फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   suicide by couple at mau

सऊदी से कमाकर लौटा था घर, शक के कारण उजड़ गई जिंदगी

Mon, 29 May 2017 08:17 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ
ब्यूरो, अमर उजाला, मऊ Updated Mon, 29 May 2017 08:17 PM IST
विज्ञापन
suicide by couple at mau
crime - फोटो : अमर उजाला

 

विज्ञापन

मऊ जिले के घोसी क्षेत्र के पिड़वल गांव के राजभर बस्ती में रविवार की रात हरेंद्र और उसकी पत्नी ने विवाद के बाद फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इस घटना की जानकारी लोगों को सोमवार की सुबह हुई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर दोनों के शव को बाहर निकाला।

मौका मुआयना करने के दौरान पूरी घटना संदिग्ध मिली। क्योंकि पत्नी का फंदा लगा शव फर्श पर पड़ा था जबकि पति का शव छत के हुक से लटका था। साथ ही उसके दोनों हाथ बंधे थे। घटना को लेकर गांव के लोग तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं।

विज्ञापन


पूछताछ में यह पता चला  कि कमरे में जाने से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। दंपती की खुदकुशी के बाद उनके दो बच्चे अनाथ हो गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक घोसी कोतवाली के पिड़वल गांव निवासी हरेंद्र राजभर (32) पुत्र रामदास अपने पैतृक आवास से अलग मकान बनाकर रहता था।

विज्ञापन
विज्ञापन

उसके परिवार में पत्नी रीना (30), पुत्री शिवांगी (9) और पुत्र शिवम (4) हैं। बताया जाता है हरेंद्र जीविकोपार्जन के लिए सऊदी रहता था। एक वर्ष बाद 25 मई को वह सऊदी से वापस लौटा था। पुलिस ने शुरुआती जांच में पाया कि रीना के मोबाइल पर कोई फोन आता था, इस पर पति हरेंद्र ने आपत्ति जताई।

रविवार को इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। इस दौरान बात ज्यादा बिगड़ गई।  विवाद की सूचना मिलने पर हरेंद्र के ससुर बसंत उसके घर आए। ससुर ने बेटी-दामाद से बात करके दोनों के बीच सुलह समझौता कराने प्रयास किया।

ससुर के सामने तो दोनों शांत हो गए लेकिन उनके जाने के बाद दोनों के बीच पुन: जमकर विवाद हुआ।

 

देर तक ना खुला दरवाजा तो हुआ शक

suicide by couple at mau
मृतक - फोटो : अमर उजाला
रात में बच्चों को खाना खिलाने के बाद दोनों कमरे में सोने चले गए।  सोमवार की सुबह देर तक दरवाजा न खुलने पर पड़ोसियों ने दस्तक दी। नौ वर्षीय पुत्री शिवांगी ने दरवाजा खोला। लोगों के पूछने पर शिवांगी ने बताया कि मम्मी पापा कमरे में सो रहें हैं। इस दौरान जब लोगों ने खिड़की से अंदर झांककर देखा, तो हतप्रभ रह गए।

हरेंद्र की लाश छत से लटकती दिखी। यह खबर पूरे गांव में जंगल की आग की तरह फैल गई। मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। किसी ने घटना की सूचना पुलिस को दिया। पुलिस कमरे के अंदर पहुंची तो देखा कि हरेंद्र की लाश साड़ी के फंदे के सहारे पंखे के हुक से लटक रही है।

साथ ही उसके दोनों के हाथ बंधे थे। पत्नी रीना की लाश फर्श पर थी। उसका चेहरा नीला पड़ गया था। पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या मामला संदिग्ध लगा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है।

घटना के समय मृतक हरेंद्र की मां रिश्तेदारी की शादी में गई थी। सूचना मिलने पर वह घर लौटी थी। मृत युवक हरेंद्र चार भाइयों में सबसे बड़ा था। उसकी शादी 2007 में घोसी कोतवाली के मसीना गांव निवासी बसंत राजभर की पुत्री रीना से हुई थी। हरेंद्र के तीन भाई नरेंद्र, हरिनारायण और हरिराम पुराने घर में रहते हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed