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प्रमोद निगम हत्याकांडः सत्रह से पूछताछ, कातिल का पता नहीं

Fri, 20 Jan 2017 11:55 AM IST
टीम डिजिटल, वाराणसी
टीम डिजिटल, वाराणसी Updated Fri, 20 Jan 2017 11:55 AM IST
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Varanasi Pramod Nigam Murder seventeen questioning
फेरी-पटरी, ठेला व्यवसायी संघ के सचिव प्रमोद निगम - फोटो : अमर उजाला

पटरी व्यवसायियों के नेता प्रमोद निगम की हत्या के मामले में पुलिस अब तक घटनास्थल और आसपास की सात दूकानों से सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद 17 लोगों से पूछताछ कर चुकी है लेकिन न कातिलों की शिनाख्त हो पाई न गिरफ्तारी।

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हालांकि सुरागों के आधार पर बुधवार की रात क्राइम ब्रांच की दो टीमों ने चंदौली और गाजीपुर में कुछ स्थानों पर छापेमारी की। तीन टीमें शहर में भी लगी हुई हैं।  वारदात के बाद पुलिस ने 72 घंटे में कातिलों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था।
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शुक्रवार को यह मियाद खत्म हो जाएगी। कातिलों की गिरफ्तारी न होने से नाराज प्रमोद निगम के परिवारीजन और पटरी व्यापारी आंदोलन की राह पकड़ सकते हैं। 

कैंट थाना क्षेत्र के हुकुलगंज निवासी फेरी-पटरी, ठेला व्यवसायी संघ के सचिव प्रमोद निगम की मंगलवार रात आठ बजे इंग्लिशिया लाइन-मलदहिया मार्ग पर भारतीय शिक्षा मंदिर के समीप तब गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वह मिठाई की दूकान के सामने खड़े थे।
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पुलिस और क्राइम ब्रांच ने गुरुवार को जवाहर मार्केट से मलदहिया चौराहे तक की सात दूकानों से वारदात के समय का सीसीटीवी फुटेज जुटाया और उसकी छानबीन की। पुलिस वारदात से पहले जवाहर मार्केट के समीप प्रमोद और उनके साथ के लोगों से एक अधेड़ और एक युवक की मारपीट के अलावा जमीन-मकान की पंचायतों में प्रमोद के दखल की पड़ताल की जा रही है।


जिस अधेड़ और युवक की पिटाई की गई थी, उनकी भी शिनाख्त पुलिस अब तक नहीं कर पाई है। अब तक 17 लोगों से की गई पूछताछ के आधार पर पुलिस का मानना है कि जवाहर मार्केट में वर्चस्व स्थापित करने की लड़ाई और पटरी पर लगने वाली दूकानों से संबंधित विवाद भी हत्या के अहम कारण हो सकते हैं। हालांकि पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद वारदात के 48 घंटे बाद भी न वजह  स्पष्ट हो पाई है न कातिलों की शिनाख्त। 
 

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