वाराणसी : छेड़खानी विवाद में बीएचयू छात्रों और व्यापारियों में गुरिल्ला युद्ध
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लंका में शनिवार की रात सात से नौ बजे तक जमकर बवाल हुआ। बीएचयू के छात्रों ने इस दौरान मालवीय चौराहा से रविदास गेट तक की दूकानोें पर रुक-रुक कर पांच बार पथराव किया और जो जहां मिला उसे वहीं पीटा।
चर्चा रही कि छात्रों ने दूकानों पर पेट्रोल बम भी फेंके लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी। छात्रों के उपद्रव के चलते पूरे लंका में भगदड़ की स्थिति रही। सूचना पाकर लंका इंस्पेक्टर पहुंचे लेकिन फोर्स की कम संख्या के चलते उपद्रवी हावी रहे।
आखिरकार एसएसपी को मौके पर पहुंचना पड़ा और उन्होंने दस थानों की फोर्स के साथ छात्रों को बीएचयू परिसर की ओर खदेड़ा तब जाकर हालात सामान्य हुए। तनाव को देखते हुए लंका स्थित बीएचयू गेट पर एक कंपनी पीएसी, तीन थानों की फोर्स और क्यूआरटी तैनात की गई है।
बताया जाता है कि लंका में एक चाय के ठेले के समीप कुछ छात्र खड़े थे। शुक्रवार को एक ठेला दूकानदार द्वारा बीएचयू की छात्रा के साथ की गई छेड़खानी की घटना को लेकर छात्र आक्रोशित थे। ठेले वाले और छात्रों के बीच मारपीट में एक छात्र का सिर फट गया।
मालवीय चौराहा से रविदास गेट तक दूकानें बंद कर खुद को दूकानदारों ने किया कैद
बीएचयू गेट से रविदास गेट तक की दूकानें धड़ाधड़ बंद होने लगीं और लोग इधर-उधर भागने लगे। छात्रों के पथराव में एक एटीएम, क्लीनिक, कई दूकानोें और वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। स्थिति अनियंत्रित होते देख एसएसपी नितिन तिवारी ने रामनगर से पीएसी बुलवाई और शहर के दस थानों की फोर्स लेकर बीएचयू परिसर के अंदर घुसे।
उधर, हालात सामान्य होते ही लंका के दूकानदार मालवीय प्रतिमा के समक्ष धरने पर बैठ गए। सभी की मांग थी कि आरोपी छात्रों को गिरफ्तार किया जाए। दूकानदारों को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी समझाने में जुटे हुए थे।