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Varanasi: नमो घाट पर क्षतिग्रस्त प्रणाम मुद्रा की हुई मरम्मत, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने पूछे थे सवाल

Sun, 04 Sep 2022 10:35 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 04 Sep 2022 10:35 PM IST
सार

बाढ़ में नमो घाट डूबने के बाद हाथ जोड़ने की मुद्रा क्षतिग्रस्त हो गई थी। सोशल मीडिया पर जब टूटी हुई प्रणाम मुद्रा की तस्वीरें वायरल हुई तो निर्माण एजेंसी ने पैबंद लगाकर टूटा हुआ हिस्सा जोड़ दिया। 

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Damaged namaskar sculpture now repaired at Namo Ghat varanasi flood updates
नमो घाट पर क्षतिग्रस्त प्रणाम मुद्रा की आकृति को दुरुस्त किया गया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के नमो घाट पर बनी प्रणाम मुद्रा की आकृति पहली बाढ़ भी नहीं झेल सकी। बाढ़ का पानी जब उतरा तो निर्माण की गड़बड़ी सभी के सामने आ गई।  बाढ़ में नमो घाट डूबने के बाद हाथ जोड़ने की प्रणाम मुद्रा क्षतिग्रस्त हो गई थी। सोशल मीडिया पर जब टूटी हुई प्रणाम मुद्रा की तस्वीरें वायरल हुई तो निर्माण एजेंसी ने पैबंद लगाकर टूटा हुआ हिस्सा जोड़ दिया।  

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विशेषज्ञों का कहना है कि प्रणाम मुद्रा के निर्माण की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण ही निर्माण का नीचे का हिस्सा टूटकर अलग हो गया। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी परियोजना नमो घाट पर प्रणाम मुद्रा की आकृति की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। टूटी हुई आकृति की मरम्मत के बाद भी स्थान साफ दिख रहा है।
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पर्यटन का नया केंद्र है नमो घाट
गंगा में बाढ़ आने के बाद पखवारे भर तक नमो घाट गंगा में डूबा ही रहा। बाढ़ का पानी कम होने के बाद प्रणाम मुद्रा का निचला हिस्सा टूटा नजर आने के बाद कंपनी की ओर से पैबंद लगा दिया गया है। बता दें कि नमस्कार की आकृति की वजह से खिड़किया घाट का नाम अब नमो घाट हो गया है। यह स्कल्पचर पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र भी है।

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बाढ़ के बाद अब घाटों पर मिट्टी-कीचड़ का ढेर

Damaged namaskar sculpture now repaired at Namo Ghat varanasi flood updates
नमो घाट पर की जा रही सफाई - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी में गंगा अब घाटों को छोड़ तलहटी की ओर बढ़ रही है। उधर, वरुणा का पानी भी तेजी से घट रहा है। बाढ़ का पानी कम होने से तटवर्ती इलाकों में रहने वालों को सुकून मिल रहा है, वहीं पानी में बहकर आए मलबे, जानवरों के शव और कूड़े के कारण लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। खिड़किया घाट (नमो घाट) से लगायत रविदास घाट तक सीढ़ियों पर मिट्टी का ढेर और कीचड़ जमा है। 

केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पांच सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में घटाव जारी है। सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 67.30 मीटर दर्ज किया और रात आठ बजे यह 66.85 मीटर तक पहुंच गया। हालांकि घटाव की रफ्तार तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटा हो गई थी। घाट पर आए लोगों को मिट्टी और कीचड़ से होकर जाना पड़ रहा है।

बारिश के बाद स्थिति और बदतर
रविवार शाम हुई बारिश के बाद स्थिति और बदतर हो गई। खिड़किया घाट पर घूमने आए विनोद पटेल, रवि कुशवाहा, सनी सिंह और रोहित सिंह ने बताया कि नमो घाट की ओर सिक्योरिटी गार्डों के द्वारा नहीं जाने दिया गया। वहीं राजघाट की ओर फर्श पूरी तरह से कीचड़ से भरा है। इसी प्रकार घाट पर आए अन्य सैलानियों को कीचड़ के कारण वापस लौटना पड़ा।

जेट पंप लगाकर की जा रही घाटों की सफाई

Damaged namaskar sculpture now repaired at Namo Ghat varanasi flood updates
दशाश्वमेध घाट पर जमा गाद और गंदगी - फोटो : अमर उजाला

नगर निगम के द्वारा बाढ़ का पानी उतरने के बाद गंगा में जेट पंप लगा कर मिट्टी साफ करने का काम किया जा रहा है, लेकिन कुछ चुनिंदा घाटों को छोड़ दिया जाए तो मिट्टी हटाने का काम अधिकांश घाटों पर नहीं किया जा रहा है।

रविवार को नमो घाट, राजघाट, प्रह्लाद घाट, पंचगंगा घाट पर मिट्टी और कीचड़ साफ करने का कार्य किया जा रहा था। वहीं प्रह्लाद घाट के बगल में स्थित रानी घाट, सक्का घाट, गोला घाट, त्रिलोचन महादेव घाट सहित आसपास के घाटों पर सफाई नहीं की जा रही है। इससे नाविकों और घाट किनारे रहने वालों में आक्रोश है।

तीर्थ पुरोहित और मल्लाह मिलकर कर रहे घाट की सफाई

बाढ़ का पानी उतरने के बाद अब अस्सी घाट की सीढ़ियों और गलियों में फैले कीचड़ और मिट्टी के गाद की सफाई के लिए नगर निगम के तरफ से दो वाटर जेट पंप लगाए गए हैं। वहीं जल्दी गंदगी को साफ करने के लिए प्राइवेट जेट पंप लगाकर तीर्थ पुरोहित और मल्लाह भी सफाई में जुट गए हैं। तीर्थ पुरोहित श्रवण कुमार ने बताया कि घाट पर पानी बढ़ने के बाद घाट पर बिजली का कनेक्शन काट दिया गया था। जो अब तक नही जुड़ा है, जिसके कारण रात  में घाट की सफाई और गंगा आरती करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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