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आरपीएफ ने मंडुवाडीह स्टेशन से दो फर्जी टीटीई को किया गिरफ्तार
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 30 Jun 2017 10:43 AM IST
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मंडुवाडीह स्टेशन से पकड़े गए दो फर्जी टीटीई
- फोटो : अमर उजाला
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रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी का एक और मामला बुधवार की रात तब सामने आया जब बाकायदा ड्रेस में मंडुवाडीह स्टेशन पर टिकट चेक कर रहे दो फर्जी टिकट परीक्षकों को आरपीएफ ने धर दबोचा।
पता चला कि दिल्ली के किसी बेणुगोपाल नामक शख्स ने इनसे नौकरी के नाम पर सात-सात लाख रुपये लिए और उसने ही फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर यहां ड्यूटी के लिए भेजा था। इनके साथ चार और को भी नियुक्ति पत्र दिए गए थे। उन्हें भी ड्यूटी के नाम पर इसी क्षेत्र में ले आया गया है।
आरपीएफ ने दोनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें कैंट पुलिस के हवाले कर दिया। साथ ही, बाकी चार युवाओं की भी तलाश शुरू कर दी गई है।
मंडुवाडीह आरपीएफ की टीम बुधवार की रात रूटीन गश्त पर निकली थी।
तभी करीब 8:10 बजे मऊ की ओर से आने वाली गाड़ी संख्या 75105 स्टेशन पर आकर रुकी। दो टिकट परीक्षक इसी ट्रेन से उतरे और प्लेटफार्म पर यात्रियों के टिकट चेक करने लगे। आरपीएफ के जवानों के इनके हावभाव को देख शक हुआ।
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उन्होंने दोनों से पूछताछ की तो वे कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। दोनों को आरपीएफ पोस्ट ले आया गया और उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। पता चला कि किसी नए टिकट परीक्षक की नियुक्ति नहीं हुई है।
इस पर इंस्पेक्टर दिमाक सिंह ने उनसे सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने सारी कहानी बयां कर दी। उन्होंने अपना नाम-पता क्रमश: सुनील सिंह पुत्र शंकर सिंह निवासी जहांगीरपुर, नई दिल्ली और अनमोल मेंसल पुत्र बृजेश मेंसल निवासी सिविल लाइंस, मुरादाबाद बताया।
दोनों ने बताया कि उनकी मुलाकात कुछ दिन पहले नई दिल्ली में बेणुगोपाल नामक व्यक्ति से हुई। उसने उन्हें अरुण श्रीवास्तव नामक व्यक्ति से मिलवाया। अरुण को डीरेका का कर्मचारी बताया था। उनके साथ चार और युवाओं से टीटी की नौकरी के लिए सात-सात लाख रुपये में सौदा तय हुआ।
फिर नियुक्ति पत्र देकर इन दोनों का कैंसर हॉस्पिटल लहरतारा में दो दिन पूर्व मेडिकल भी करवाया गया। मेडिकल के बाद ट्रेनिंग के लिए इनको डीरेका लाया गया। जहां पर बताया गया कि अधिकारी आज नहीं आए हैं। फिर इन्हें कैंट स्थित एक होटल में रोका गया।
इनको मंडुवाडीह से ज्ञानपुर तक ट्रेन में टिकट चेक करने की जिम्मेदारी देकर दलाल गायब हो गए। नौकरी शुरू करने के दूसरे दिन ही यह आरपीएफ के हत्थे चढ़ गए।
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पता चला कि दिल्ली के किसी बेणुगोपाल नामक शख्स ने इनसे नौकरी के नाम पर सात-सात लाख रुपये लिए और उसने ही फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर यहां ड्यूटी के लिए भेजा था। इनके साथ चार और को भी नियुक्ति पत्र दिए गए थे। उन्हें भी ड्यूटी के नाम पर इसी क्षेत्र में ले आया गया है।
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आरपीएफ ने दोनों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर उन्हें कैंट पुलिस के हवाले कर दिया। साथ ही, बाकी चार युवाओं की भी तलाश शुरू कर दी गई है।
मंडुवाडीह आरपीएफ की टीम बुधवार की रात रूटीन गश्त पर निकली थी।
तभी करीब 8:10 बजे मऊ की ओर से आने वाली गाड़ी संख्या 75105 स्टेशन पर आकर रुकी। दो टिकट परीक्षक इसी ट्रेन से उतरे और प्लेटफार्म पर यात्रियों के टिकट चेक करने लगे। आरपीएफ के जवानों के इनके हावभाव को देख शक हुआ।
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उन्होंने दोनों से पूछताछ की तो वे कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। दोनों को आरपीएफ पोस्ट ले आया गया और उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। पता चला कि किसी नए टिकट परीक्षक की नियुक्ति नहीं हुई है।
इस पर इंस्पेक्टर दिमाक सिंह ने उनसे सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने सारी कहानी बयां कर दी। उन्होंने अपना नाम-पता क्रमश: सुनील सिंह पुत्र शंकर सिंह निवासी जहांगीरपुर, नई दिल्ली और अनमोल मेंसल पुत्र बृजेश मेंसल निवासी सिविल लाइंस, मुरादाबाद बताया।
दोनों ने बताया कि उनकी मुलाकात कुछ दिन पहले नई दिल्ली में बेणुगोपाल नामक व्यक्ति से हुई। उसने उन्हें अरुण श्रीवास्तव नामक व्यक्ति से मिलवाया। अरुण को डीरेका का कर्मचारी बताया था। उनके साथ चार और युवाओं से टीटी की नौकरी के लिए सात-सात लाख रुपये में सौदा तय हुआ।
फिर नियुक्ति पत्र देकर इन दोनों का कैंसर हॉस्पिटल लहरतारा में दो दिन पूर्व मेडिकल भी करवाया गया। मेडिकल के बाद ट्रेनिंग के लिए इनको डीरेका लाया गया। जहां पर बताया गया कि अधिकारी आज नहीं आए हैं। फिर इन्हें कैंट स्थित एक होटल में रोका गया।
इनको मंडुवाडीह से ज्ञानपुर तक ट्रेन में टिकट चेक करने की जिम्मेदारी देकर दलाल गायब हो गए। नौकरी शुरू करने के दूसरे दिन ही यह आरपीएफ के हत्थे चढ़ गए।
‘छोड़ दो नहीं तो वर्दी उतरवा दूंगा’
गिरफ्तार दो फर्जी टीटीई
- फोटो : अमर उजाला
आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि दोनों युवकों के पास से मिली जानकारी के आधार पर जब उन्होंने दलालों को फोन मिलाया तो उनमें एक ने अपना नाम बेणुगोपाल बताते हुए उन्हें धमकी दी।
खुद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम का पीए बताते हुए कहा कि उन्हें छोड़ दो वरना 24 घंटे के अंदर वर्दी उतरवा दूंगा। आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि जिन चार और युवकों से रुपये लिए गए हैं, उनमें मुरादाबाद का राहुल, कामता और वैभव हरियाणा के रोहतक निवासी मंजीत शामिल है।
खुद पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम का पीए बताते हुए कहा कि उन्हें छोड़ दो वरना 24 घंटे के अंदर वर्दी उतरवा दूंगा। आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि जिन चार और युवकों से रुपये लिए गए हैं, उनमें मुरादाबाद का राहुल, कामता और वैभव हरियाणा के रोहतक निवासी मंजीत शामिल है।