वाराणसी : देर रात तक घूमने पर भाई ने डांटा तो कूद गई गंगा में
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विश्व सुंदरी पुल पर बेटी के साथ शनिवार आधी रात बाद पहुंची लहरतारा नई बस्ती की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरोजा देवी (37) ने गंगा में अचानक छलांग लगा दी। सूचना पाकर पहुंची रामनगर पुलिस ने रविवार देर शाम तक गोताखोरों की मदद से खोजबीन जारी रखी लेकिन पुलिस का पता नहीं लगा।
बताया जाता है कि मायके में रहने वाली सरोजा शनिवार की देर रात घूम फिर कर घर पहुंची तो भाई ने इस पर आपत्ति जताते हुए उसे डांट फटकार लगाई। इसी से क्षुब्ध होकर उसने ऐसा आत्मघाती कदम उठाया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सरोजा के पति पुष्पेंद्र सरोज की मौत हो जाने के कारण वह लहरतारा नई बस्ती स्थित अपने मायके में रहती थी। बताया जाता है कि शनिवार की शाम वह छह बजे मायके से स्कूटी लेकर निकली तो रात 11 बजे लौटी।
इसी बात को लेकर भाई राजेश ने उस पर नाराजगी जताई और कहा कि समय से घर आज जाना चाहिए। इसी बात से नाराज होकर सरोजा स्कूटी लेकर निकली तो पीछे उसकी इकलौती बेटी पुष्पम उर्फ मुस्कान (16) भी बैठ गई।
रात एक बजे के लगभग विश्व सुंदरी पुल के बीचोंबीच पहुंच कर सरोजा ने स्कूटी रोकी और बेटी को चाबी, मोबाइल वगैरह देकर बोली कि मैं आ रही हूं और अचानक गंगा में छलांग लगा दी। घटना से घबराई पुष्पम ने सौ नंबर पर फोन कर सूचना दी तो मौके पर पुलिस पहुंची।
घटना के बाद पुष्पम का रो-रोकर बुरा हाल था। थानाध्यक्ष रामनगर ने कहा कि सोमवार को भी सरोजा की खोजबीन कराई जाएगी।वहीं राजघाट स्थित मालवीय पुल से रविवार को जैतपुरा के ढेलवरिया निवासी सुरेश सेठ (40) ने गंगा में छलांग लगा दिया।
पुल के नीचे मछली मार रहे मछुआरों ने सुरेश को बाहर निकालकर पुलिस को सूचना दी तो वह मंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया। मंडलीय अस्पताल में उपचार के दौरान सुरेश की मौत हो गई। सूचना पाकर पहुंचे पिता बनारसी सेठ ने बताया कि चार बच्चों के पिता सुरेश की मानसिक तौर पर स्वस्थ नहीं था और उसका उपचार कराया जा रहा था।
रविवार की सुबह वह घर से पांच बजे बिना बताए निकला। उसकी खोजबीन की जा रही थी कि तब तक यह सूचना मिली। आदमपुर पुलिस ने पंचनामा कर सुरेश का शव पिता को सुपुर्द कर दिया।