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जिला जेल में फिर बवाल, मारपीट और आगजनी

Mon, 04 Apr 2016 01:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Mon, 04 Apr 2016 01:31 AM IST
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Then a commotion in the district jail, beatings and arson
जिला जेल में फिर बवाल
जिला जेल का माहौल 30 घंटे बाद रविवार की रात एक बार फिर तल्ख हो उठा। शनिवार के बवाल के दौरान जेल प्रशासन का सहयोग करने का आरोप लगाते हुए बंदियों ने बैरक नंबर आठ में बंदी राइटर हरेंद्र सिंह की पिटाई कर दी। मारपीट और हंगामे के दौरान हिंसक हुए बंदियों ने कहा कि डीएम के कहने के बावजूद आखिर उनके खिलाफ नामजद मुकदमा कैसे दर्ज हुआ। डीआईजी जेल एसके श्रीवास्तव की मौजूदगी में ही मारपीट की जानकारी मिलते ही जेल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
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घटना की जानकारी तत्काल जिलाधिकारी को दी गई। थोड़ी ही देर में शहर भर के थानों की फोर्स जेल पहुंच गई। फोर्स अंदर न घुसे, इसलिए दबाव बनाने के लिए बंदियों ने पांच नंबर बैरक में आग लगा दी। हालांकि, जेल प्रशासन ने अग्निशमन यंत्र से आग पर काबू पा लिया। इसके बाद फोर्स ने सभी बैरकों में देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाकर उपद्रवियों को शांत कराया।
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जिला कारागार में शनिवार को सुबह नौ से 4:30 बजे तक मारपीट, पथराव, तोड़फोड़ और फायरिंग के दौरान कुछ बंदी ऐसे भी थे जो बवालियों को शांत करा रहे थे। बताया जाता है कि रविवार को शांत कराने वाले बंदी बवालियों के निशाने पर थे। इसी खुन्नस में बैरक नंबर आठ में बंदी राइटर हरेंद्र सिंह की पिटाई की गई। इसी दौरान बैरक नंबर दो, पांच, 12 और 13 के बंदी भी हंगामा करने लगे। शहर भर के थानों की फोर्स, पीएसी और क्राइम ब्रांच के जेल पहुंचने की जानकारी मिलते ही बंदियों ने पांच नंबर बैरक में कागज और कंबल इकट्ठा कर आग लगा दी ताकि कोई बैरकों की तरफ न आए।
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इसकी जानकारी पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी और फायर फैंटम दस्ता भी जेल पहुंच गया। तब तक जेल के भीतर के अग्निशमन यंत्र से आग पर काबू पा लिया गया और घायल बंदी राइटर हरेंद्र को जेल अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद फोर्स ने बैरकों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। रात पौने दस बजे के लगभग अनियंत्रित हुई स्थिति 11 बजे तक पूरी तरह से काबू में आ गई।


जिलाधिकारी राजमणि यादव ने बताया कि जेल में बंदियों के बीच आपसी झगड़ा हुआ था। मौके पर एडीएम सिटी और एसीएम चतुर्थ हैं। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। रविवार के घटनाक्रम की जांच भी वही अधिकारी करेंगे जो शनिवार के मामले की कर रहे हैं। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। 
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