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चंदौली में बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़, वाल्मीकि गैंग का शूटर ढेर, एक पकड़ा गया

Wed, 21 Mar 2018 10:32 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंदौली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंदौली Updated Wed, 21 Mar 2018 10:32 AM IST
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UP police encounter in chandauli one criminal killed
लौंदा गांव के पास हुई पुलिस और बदमाश की मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला
यूपी पुलिस ने मंगलवार को चंदौली जिले में 25 हजार के इनामी बदमाश को मार गिराया। मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच का एक कांस्टेबल भी जख्मी हो गया। उसका इलाज चल रहा है। मारा गया बदमाश वीरेंद्र देनवंशी कई मामलों में वांछित था।
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अलीनगर थाना अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या दो पर लौंदा गांव के पास मंगलवार को दोपहर में पुलिस मुठभेड़ में बदमाश विरेन्द्र वेनवंशी (25) ढेर हो गया, जबकि उसके एक साथी राजकमल राजभर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान तीन अन्य बदमाश भाग निकले।
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मुठभेड़ में क्राइम ब्रांच का सिपाही बृजेश कुमार भी गोली लगने से जख्मी हो गया। उसे इलाज के लिए वाराणसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसपी के अनुसार मारे गए बदमाश पर सहारनपुर में 25 हजार और जनपद में एक लूट के मामले में 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। 
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मंगलवार दोपहर क्राइम ब्रांच की टीम मुगलसराय कोतवाली से एक घटना का खुलासा कर जिला मुख्यालय लौट रही थी। इसी दौरान लौंदा गांव के पास टीम के लोग पहुंचे थे कि दो बाइक पर पांच लोग एक साथ चलते दिखे। बिना नंबर की बाइक देख क्राइम ब्रांच की टीम ने बाइक सवारों को ओवरटेक किया। बदमाशों ने क्राइम ब्रांच की टीम को पहचान लिया।

एक बाइक पर सवार दो युवक पल्सर रोड पर खड़ी कर खेत की ओर भाग निकले। वहीं दूसरी बाइक पर सवार तीन भाग निकले। खेतों की ओर भाग रहे युवकों का पुलिस ने पीछा किया तो एक ने पुलिस पर फायर झोंक दिया। गोली बदमाशों के पीछे भाग रहे कांस्टेबल बृजेश कुमार के बाएं हाथ में लगते हुए सीने में जा लगी।

बदमाशों की गोली से सिपाही के घायल होने के बाद पुलिस ने आत्मरक्षार्थ गोली चलाई। इससे एक बदमाश गिरकर घायल हो गया। पुलिस घायल को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले आई जहां चिकित्सा के दौरान उसकी मौत हो गई।

मुठभेड़ की सूचना के बाद अलीनगर और मुगलसराय पुलिस भी लौंदा पहुंच गई और घेरे बंदी कर दी। सर्च आपरेशन में दूसरा युवक भी पकड़ा गया। पकड़े गए युवक ने अपना नाम कमल राजभर बताया। कमल ने मृत बदमाश की पहचान विरेन्द्र वेनवंशी के रूप में की।

सहारनपुर से लकर चंदौली तक था आंतक

UP police encounter in chandauli one criminal killed
मौके पर से साक्ष्य जुटाते पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
 पुलिस मुठभेड में मारे गये अपराधी की शिनाख्त उसके दोस्त कमल राजभर ने की। पुलिस को कमल ने बताया कि वह दोनों वाल्मीकि गैंग के सदस्य हैं। विरेद्र के ऊपर सहारनपुर में एक दर्जन से अधिक मामले में दर्ज हैं।

वहीं अलीनगर में अक्तूबर माह में सफेद रंग के अपाचे की छिनैती में भी शामिल था। विरेंद्र वेदवंशी के नाम की जानकारी होने के बाद जब पुलिस ने रिकार्ड खंगालना शुरू किया तो अलीनगर से अक्तूबर माह में मोटरसाइकिल लूट की घटना को अंजाम दिया गया था। इस पर पुलिस ने विरेन्द्र पर 25 हजार रुपया का इनाम घोषित किया है।

एसपी संतोष सिंह ने मुठमेड में मारे गए बदमाश की पुष्टि करते हुए बताया कि यह वाराणसी के फूलपुर का निवासी है। सहारनपुर में एक दर्जन से अधिक संगीन अपराध में नामजद है। इसके साथ ही यहां पर मोटरसाइकिल लूट में यह इनामिया है। बदमाश ने पुलिस के ऊपर फायरिंग कर दी थी,  जिसके कारण आत्मरक्षार्थ गोली चलाई गई। उसमें इसकी मौत हो गई है।

नौकरी के लिए गया था मुंबई, करने लगा अपराध

UP police encounter in chandauli one criminal killed

चंदौली में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया 50 हजार का इनामी वीरेंद्र बेनवंशी तकरीबन नौ साल पहले मुंबई नौकरी करने गया था लेकिन गलत सोहबत में आकर चोरी करने लगा। मुंबई पुलिस की सख्ती बढ़ी तो वहां से भागकर फूलुपर के मानापुर स्थित अपने गांव आया। परिजनों ने सुधारने की कोशिश की लेकिन वीरेंद पर फर्क नहीं पड़ा।

उल्टे, वह भाड़े के गुर्गों के साथ बनारस, भदोही, चंदौली, जौनपुर और सुल्तानुपर में लूट की वारदातों को अंजाम देने लगा। वीरेंद्र के सहारनपुर के देवबंद में एक हत्या के अलावा चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट सहित अन्य आरोप में 20 मुकदमे दर्ज थे।

फूलपुर थाने के हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र के पिता रामबिलास की मौत हो चुकी है। दो भाइयों में छोटे वीरेंद्र को घर से अलग कर दिए जाने के कारण ही उसकी शादी भी नहीं हो सकी थी। पुलिस की नजर होने के कारण वीरेंद्र घर भी नहीं आता-जाता था।

वीरेंद्र के खिलाफ फूलपुर थाने में लूट सहित अन्य आरोपों में सात मुकदमे दर्ज हैं। वर्ष 2017 में पेशी पर ले जाए जाने के दौरान सुल्तानपुर में वह ट्रेन से कूद कर फरार हो गया था और इसके बाद देवबंद में हत्या किया था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जरायम जगत में वीरेंद्र का कोई सरपरस्त नहीं था। कम उम्र के युवकों को वीरेंद्र अपनी गैंग में शामिल करता था और आभूषण सहित अन्य कारोबार से जुड़े व्यापारियों को निशाना बनाता था। मंगलवार की शाम मानापुर गांव के लोगों को वीरेंद्र के मुठभेड़ में मारे जाने की खबर मिली। ग्रामीणों ने बताया कि वीरेंद्र के पिता की मौत के बाद उसकी मां बड़े बेटे के साथ मुंबई ही रहती है।
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