बीएचयू में छात्रों का धरना, अस्पताल में हड़ताल, मरीज बेहाल
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बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में सोमवार की रात जूनियर डॉक्टर्स और छात्रों के बीच हुए विवाद का असर दूसरे दिन भी दिखा। घटना के विरोध में देर रात जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। वहीं, डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार को छात्रों ने केंद्रीय कार्यालय पर जमकर हंगामा किया।
कुछ छात्रों ने केंद्रीय कार्यालय चौराहे पर सड़क जाम कर दी तो सौ से अधिक छात्र केंद्रीय कार्यालय पहुंच गए। छात्रों को केंद्रीय कार्यालय तक पहुंचने से रोकने की सुरक्षाकर्मियों की तमाम कोशिशें धरी रह गईं। सुरक्षाकर्मियों ने अंदर से कार्यालय का चैनल को बंद कर दिया तो छात्र वहीं धरने पर बैठ गए।
एक ओर जहां छात्र जूनियर डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे, वहीं दूसरी ओर हड़ताल के जरिए जूनियर डॉक्टर भी अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। डॉक्टरों की हड़ताल के चलते मरीजों और तीमारदारों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ीं।
सोमवार को विज्ञान संस्थान का छात्र शुभम सिंह अपनी दादी के इलाज के लिए अस्पताल आया था। उसकी दादी को प्रसूति तंत्र विभाग में भर्ती किया गया था। शाम को शुभम लेबर रूम में प्रवेश कर गया जहां किसी भी पुरुष अटेंडेंट का प्रवेश प्रतिबंधित है। इसी बात पर विवाद शुरू हुआ।
आरोप है कि महिला चिकित्सकों ने जब उसे मना किया तो उसने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उधर, छात्र का आरोप है कि जूनियर डॉ. मीत मीनारे ने उसे थप्पड़ मारा।
इसके बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय ने जूनियर डॉक्टरों की शिकायत पर विज्ञान संस्थान के तीन छात्रों के खिलाफ लंका थाने में तहरीर दी।
सैकड़ों छात्रों ने रात में किया कुलपति आवास का घेराव
इसके विरोध में बीएचयू के सैकड़ों छात्रों ने रात साढ़े नौ बजे कुलपति आवास का घेराव कर दिया। कुलपति द्वारा कार्रवाई का आश्वासन देने पर छात्रों ने सोमवार रात करीब ढाई बजे अपना धरना खत्म किया।
उधर, देर रात ही जूनियर डॉक्टर आरोपी छात्र पर कार्रवाई और अस्पताल में सुरक्षा की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए। मंगलवार की सुबह जब इसकी जानकारी छात्रों को हुई, उन्होंने फिर हंगामा शुरू कर दिया। ब्रोचा हॉस्टल से लेकर छात्र अधिष्ठाता कार्यालय तक उन्होंने जुलूस निकाला।
केंद्रीय कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। छात्रों ने विज्ञान संस्थान समेत सामाजिक विज्ञान संकाय और कला संकाय की कक्षाएं भी बंद करा दीं। उधर, हंगामे की आशंका को देखते हुए विश्वनाथ मंदिर के आसपास दूकानें बंद रहीं। केंद्रीय कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित रहा।