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वाराणसी की मौजूदा हालत बेहद खराब, अगले माह आने को हैं दो राष्ट्राध्यक्ष

Wed, 21 Feb 2018 10:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Wed, 21 Feb 2018 10:59 AM IST
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currunt condition of varanasi city is very bad
कैंट रेलवे स्टेशन के सामने चल रहा काम - फोटो : अमर उजाला
अगले महीने दो राष्ट्राध्यक्ष वाराणसी आने वाले हैं। तमाम दावों के बावजूद शहर की मौजूदा हालत बेहद खराब हैं। धूल-धुआं के साथ सड़कों और गलियों की हालत खस्ताहाल बनी हुई है। बाबतपुर से लेकर बीएचयू, गंगा घाट, सारनाथ सहित शहर के अन्य मार्ग खस्ताहाल हैं। इसके अलावा इस प्रमुख मार्ग पर कई जगहों पर सीवर ओवरफ्लो, अतिक्रमण आदि की समस्याएं हैं। यही नहीं, विकास कार्य के तहत कई काम चल रहे हैं। जिनके चलते राष्ट्राध्यक्ष को यहां आने पर कई समस्याओं से रूबरू होना पड़ सकता है।  
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रोन 12 से 15 मार्च के बीच आएंगे जबकि जर्मनी की चांसलर एंजिला मार्केल 22 मार्च को आएंगी। शहर के हालात बदतर हैं। उधर, दो देशों के राष्ट्राध्यक्ष के आगमन को लेकर शहर की तैयारियां समय रहते पूरा होने का दावा प्रशासन कर रहा है। हकीकत देखते हुए नहीं लगता कि समय पर काम पूरा हो पाएगा। 
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शहर में चल रही अधिकतर योजनाओं को जनवरी, मार्च, जून तक पूरा करने की अंतिम तारीख तय कर दी गई है। लेकिन काम पूरे होते नहीं दिख रहे। ऐसे में प्रशासन की कोशिश होगी कि निर्धारित स्थानों पर हेलीकाप्टर से ले जाया जाए।
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जिन स्थानों पर हेलीकाप्टर की व्यवस्था नहीं होगी वहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त करा दी जाएं ताकि राष्ट्राध्यक्षों के सामने कलई न खुले।

 डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने कहा कि  शहर में विकास कार्य चल रहे हैं। दूसरे देश के राष्ट्राध्यक्ष के आगमन से पूर्व यहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त करा ली जाएंगी ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न होने पाए। सड़कों की मरम्मत का काम चल रहा है। 

शहर में चल रही केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं

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केंद्र और राज्य सरकार की कई योजना आधी-अधूरी - फोटो : अमर उजाला
राज्य सरकार की योजनाएं
- ट्रांस वरुणा सीवर पाइप लाइन योजना (1.27 लाख घरों के सीवर शोधित करना) :               407.31 करोड़ 
- ट्रांस वरुणा पेयजल पाइप लाइन योजना  (5.27 लाख लोगों को पानी मुहैया कराना) :          268.36 करोड़
- वरुणा कॉरिडोर (डीएम बंगले से आदिकेशव घाट तक पर्यटन के लिए लिहाज से)  :              201 करोड़ रुपये
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (दो लाख घरों के कूड़े का निस्तारण)                                                48.68 करोड़ रुपये
- चौकाघाट से लहरतारा फ्लाईओवर: (निर्माणाधीन)                                                             77 करोड़ रुपये
- मंडुवाडीह आरओबी: (बनकर तैयार लोकार्पण का इंतजार)                                                   35 करोड़ रुपये
- सरायमोहना पुल   :   (काम शुरू नहीं हुआ)                                                                           8 करोड़ रुपये

केंद्र सरकार की योजनाएं
- इलाहाबाद से हल्दिया तक गंगा में जल परिवहन (रामनगर में बनेगा मल्टी हब टर्मिनल):                 4200 करोड़ रुपये
- रिंग रोड (16.5 किमी में निर्माण कार्य)                                                                                            267 करोड़ रुपये
- एकीकृत ऊर्जा विकास योजना (भूमिगत होंगे पक्का महाल में बिजली के तार)  :                                  432 करोड़ रुपये   
- अमृत योजना (पानी, सीवर, हरित पट्टी और पार्क विकास ) :                                                            181.24 करोड़
- ह्दय योजना (हेरिटेज को ध्यान में रखकर शहर का विकास ) :                                                             89.31 करोड़
- प्रसाद योजना (दुर्गाकुंड, लक्ष्मीकुंड, सोनिया तालाब, सारंगनाथ तालाब कुंड का संरक्षण) :                      16 करोड़ की योजना 
- स्वदेश योजना (सारनाथ के धमेख स्तूप में लाइट एंड साउंड शो का आयोजन):                                     7.34 करोड़ रुपये

कैंट रेलवे स्टेशन पर मलबा-गंदगी, यात्री झेल रहे समस्या

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महीनों पहले हुआ था ध्वस्तीकरण, अभी नहीं तक हटाया - फोटो : अमर उजाला
शहर के बाशिंदे जिम्मेदार सरकारी अफसरों के गैर जिम्मेदार रवैये का दंश झेलने को मजबूर हैं। ध्वस्तीकरण के बाद मलबा न हटवाना जैसे सभी विभागों की फितरत बन गया है। मलबा हटवाने जैसे छोटे-छोटे काम जिनके लिए अधिक धन की जरूरत नहीं होती, अफसर उनके प्रति भी उदासीन हैं। मंडुवाडीह बाजार इसका उदाहरण है। अतिक्रमण हटाने के बाद वहां समय से न तो मलबा हटवाया गया न खंभे आदि व्यवस्थित किए गए। नतीजतन परेशानी और बढ़ गई। कुछ ऐसा ही हाल कैंट रेलवे स्टेशन का है। हम एक-एक कर शहर के कोने-कोने से आपकी दुखती रग को जिम्मेदारों तक पहुंचाएंगे। ताकि उनकी नींद टूटे और काशी वासियों व यहां पर्यटन पर आने वाले देश-दुनिया के लोगों को कुछ राहत मिले।  

