फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   truth of ghazipur gahmar vilaagers outrage an chaos

गाजीपुर के गहमर का बवालः आम लोगों के दिल में पहले से था गम और गुस्सा

Tue, 21 Feb 2017 05:47 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/गाजीपुर
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/गाजीपुर Updated Tue, 21 Feb 2017 05:47 PM IST
विज्ञापन
truth of ghazipur gahmar vilaagers outrage an chaos
ताड़ीघाट-बारा मार्ग पर लोगों का सुलग रहा था गुस्सा - फोटो : amar ujala
एशिया के सबसे बड़े गांव गाजीपुर के गहमर गांव में शनिवार को भूसी लदे ट्रक के पलटने चार लोगों की मौत के बाद मचे तांडव को लेकर प्रशासन अभी तक हलकान है। घटना के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है। 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है।
विज्ञापन


दर्जन भर लोग हिरासत में भी लिए गए हैं। लेकिन सवाल वही की आखिर ऐसा हुआ क्यों। हर घर से एक जवान देने वाले गांव में प्रशासन के खिलाफ इतना गुस्सा कैसे आया। ताड़ीघाट-बारा मार्ग की हालत काफी दिनों से जर्जर थी। ऐसा होने के चलते लोगों के अंदर गम और गुस्सा अंदर ही अंदर सुलग रहा था।
विज्ञापन


लोग कई बार सड़क की मरम्मत को लेकर जनप्रतिनिधियों से लेकर विभागीय अधिकारियों के समाने गुहार करने के साथ ही धरना प्रदर्शन तक कर चुके थे। लेकिन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के कान तक जूं नहीं रेंगी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


शनिवार को सब्र का बांध टूट गया। भूसी लदे ट्रक के पलटने और उसमें चार लोगों के मरने की सूचना पर गुस्सा फूट पड़ा और बड़ी घटना में तब्दील हो गया। ग्रामीणों ने थाने को आग के हवाले कर दिया। सड़क को लेकर गुस्सा लोगों के दिल और दिमाग में पहले से ही घर कर गया था। क्षतिग्रस्त मार्ग पर ओवरलोड वाहनों का फंसना, जाम लगना और पुलिस की बार्डर पर वसूली में संलिप्त होना ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ था। 

घटना होने के  काफी देर बाद पुलिस के पहुंचने के चलते लोगों का गुस्सा और भड़क गया था। लोगों का आरोप है कि किसी घटना की सूचना के बाद पुलिस तत्काल  नहीं पहुंचती।

मालूम हो कि खराब सड़क पर भारी वाहन के आवागमन से हमेशा ट्रकों के फंस जाने से आवागमन ठप होने जाने के चलते ट्रकों की लंबी लाइन लग जाती है, जिससे  ग्रामीणों को आने जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ती है।

उपद्रवियों पर होगी रासुका के तहत कार्रवाई

truth of ghazipur gahmar vilaagers outrage an chaos
गहमर गांव में तनाव पूर्ण शांति - फोटो : amar ujala
थाने में आगजनी और तोड़फोड़ करने वाले 30 उपद्रवियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। घटना के त्वरित कार्रवाई के लिए एसपी ग्रामीण अनिल कुमार सिसौदिया की देख-रेख में दो कंपनी पीएसी, महिला पुलिस सहित कई थानाध्यक्षों को तैनात किया गया है। गहमर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।

जिला प्रशासन विस चुनाव के पहले जनपद में जहां अमन-चैन बहाल करने लगा था, वहीं गहमर में हुए बवाल ने उसे परेशानी में डाल दिया है।
पुलिस अधीक्षक  सुभाष चंद्र दूबे ने बताया कि गहमर थाने में  तोड़फोड़ कर आगजनी करने वाले शरारती तत्वों को सीसीटीवी कैमरे में फुटेज  के आधार पर पकड़ा जाएगा। कहा कि उपद्रवियों के  खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना योजना बद्ध  तरीके से अंजाम दी गई है। एक मामूली दुर्घटना को राजनैतिक रुप देने के  लिए पूरा उपद्रव कराया गया है। जिसके तहत ट्रकों तथा पुलिस वाहनों और  मोटर साइकिलों को तोड़फोड़ कर आग के हवाले कर दिया गया। कहा कि ऐसे लोग जो विस चुनाव  में शांति भंग करना चाहते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी़।

सीसीटीबी कैमरा तोड़ने सहित अन्य उपद्रव करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। आने  वाले चुनाव कार्यक्रमों में कोई भी शांति भंग करने की कोशिश न कर सके इसके लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे। पुलिस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच करेेगी। किसी भी  बेगुनाह को पुलिस परेशान नहीं करेगी।

लेकिन उपद्रवियों को किसी भी कीमत पर  बख्सा नही जायेगा। शनिवार की शाम हुए हादसे में  एक बच्चे  राजकुमार की मौत हुई है और दो लोग घायल हुए हैं।


 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed