भी रो पड़े।
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वहां मौजूद अपर पुलिस अधीक्षक एसके श्रीवास्तव के साथ अन्य फोर्स ने उन्हे गार्ड ऑफ आनर दिया। इस दौरान मौजूद ग्रामीणों की आंखे डबडबा उठीं। उन्होंने शहीद दुर्ग विजय को आश्रुपूर्ति श्रद्धांजलि के साथ अंतिम विदाई दी।
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मऊ जिले के रानीपुर थाना क्षेत्र के दतौली गांव निवासी दुर्ग विजय सिंह 1981 में गाजीपुर जिले से पुलिस में बतौर आरक्षी भर्ती हुए थे। प्रमोशन के बाद वह हवलदार हुए। हाल ही में उनका तबादला जौनपुर से मिर्जापुर हुआ था। पुलिस लाइन में दुर्ग विजय की तैनाती थी। दो जुलाई को वह मुजफ्फरनगर में सुपारी किलर रोहित की पेशी कराने गए।

वापसी के दौरान बदमाशों ने उन्हें गोली मारी और रोहित को छुड़ा ले गए। बुधवार की सुबह से ही गांव के लोग दुर्ग विजय के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार कर रहे थे। पार्थिव शरीर नौ बजे गांव पहुंचा तो ग्रामीण उनके आवास पर उमड़ पड़े।

पत्नी इंदू देवी पुत्री निधि, ब्यूटी, रागिनी, रुबी के साथ पुत्र पवन कुमार सिंह पिता के पार्थिव शरीर से लिपट कर बिलख पड़े। ऐसे में वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों में आंसू आ गए। इस दौरान रोते हुए वह अपर पुलिस अधीक्षक एसके श्रीवास्तव के पास हाथ जोड़कर पहुंची, पूछी मेरे पापा के हत्यारे कहां है। आप लोग क्या कर रहें थे? उसके प्रश्नों का उत्तर वहां मौजूद किसी के पास नहीं था। गार्ड आफ आनर के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए गाजीपुर ले जाया गया। 

दुर्ग विजय सिंह का शव घर पहुंचते ही उनकी बेटी का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरा परिवार गमगीन था। श्मशान घाट पहुंचे एसपी डा अरविंद चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारियों ने शहीद को नमन किया। पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद का अंतिम संस्कार किया गया।

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