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वाराणसी में हत्थे चढ़ा हाईटेक चोर, 119 महंगे स्मार्ट फोन बरामद

Wed, 10 May 2017 08:48 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 10 May 2017 08:48 PM IST
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varanasi police caught hightech thief with 119 smartphone
प्रेस वार्ता करते एसएसपी नितिन तिवारी - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी क्राइम ब्रांच और भेलूपुर पुलिस ने मंगलवार की रात चोरी के छह आईफोन, चार टैबलेट और 109 स्मार्ट फोन के साथ बजरडीहा क्षेत्र की अंबा नई बस्ती निवासी हेसामुद्दीन उर्फ हेसाम को गिरफ्तार किया है।
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उसके पास से तीन हार्ड डिस्क, एक डीवीडी राइटर, एक कंप्यूटर, आईएमईआई नंबर बदलने में काम आने वाला दो यूएमटी डांगल, एक नेट सेटर और दो डाटा केबल बरामद हुए हैं। बुधवार को हेसाम को जेल भेज दिया गया। बरामद सामान की कीमत 12 लाख रुपये से ज्यादा बताई गई है।
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एसएसपी नितिन तिवारी ने पुलिस लाइन स्थित सभागार में बताया कि शहर के भीड़भाड़ वाले स्थानों से मोबाइल, लैपटॉप आदि चोरी होने की सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा की गई थी। फुटेज के आधार पर आरोपियों को चिह्नित कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में क्राइम ब्रांच जुटी हुई थी।
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मंगलवार की रात क्राइम ब्रांच प्रभारी ओम नारायण सिंह को सूचना मिली कि बजरडीहा ऑटो स्टैंड के समीप चिह्नित आरोपियों में से एक मौजूद है। इस सूचना पर घेरेबंदी कर हेसाम को गिरफ्तार किया। इस दौरान उसका साथी मुर्गिया टोला निवासी शमीम मौके से भाग निकला।

हेसाम ने पूछताछ में बताया कि उसके गिरोह में डेढ़ दर्जन युवक हैं। चुराए गए किसी भी प्रकार के फोन का आईएमईआई नंबर साफ्टवेयर के माध्यम से बदलकर उसे बेच दिया जाता था। जिसका नंबर नहीं बदल पाता उसके अलग-अलग पार्ट्स बेच दिए जाते हैं।

साफ्टवेयर का जानकार हेसाम बदलता था आईएमईआई नंबर

varanasi police caught hightech thief with 119 smartphone
एसएसपी नितिन तिवारी - फोटो : अमर उजाला

हेसाम ने बताया कि उसे इंटरनेट और कंप्यूटर साफ्टवेयर व हार्डवेयर की अच्छी जानकारी है। गैंग के लड़कों द्वारा चुराए गए मोबाइल के पासवर्ड/लॉक को यूएमटी डांगल के माध्यम से वह रिमूव करता था।

इसके बाद मोबाइल के मदरबोर्ड से छेड़छाड़ कर निर्धारित आईएमईआई नंबर को करप्ट कर देता था। फिर ऑनलाइन साफ्टवेयर की मदद से आईएमईआई नंबर बदल देता था।

आईएमईआई नंबर बदलने के बाद पुलिस का सर्विलांस भी चोरी हुए मोबाइल को नहीं पकड़ पाता था। पुलिस के अनुसार हेसाम मोबाइल चोरी के मामले में वर्ष 2007 में भी जेल भेजा जा चुका है।
 
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