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गाजीपुर में दस साल के आरिफ की बेरहमी से हत्या, ग्रामीणों में आक्रोश

Fri, 30 Jun 2017 10:41 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Fri, 30 Jun 2017 10:41 AM IST
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ten years old boy murder in ghazipur
गुस्साए ग्रामीणों ने कठवामोड़-नोनहरा मार्ग पर लगाया जाम - फोटो : अमर उजाला
गाजीपुर जिले के एक गांव में दस साल के बालक की गला रेत कर हत्या कर दी गई। उसका शव गुरुवार सुबह खेत में फेंका मिला। बालक का शव दे्खते ही ग्रामीण शोर मचाने लगे। पूरे गांव में कोहराम मच गया। कुछ ही देर में घटना स्थल पर भीड़ जुट गई। घटना से नाराज लोगों ने कठवामोड़-नोनहरा मार्ग पर जाम लगा दिया और थाने के मुख्य गेट पर पुलिस के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी।
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उधर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने का काफी प्रयास किया, लेकिन ग्रामीणों ने देने से इंकार कर दिया। लोग उच्चाधिकारियों को मौके पर आने तथा हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। सूचना पर पुलिस कप्तान सोमेन वर्मा समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा लोगों को किसी तरह शांत कराया। इस प्रकरण में पिता की तहरीर पर एक व्यक्ति के विरुद्ध नामजद मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
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थाना क्षेत्र के बरतर निवासी मंगरू अंसारी का बेटा आरिफ अंसारी (10) बुधवार की शाम अपने घर के बाहर बैठा था। देर शाम वह घरवालों को बिना बताए कहीं चला गया। देर रात जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिवार के लोग किसी अनहोनी की आशंका से उसकी तलाश करने लगे।
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घरवाले पूरी रात बालक की तलाश करते रहे, लेकिन वह नहीं मिला। गुरुवार की सुबह छह बजे खेत के तरफ गए ग्रामीणों ने ईख के खेत में बालक का शव देखा। बालक की हत्या की जानकारी होते ही घटना स्थल पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। घटना की सूचना होते ही थानाध्यक्ष मौके पर पहुंच गए और घटना स्थल का गंभीरता पूर्वक निरीक्षण किया। इस बीच वहां काफी संख्या में लोग पहुंच गए।

पुलिस मृत बालक के शव को कब्जे में लेना चाहा, लेकिन ग्रामीणों ने शव देने से मना कर दिया और थाने के पास कठवामोड़-नोनहरा मार्ग को जाम कर दिया। थानाध्यक्ष शिवकुमार मिश्रा ने ग्रामीणों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण उच्चाधिकारियों को बुलाने और हत्यारों के गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। इस दौरान ग्रामीण और थानाध्यक्ष के बीच काफी नोकझोंक भी हुई। इसके बाद ग्रामीण थाने का घेराव करने पहुंच गए।

जानकारी होते ही कई थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पहुंचे एसपी सोमेन वर्मा ने काफी समझा-बुझाकर ग्रामीणों का गुस्सा शांत कराया। तब जाकर कहीं पुलिस शव को कब्जे में ले पाई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर समाचार लिखे जाने तक पुलिस हत्यारोपी घनश्याम उपाध्याय निवासी नोनहरा को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ कर रही थी।

इस संबंध में एसपी सोमेन वर्मा ने बताया कि हत्या के कारण की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। क्राइम ब्रांच और पुलिस की टीम बनाकर जल्द मामले का खुलासा करने का निर्देश दिया गया है। पुलिस ने पिता की तहरीर पर नोनहरा गांव निवासी घनश्याम उपाध्याय के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। 

कटा सिर देख हर लोगों का कलेजा कांप उठा

ten years old boy murder in ghazipur
आरिफ के घर में रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
घर से महज चंद कदम दूर मासूम की सांसें टूट गईं। हत्यारे इतना बेखौफ थे कि घटना को थाने के ठीक पीछे अंजाम दिया। निर्ममता पूर्वक की गई बालक की हत्या के बाद शव को देख हर शख्स का कलेजा कांप उठा। लोग खुद से यह सवाल कर रहे थे कि आखिर मासूम ने किसी का क्या बिगाड़ा था?

बालक के साथ इतनी क्रूरता क्यों की? इस प्रकरण में एक व्यक्ति के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर उसे पकड़ लिया गया है लेकिन अभी तक हत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। थाने की चाहरदीवारी से सटे खेत में जिस प्रकार मासूम की हत्या की गई थी।

ऐसा प्रतीत हो रहा था कि हत्यारे ने बालक की हत्या किसी बड़ी दुश्मनी के कारण की है। गर्दन काटने के बाद शरीर के कई हिस्से में भी धारदार हथियार से वार किया गया था। घटना स्थल पर पहुंचे ग्रामीणों में इस बात को लेकर काफी चर्चा रही कि थाने के पास मासूम की हत्या कर दी गई और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।

आखिरकार थाने के पहरा, पुलिस गश्त, मोबाइल ड्यूटी के सिपाही और मार्शल कहां थे ? पुलिस रात में चक्रमण करने के बजाए क्या चैन की नींद सो रही थी? शव के कुछ ही दूरी पर पड़े शराब के बोतल घटना की कुछ और ही कहानी बयां कर रहे थे। हर कोई पुलिस की कार्यशौली को लेकर काफी गुस्से में था। ग्रामीणों का कहना था कि अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए तो डायल 100 सेवा शुरू की गई।

लेकिन वह भी बेमतलब साबित होती दिख रही है। ग्रामीण इस बात को लेकर भी चर्चा कर रहे थे कि अगर पुलिस की हनक और अपराध पर अंकुश पाने के लिए सक्रियता होती, तो शायद हत्यारा इतनी बड़ी घटना को अंजाम नहीं फरार नहीं हो पाता।       
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