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जाली नोट के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Fri, 14 Aug 2015 02:18 AM IST
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पुलिस ने गुरुवार की दोपहर कादीपुर रेलवे स्टेशन के पास से तीस हजार रुपये जाली नोट के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। बरामद नोटों में एक-एक हजार के तीन और पांच-पांच सौ के कुल 54 नोट शामिल हैं। पकड़े गए दोनों आरोपी जाली नोटों की यह खेप गाजीपुर पहुंचाने जा रहे थे। पूछताछ में इन आरोपियों ने कई अहम जानकारियां दी हैं। जिनके आधार पर पुलिस और जांच एजेंसियों से जुड़े अफसर अब जाली नोट के गोरखधंधे में लिप्त बड़े तस्करों तथा उनके अड्डों तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हैं।
चौबेपुर थानाध्यक्ष महेंद्र यादव मुखबिर की सूचना पर कादीपुर रेलवे स्टेशन के पास घेरेबंदी करने पहुंचे। यहां गाजीपुर जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे दो लोग पुलिस को देखकर भागने लगे। पीछा कर पुलिस ने दोनों को धर-दबोचा। उनके पास मिले झोले की तलाशी ली गई तो तीस हजार रुपये जाली नोट बरामद हुए। सूचना पर एलआईयू, बैंक, आईबी, एटीएस, क्राइम ब्रांच से जुड़े अफसर भी चौबेपुर थाने पहुंच गए। जांच एजेंसियों की ओर से फेक करेंसी डिटेक्टर मशीन से जांच की गई तो बरामद नोट जाली मिले। पुलिस की पूछताछ से पता चला कि पकडे़ गए आरोपियों में गाजीपुर के देवकली का रहने वाला श्रवण बिंद और अंबिका बिंद है।
सीओ पिंडरा परमहंस मिश्र के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह पहली बार ही जाली नोटों की खेप गाजीपुर ले जा रहे थे। पुलिस अभी उनसे पूछताछ कर रही है। आरोपियों ने पुलिस को कुछ अहम जानकारियां दी हैं। पुलिस को उम्मीद है कि इसके जरिए आगे चलकर जाली नोटों के गोरखधंधे से जुड़े कई सौदागरों का चेहरा बेनकाब हो सकता है। सीओ ने बताया कि ये दोनों आरोपी कुछ वर्ष पूर्व गाजीपुर के नोनहरा पुलिस द्वारा एनडीपीएसएक्ट के मामले में जेल भेजे गए थे। जेल से छूटने के बाद दोनों जाली नोटों को खपाने के गोरखधंधे से जुड़ गए।
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चौबेपुर थानाध्यक्ष महेंद्र यादव मुखबिर की सूचना पर कादीपुर रेलवे स्टेशन के पास घेरेबंदी करने पहुंचे। यहां गाजीपुर जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहे दो लोग पुलिस को देखकर भागने लगे। पीछा कर पुलिस ने दोनों को धर-दबोचा। उनके पास मिले झोले की तलाशी ली गई तो तीस हजार रुपये जाली नोट बरामद हुए। सूचना पर एलआईयू, बैंक, आईबी, एटीएस, क्राइम ब्रांच से जुड़े अफसर भी चौबेपुर थाने पहुंच गए। जांच एजेंसियों की ओर से फेक करेंसी डिटेक्टर मशीन से जांच की गई तो बरामद नोट जाली मिले। पुलिस की पूछताछ से पता चला कि पकडे़ गए आरोपियों में गाजीपुर के देवकली का रहने वाला श्रवण बिंद और अंबिका बिंद है।
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सीओ पिंडरा परमहंस मिश्र के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह पहली बार ही जाली नोटों की खेप गाजीपुर ले जा रहे थे। पुलिस अभी उनसे पूछताछ कर रही है। आरोपियों ने पुलिस को कुछ अहम जानकारियां दी हैं। पुलिस को उम्मीद है कि इसके जरिए आगे चलकर जाली नोटों के गोरखधंधे से जुड़े कई सौदागरों का चेहरा बेनकाब हो सकता है। सीओ ने बताया कि ये दोनों आरोपी कुछ वर्ष पूर्व गाजीपुर के नोनहरा पुलिस द्वारा एनडीपीएसएक्ट के मामले में जेल भेजे गए थे। जेल से छूटने के बाद दोनों जाली नोटों को खपाने के गोरखधंधे से जुड़ गए।
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