UP: वाराणसी एयरपोर्ट के नए भवन में होगी काशी और गंगा घाट की झलक, पोर्टिको में वैदिक मंत्र
वाराणसी एयरपोर्ट के विस्तारीकरण और हवाई अड्डे की नई डिजाइन जारी की गई है। पूरे भवन में काशी की ऐतिहासिकता और पौराणिकता दिखेगी। एयरपोर्ट का विस्तारीकरण लगभग 350 एकड़ में होना है। भूमि अधिग्रहण के लिए 1000 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
विस्तार
वाराणसी के बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर काशी की सभ्यता और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। यहां प्राचीनता और आधुनिकता दोनों का संगम होगा। प्रवेश द्वार से घुसते ही लगेगा जैसे एयरपोर्ट पर नहीं गंगा घाट पर पहुंच गए हैं। पोर्टिको में नाव की डिजाइन पर वैदिक मंत्र लिखे होंगे।
तकनीक ऐसी होगी कि दिन में बिजली की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी। वाराणसी एयरपोर्ट की डिजाइन 3पी पर आधारित है। इसका मतलब पीपुल (लोग), पर्पज (उद्देश्य) और प्लेस (स्थान) है। स्टील की छत और ग्रेनाइट की फर्श बनाई जाएगी। शनिवार की देर रात एयरपोर्ट प्राधिकरण ने नई डिजाइन जारी की।
350 एकड़ जमीन की होगी खरीद
एयरपोर्ट के विस्तार के लिए एक हजार करोड़ की लागत से 350 एकड़ जमीन अगले दो महीने में खरीदी जाएगी। नई डिजाइन के अनुसार नया इंट्रीगेटेड टर्मिनल भवन और पांच एयरोब्रिज का निर्माण कराया जाएगा। एयरपोर्ट पर खानपान, शॉपिंग और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
इसमें सगुनहा, घमहापुर, करमी, बैकुंठपुर, पुरा रघुनाथपुर और बसनी समेत अन्य गांव शामिल हैं। इन गांवों की 350 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। दूसरा टर्मिनल भवन का निर्माण प्रस्तावित है।
प्रशासन की ओर से भेजी गई रिपोर्ट के मुताबिक रनवे विस्तार के लिए पुरा रघुनाथपुर व बसनी में 109 एकड़ जमीन ली जाएगी। दूसरे टर्मिनल सहित अन्य सुविधाओं के लिए घमहापुर, धरमनपुर, सगुनहा, बैकुंठपुर कर्मी और मंगारी से 181 एकड़ जमीन ली जाएगी।