कैंट रेलवे स्टेशन पर जगह-जगह मलबे का ढेर लगा है। ध्वस्तीकरण के महीनों बाद भी अभी तक इसे हटाया नहीं गया। यही वजह है कि प्लेटफार्मों पर चलने तक की जगह नहीं बची है। दूसरी ओर गंदगी और बदबू के चलते ट्रेनों का इंतजार करना तक मुश्किल हो रहा है।
रेलवे स्टेशन के विस्तारीकरण का काम साल भर से चल रहा है। प्लेटफार्म नंबर एक पर (टीटू गेट के समीप) कई भवन छह महीने पहले तोड़े गए पर उनका ज्यादातर मलबा पहाड़ की तरह खड़ा है। कुछ दिन पहले तक तो इसको घेरने तक नहीं गया। इसी प्रकार प्लेटफार्म नंबर चार-पांच पर जीआरपी थाना सहित कई भवन तोड़े गए हैं। उनको भी ऐसे ही छोड़ दिया गया है। इसी तरह प्लेटफार्म नंबर चार-पांच पर फ्लाईओवर के बीच में भी कुछ निर्माण तोड़े गए हैं और उन्हें ऐसे ही छोड़ दिया गया। 
प्लेटफार्म नंबर छह-सात और आठ-नौ पर भी इसी तरह का मलबा है। ध्वस्तीकरण के बाद निकली ईंट और अन्य निर्माण सामग्रियां प्लेटफार्म पर फैली हुई हैं। पाइप लाइन आदि टूटे होने की वजह से इनमें पानी भी जमा है। यात्री इसी में कूड़ा आदि फेंक देते हैं। इसके चलते यहां आस-पास बदबू फैली रहती है। शाम होते-होते मच्छरों के आतंक से यात्रियों का प्लेटफार्म पर बैठना तक मुश्किल हो रहा है। स्टेशन पर स्वच्छता अभियान के दावों को भी तगड़ा झटका लग रहा है। रेल अधिकारी भी इस समस्या पर आंख मूंदे बैठे हैं। 

20 तक फ्लाईओवर चालू नहीं हुआ तो करेंगे संघर्ष

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महमूरगंज-मंडुवाडीह फ्लाईओवर - फोटो : अमर उजाला
महमूरगंज के शिवाजीनगर पार्क नंबर दो में विभिन्न सामाजिक संगठनों की बैठक, कांग्रेस कमेटी की प्रदेश सचिव श्वेता राय की अध्यक्षता में हुई। इसमें बनकर तैयार महमूरगंज-मंडुवाडीह फ्लाईओवर को अभी तक शुरू न करने की जमकर आलोचना की गई। मुख्यमंत्री को पत्र मेल कर पुल को चालू कराने की मांग की गई। 

प्रदेश सचिव ने कहा कि सीएम को जनहित में स्वयं निर्णय लेना चाहिए। महीने में तीन बार वाराणसी आना हुआ पर केवल निरीक्षण कर प्रधानमंत्री को रिपोर्ट भेजना मुख्यमंत्री पद की गरिमा को धूमिल करना है। बैठक में एक स्वर से निर्णय लिया गया कि 20 तक फ्लाईओवर चालू नहीं हुआ तो 21 फरवरी से विभिन्न सामाजिक संगठन व क्षेत्रीय लोग मिलकर आंदोलन करेंगे।

युवा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अमित राय ने कहा कि डिजिटल इंडिया की बात प्रधानमंत्री बार- बार करते हैं तो क्यों नहीं फ्लाईओवर का अनावरण दिल्ली से ही रिमोट कंट्रोल से कर दे रहे हैं।

जून तक पूरा हो जाए चौकाघाट फ्लाईओवर का निर्माण

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चौकाघाट फ्लाईओवर - फोटो : अमर उजाला
चौकाघाट फ्लाईओवर का निर्माण जून महीने तक सेतु निगम हर हाल में करा ले। यह निर्देश शनिवार को कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने  सेतु निगम के अभियंता को दिया। कमिश्नर ने कहा कि तीन शिफ्ट में अतिरिक्त श्रमिकों और मशीनों को लगाकर काम पूरा कराया जाए। इसके साथ गेल के अभियंता को कहा कि जहां भी ऊर्जा गंगा योजना के तहत पाइप लाइन बिछाई जा रही है वहां काम में तेजी लाई जाए और ऐसी व्यवस्था की जाए कि यातायात न बाधित हो।
गोइठहां और दीनापुर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम निर्धारित समय सीमा में हर हाल में पूरा करने का कमिश्नर ने निर्देश दिया। कहा कि काम के दौरान विभागीय अभियंता हर हाल में मौजूद रहें। जलमार्ग प्राधिकरण के अंतर्देशीय जल परिवहन परियोजना की समीक्षा के दौरान सिंचाई विभाग के अधिकार क्षेत्र की जमीन स्थानांतरित होने की जानकारी होने पर कमिश्नर ने प्राधिकरण के अधिकारी को कहा कि स्वामित्व संबंधी कार्रवाई पूरी कराकर काम जल्दी शुरू कराएं। वाराणसी-जौनपुर मार्ग के निर्माण के दौरान कई स्थान पर आई भूमि अधिग्रहण की समस्याओं को एनएचएआई के अभियंता को कमिश्नर ने शीघ्र दूर कराने को कहा।
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